मानवीय सहायता

'दुनिया घिरी हुई है - मानवीय सहायता अभियानों पर संकटों के तूफ़ान में'

संयुक्त राष्ट्र की उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि दुनिया भर में रक्त रंजित संघर्षों और अशान्त हालात में बहुत तेज़ी देखी गई है जिनके कारण मानवीय सहायता कार्यक्रम संकटों का सामना कर रहे हैं, और संघर्षों वाले क्षेत्रों में, आम आबादी को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है.

टीगरे में मानवीय सहायता क़ाफ़िले निर्बाध व जल्द पहुँचने देने की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने इथियोपिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र टीगरे में मानवीय  सहायता सामग्री जल्द से जल्द पहुँचाने के लिये बाधा रहित पहुँच आसान बनाने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों द्वारा भेजे गए ट्रक कई दिनों की यात्रा के बाद हाल ही में टीगरे की राजधानी मेकेल्ले पहुँचे पाए हैं और उन्हें रास्ते में अनेक स्थानों पर तलाशी व जाँच-पड़ताल का सामना करना पड़ा जिससे बहुत देर हुई.

दक्षिण सूडान: आज़ादी के 10 वर्ष बाद भी बच्चों के लिये निराशा व हताशा के हालात

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष - यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि दक्षिण सूडान द्वारा आज़ादी हासिल करने के 10 वर्ष बाद भी, अब और ज़्यादा बच्चों को, पहले से कहीं ज़्यादा मानवीय सहायता की सख़्त ज़रूरत है.

टीगरे में 4 लाख लोग अकाल की चपेट में, तुरन्त सम्पूर्ण युद्धविराम की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र टीगरे में मौजूदा अशान्त स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए तुरन्त वास्तविक युद्धविराम लागू किये जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है ताकि वहाँ एक राजनैतिक समाधान तलाश करने की ख़ातिर संवाद के लिये रास्ता साफ़ किया जा सके.

टीगरे में लाखों प्रभावितों तक सहायता पहुँचाने के लिये निर्बाध पहुँच की दरकार

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने इथियोपिया के युद्धग्रस्त इलाक़े टीगरे में सहायता अभियान फिर से शुरू कर दिये हैं. उस क्षेत्र में पिछले सप्ताह लड़ाई भड़कने के बाद सहायता अभियान रोकने पड़े थे, हालाँकि यूएन एजेंसी ने शुक्रवार को आगाह भी किया है कि वहाँ सम्पूर्ण मानवीय सहायता कार्य करने के रास्ते में “गम्भीर चुनौतियाँ” दरपेश हैं.

भारत: कठिन घड़ी में मेज़बान समुदाय की मदद का जज़्बा

ग़फ़्फ़ार दाराबियान मूलत: ईरान से हैं, मगर वर्ष 1994 में उन्हें देश छोड़ने के लिये मजबूर होना पड़ा जिसके बाद उन्होंने भारत के पुणे शहर में शरण ली. भारत में कोरोनावायरस संकट के दौरान, ग़फ़्फ़ार आगे बढ़कर ज़रूरतमन्दों को सहारा दे रहे हैं.

मध्य पूर्व: मध्यस्थता व मानवीय राहत प्रयासों को मज़बूती देने का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा है कि ग़ाज़ा और इसराइल में लड़ाई व हिंसा को थामने के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को हरसम्भव प्रयास करने होंगे. यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को फ़लस्तीन के प्रश्न पर य़ूएन फ़ोरम की बैठक को सम्बोधित करते हुए सभी पक्षों से मध्यस्थता की कोशिशों को सहारा देने का आहवान किया है ताकि ग़ाज़ा पट्टी में मानवीय संकट को बढ़ने से रोका जा सके. 

म्यामाँर: राजनैतिक संकट के बीच, लोगों तक भोजन पहुँचाने की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), म्याँमार में मौजूदा राजनैतिक संकट के कारण उत्पन्न हालात के बीच खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लाखों लोगों के लिये भोजन व अन्य सहायता पहुँचाने के प्रबन्ध करने में सक्रिय है. म्याँमार में यूएन खाद्य एजेंसी के उप निदेशक मारकस प्रायर ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि बैंकिग व्यवस्था चरमराने के कारण, लोगों को, भोजन असुरक्षा के साथ-साथ, भोजन ख़रीदने के लिये नक़दी का इन्तज़ाम करने की भी परेशानी भी हो रही है...

म्याँमार: ताज़ा झड़पों के कारण हज़ारों लोग विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के कार्यालय (OCHA) ने कहा है कि म्याँमार में सुरक्षा बलों और क्षेत्रीय सशस्त्र गुटों के बीच ताज़ा लड़ाई के कारण, देश भर में, हज़ारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

फ़लस्तीनी इलाक़ों में, इसराइली बाशिन्दों की हिंसा बढ़ी, मानवाधिकार विशेषज्ञों की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि इसराइल द्वारा क़ब्ज़ा किये हुए फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में बसाए गए इसराइली बाशिन्दों द्वारा फ़लस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा में, हाल के महीनों में तेज़ी आई है, और इस हिंसा के ज़िम्मेदार लोगों में क़ानून या दण्ड के लिये निडरता का माहौल भी देखा गया है.