मिशेल बाशेलेट

यूए मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने, मई 2022 में अपनी चीन यात्रा के दौरान शिन्जियांग के उईगर स्वायत्त क्षेत्र का भी दौरा किया.
OHCHR

चीन शिंजियांग में, 'गम्भीर मानवाधिकार उल्लंघन' के लिये ज़िम्मेदार: यूएन मानवाधिकार रिपोर्ट

चीन के तथाकथित शिंजियांग उवीगर स्वायत्त क्षेत्र (XUAR) के बारे में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय -OHCHR की एक बहु प्रतीक्षित रिपोर्ट में कहा गया है कि वहाँ उवीगर और “अन्य मुख्यतः मुस्लिम समुदायों” के मानवाधिकारों के गम्भीर उल्लंघन हुए हैं.

© OHCHR/Anthony Headley

साक्षात्कार: यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट के साथ विदाई बातचीत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट, इस पद पर चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अगस्त में, इस ज़िम्मेदारी को अलविदा कह रही हैं. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ अपने विदाई साक्षात्कार में कहा है कि उन्होंने हमेशा ही अपनी बात किसी भी डर के बिना रखी है. मगर उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि ये ज़िम्मेदारी, देशों को स्वतंत्रताओं को सीमित करने से रोकने के लिये, लगातार चुनौतियों से भरी हुई है.

रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश के कॉक्सेज़ बाज़ार शरणार्थी शिविर की तरफ़ जाते हुए. (फ़ाइल फ़ोटो)
UNOCHA/David Dare Parker

यूएन मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट - बांग्लादेश की यात्रा पर

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय OHCHR ने शुक्रवार को बताया है कि मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट, सप्ताहान्त पर बांग्लादेश की यात्रा करेंगी.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात शहर में एक मस्जिद के सामने भिक्षा का इन्तज़ार करती महिलाएँ और बच्चे.
UNAMA/Abdul Hamed Wahidi

अफ़ग़ानिस्तान: एक पीढ़ी में 'सबसे कठिन पल' से गुज़रता देश

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने मानवाधिकार परिषद को अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए बताया है कि स्थानीय आबादी, एक पीढ़ी में "सबसे बुरे क्षणों" से गुज़र रही हैं.

यूक्रेन में एक महिला अपने बच्चे के साथ, सुरक्षा के लिये बेहतर स्थान पर ले जाने की प्रतीक्षा करते हुए.
© IMF

‘यूक्रेन और बढ़ती वैश्विक असुरक्षा, हम सब के लिये परीक्षा’, मानवाधिकार प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने सोमवार को मानवाधिकार परिषद के 50वें सत्र के प्रारम्भ को सम्बोधित करते हुए कहा है कि यूक्रेन में युद्ध ने भीषण तबाही मचाना और बहुत से लोगों की ज़िन्दगियाँ तबाह करना जारी रखा हुआ है, और इस युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक खाद्य, ईंधन व वित्तीय संकट को सीमित करना, हर एक इनसान की ज़िम्मेदारी है. 

यूए मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने, मई 2022 में अपनी चीन यात्रा के दौरान शिन्जियांग के उईगर स्वायत्त क्षेत्र का भी दौरा किया.
OHCHR

यूएन मानवाधिकार प्रमुख की चीन यात्रा, बेहतर सम्बन्धों के वादे के साथ सम्पन्न

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने चीन की अपनी आधिकारिक यात्रा के समापन पर, उनके कार्यालय और चीन सरकार के बीच मानवाधिकार मुद्दों पर सम्पर्क क़ायम करने के नए क्षेत्रों की घोषणा की है. उन्होंने छह दिन के इस यात्रा मिशन के दौरान उठाए गए विभिन्न मानवाधिकार मुद्दों के बारे में निष्कर्ष भी जारी किये हैं.

इथियोपिया के टिगरे क्षेत्र की एक महिला शरणार्थी/विस्थापित महिला, सूडान में एक सुविधा केन्द्र पर प्रतीक्षा करते हुए.
© UNHCR/Will Swanson

टीगरे: तोप हमलों में, सैकड़ों आम लोगों के मारे जाने की ख़बरों पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में, आम लोगों पर तोपों के हमलों और ग़ैर-लड़ाकों की सामूहिक हत्या किये जाने की ख़बरों की जाँच किया जाना ज़रूरी है, और स्वतंत्र जाँचकर्ताओं को पूरी सुविधा मिलनी चाहिये.

भारत में एक सड़क का दृश्य. अगस्त 2020
© UNICEF/Vinay Panjwani

भारत: मानवाधिकार संगठनों पर पाबन्दियों और कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने भारत सरकार से मानवाधिकारों के पैरोकारों और ग़ैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के कार्यकर्ताओं के अधिकारों की गारण्टी सुनिश्चित करने की अपील की है. साथ ही इन कार्यकर्ताओं के लिये ऐसा माहौल भी सुनिश्चित किया जाए जिसमें वो ऐसे अनेक संगठनों व समूहों की ख़ातिर किया जाने वाला काम जारी रखने योग्य हों, जिनका वो प्रतिनिधित्व करते हैं.

बेलारूस में लोकतन्त्र के समर्थन में ध्वज फ़हराते हुए प्रदर्शनकारी
Kseniya Halubovich

अन्याय का सामना करने के लिये उठ खड़े हों, मिशेल बाशेलेट की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का नया सत्र जिनीवा में मंगलवार को शुरू हुआ जिसमें सदस्य देशों ने निजी तौर पर इसमें शिरकत की. यूएन मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तमाम देशों से आग्रह किया कि वो हर जगह अन्याय का मुक़ाबला करने के लिये हर सम्भव प्रयास व उपाय करने में कोई कमी ना छोड़ें.

जिनीवा में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट.
UN Photo/Antoine Tardy

भारत में आंतरिक प्रवासियों की दशा पर चिंता, एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मशेल बाशेलेट ने कहा है कि भारत में कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए लॉकडाउन यानी तालंबादी की अचानक हुई घोषणा से बुरी तरह प्रभावित हुए लाखों अंदरूनी प्रवासियों की विशाल तकलीफ़ें देखकर वो बहुत चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि इन कामगारों को लॉकडाउन की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर अपने कामकाज के स्थानों को छोड़कर अपने घरों व मूल स्थानों के लिए रवाना होना पड़ा क्योंकि उनके पास भोजन व घर का किराया देने के लिए धन नहीं बचा था.