मानवीय सहायता

43 देशों में, साढ़े चार करोड़ लोग हैं अकाल के मुँहाने पर

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया है कि 43 देशों में बिल्कुल अकाल के मुँहाने पर पहुँचे लोगों की संख्या बढ़कर साढ़े चार करोड़ हो गई है, जिसमें इस वर्ष की शुरुआत से ही 30 लाख की वृद्धि हुई है, क्योंकि दुनिया भर में गम्भीर भुखमरी की स्थिति और बदतर हो रही है.

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर आवाजाही आसान बनाये जाने का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने पाकिस्तान प्रशासन द्वारा अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर लोगों और सामान की आवाजाही को सरल बनाने के लिये क़दम उठाये जाने का स्वागत किया है. हाल के दिनों में सीमा चौकी पर आवाजाही में आए व्यवधान से बड़ी संख्या में अफ़ग़ान नागरिक प्रभावित हुए हैं और व्यापार पर भी असर पड़ा है. 

अफ़ग़ान लोगों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये 'जन अर्थव्यवस्था' कोष

संयुक्त राष्ट्र ने गुरूवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था बिखर जाने के कगार पर पहुँच गई है और आने वाले महीनों में, केवल तीन प्रतिशत घरों को छोड़कर, बाक़ी पूरी आबादी के, ग़रीबी की रेखा से नीचे चले जाने की आशंका प्रबल है.

यमन: 'अधर में लटकी है, भविष्य बेहतर होने की सम्भावना’

यमन में संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि पूरे देश में संघर्ष और हिंसा जारी रहने का बहुत भारी असर, देश के लोगों पर पड़ा है, जो चाहते हैं कि ये हिंसा व संघर्ष जल्द से जल्द ख़त्म हो जाए, ताकि वो अपनी ज़िन्दगियाँ फिर सामान्य तरीक़े से शुरू कर सकें.

इथियोपिया: यूएन कर्मचारियों के निष्कासन की आलोचना, जीवन बचाने पर ध्यान लगाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया सरकार से, देश में बहुत अहम मानवीय सहायता अभियान जारी रहने देने का आग्रह किया है. यूएन प्रमुख का ये बयान, ऐसे समय आया है जब इथियोपिया सरकार ने कुछ ही दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारियों को, अवांछित घोषित करते हुए, देश से निष्कासित कर दिया था.

खाद्य असुरक्षा के अभूतपूर्व और त्रासदीपूर्ण स्तर, समाधान तलाश करने की जुगत

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के अनुसार, दुनिया इस समय गम्भीर खाद्य असुरक्षा की अभूतपूर्ण और त्रासदी के स्तर वाली स्थितियों का सामना कर रही है, और अकाल की चपेट में आने के जोखिम का सामना कर रहे, लगभग 4 करोड़ 10 लाख लोगों की तत्काल मदद करने के वास्ते, क़रीब 6 अरब 60 करोड़ डॉलर की रक़म की तत्काल आवश्यकता है.

इथियोपिया: यूएन स्टाफ़ को निष्काषित करने के फ़ैसले से, सहायता अभियानों के लिये जोखिम

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने शुक्रवार को कहा है कि इथियोपिया से यूएन स्टाफ़ को निष्काषित करने के फ़ैसले से, देश के उत्तरी हिस्से में, युद्धग्रस्त इलाक़े में सहायता सामग्री के वितरण पर असर पड़ सकता है जहाँ ज़रूरतें और विस्थापन लगातार बढ़ रहे हैं.

इसराइली और फ़लस्तीनी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक पर उत्साह

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टॉर वैनेसलैण्ड ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि वो ये देखकर “प्रोत्साहित” महसूस कर रहे हैं कि हाल ही में वरिष्ठ इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों के बीच सम्पर्क स्थापित हुआ है. 

सीरिया: राजनैतिक हल के लिये ठोस कार्रवाई करने का अभी है सटीक समय

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने मंगलवार को कहा है कि सीरिया में दस वर्ष से जारी गृहयुद्ध में, जान-माल के भारी नुक़सान के बाद अब कुछ तुलनात्मक शान्ति का दौर नज़र आया है, और इसी दौर में, लड़ाई का ख़ात्मा करने के लिये, एक राजनैतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना बहुत ज़रूरी है.

76वाँ सत्र: सऊदी अरब के लिये शान्ति है ‘शीर्ष प्राथमिकता’

सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल-सऊद ने यूएन महासभा के 76वें सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय रिश्तों में उनकी प्राथमिकता, शान्ति को बढ़ावा देना है.