मानवीय सहायता

अफ़ग़ानिस्तान: यूएन, धन की कमी के बावजूद, मदद के लिये मुस्तैद

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने फिर दोहराया है कि वो अफ़ग़ानिस्तान में, ज़रूरमन्दों की मदद करने के लिये वहाँ रुकने का पक्का इरादा रखते हैं, जबकि ज़्यादातर पश्चिमी देशों की सरकारों ने, अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी पूरी तरह ख़त्म कर दी है.

अफ़ग़ानिस्तान: यूएन एजेंसियाँ ज़मीन पर मदद के लिये मुस्तैद

अफ़ग़ानिस्तान में, संयुक्त राष्ट्र की तीन मानवीय सहायता एजेंसियों के प्रमुखों ने, बुधवार को, राजधानी काबुल से वीडियो लिंक के ज़रिये, न्यूयॉर्क स्थित पत्रकारों को सम्बोधित किया और यूएन एजेंसियों द्वारा अफ़ग़ान लोगों की मदद के लिये किये जा रहे जम़ीनी कार्यों की जानकारी दी. ये तीन एजेंसियाँ हैं विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR), और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF).

हेती: भीषण भूकम्प के कारण, हताहतों व तबाही का व्यापक दायरा

संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा है कि हेती में, शनिवार, 14 अगस्त को 7.2 की तीव्रता वाला भूकम्प आने के चार दिन बाद, जान-माल के भीषण नुक़सान और हताशा व घबराहट का बढ़ता स्तर नज़र आ रहा है और मृतक संख्या लगभग दो हज़ार हो गई है.

लेबनान: ईंधन व बिजली आपूर्ति में बाधा से, 'मानवीय त्रासदी' की आशंका

लेबनान में, संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष सहायता अधिकारी नजत रोश्दी ने आगाह करते हुए कहा है कि देश में, आशंकित मानवीय त्रासदी को टालने के लिये, ईंधन व बिजली की भरोसेमन्द व तत्काल आपूर्ति की सख़्त ज़रूरत है.

सीरिया के डेराआ में फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिये जोखिम बढ़ा, यूएन एजेंसी

फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिये संयुक्त राष्ट्र की राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) ने रविवार को आगाह करते हुए कहा है कि सीरिया के दक्षिणी इलाक़े में, एजेंसी के साथ पंजीकृत लगभग 30 हज़ार फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिये, हाल के समय में हुई लड़ाई के कारण, बहुत कमज़ोर हालात बन रहे हैं. ये हालात, डेराआ गवर्रनरेट और उसके आसपास हाल के समय में हुई लड़ाई के कारण उत्पन्न हुए हैं.

महामारी के दौर में, शरणार्थियों के पुनर्वास की संख्या में बढ़ोत्तरी की प्रतीक्षा

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - UNHCR) और विश्व बैंक की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से सीमाओं पर लगाई गई पाबन्दियों के कारण, सुरक्षित मेज़बान देशों में आश्रय दिये गए शरणार्थियों की संख्या में, तेज़ गिरावट दर्ज की गई है. इन हालात के कारण, निर्बल परिस्थितियों वाले लोगों के पुनर्वास में बाधाएँ बरक़रार हैं.

लेबनान: बेरूत विस्फोट का एक साल, तबाही बढ़ती ही गई है

लेबनान की राजधानी बेरूत के एक भण्डार ग्रह में, 4 अगस्त  2020 को हुए एक विनाशकारी विस्फोट ने, शहर के बीचों-बीच का एक ख़ासा बड़ा इलाक़ा तबाह कर दिया था. प्रभावित इलाक़ा ऐसा नज़र आ रहा था जैसे कि वहाँ कोई युद्ध लड़ा गया हो. उस विस्फोट के दिन, और बाद के दिनों में 200 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और हज़ारों अन्य घायल हुए. उस विस्फोट में, बहुत से लोगों की सम्पत्तियाँ व आजीविकाएँ पूरी तरह तबाह हो गई थीं.

म्याँमार: सैन्य तख़्तापलट के छह महीने बाद भी, मानवीय स्थिति बदतर हो रही है

म्याँमार में सेना द्वारा इस वर्ष एक फ़रवरी को तख़्तापलट करके सत्ता हथियाए जाने को, छह महीने का समय हो गया है, जिस दौरान गहराते राजनैतिक, मानवाधिकार और मानवीय संकट के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिन्ताएँ भी व्यक्त की गई हैं जिनके कारण देश के लोगों का जीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है.

'दुनिया घिरी हुई है - मानवीय सहायता अभियानों पर संकटों के तूफ़ान में'

संयुक्त राष्ट्र की उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि दुनिया भर में रक्त रंजित संघर्षों और अशान्त हालात में बहुत तेज़ी देखी गई है जिनके कारण मानवीय सहायता कार्यक्रम संकटों का सामना कर रहे हैं, और संघर्षों वाले क्षेत्रों में, आम आबादी को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है.

टीगरे में मानवीय सहायता क़ाफ़िले निर्बाध व जल्द पहुँचने देने की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने इथियोपिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र टीगरे में मानवीय  सहायता सामग्री जल्द से जल्द पहुँचाने के लिये बाधा रहित पहुँच आसान बनाने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों द्वारा भेजे गए ट्रक कई दिनों की यात्रा के बाद हाल ही में टीगरे की राजधानी मेकेल्ले पहुँचे पाए हैं और उन्हें रास्ते में अनेक स्थानों पर तलाशी व जाँच-पड़ताल का सामना करना पड़ा जिससे बहुत देर हुई.