मानवीय सहायता

इथियोपिया: यूएन कर्मचारियों के निष्कासन की आलोचना, जीवन बचाने पर ध्यान लगाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया सरकार से, देश में बहुत अहम मानवीय सहायता अभियान जारी रहने देने का आग्रह किया है. यूएन प्रमुख का ये बयान, ऐसे समय आया है जब इथियोपिया सरकार ने कुछ ही दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारियों को, अवांछित घोषित करते हुए, देश से निष्कासित कर दिया था.

म्यामाँर: राजनैतिक संकट के बीच, लोगों तक भोजन पहुँचाने की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), म्याँमार में मौजूदा राजनैतिक संकट के कारण उत्पन्न हालात के बीच खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लाखों लोगों के लिये भोजन व अन्य सहायता पहुँचाने के प्रबन्ध करने में सक्रिय है. म्याँमार में यूएन खाद्य एजेंसी के उप निदेशक मारकस प्रायर ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि बैंकिग व्यवस्था चरमराने के कारण, लोगों को, भोजन असुरक्षा के साथ-साथ, भोजन ख़रीदने के लिये नक़दी का इन्तज़ाम करने की भी परेशानी भी हो रही है...

भारत: महामारी के दौरान निस्‍वार्थ सेवा से दिल जीतने वाले महावीर

भारत में संयुक्‍त राष्‍ट्र और नीति आयोग द्वारा डिस्‍कवरी चैनल की भागीदारी, और दीया मिर्ज़ा व सोनू सूद की मेज़बानी में, तीन हिस्‍सों वाली एक श्रृँखला, 'भारत के महावीर' शुरू की गई है, जिसमें कोविड-19 के दौरान ज़रूरतमन्दों की मदद करने के लिये, अपनी सीमाओं से परे जाकर काम करने वाले, देश भर के 12 चैम्पियन प्रस्‍तुत किये जा रहे हैं.

 

यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को वर्ष 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता घोषित किया गया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

यमन: युद्धरत पक्षों के बीच 1000 बन्दियों की रिहाई के लिये रज़ामन्दी

यमन में युद्धरत पक्ष बन्दियों के पहले समूह की रिहाई की के लिये रज़ामन्द हुए हैं. सप्ताहान्त के दौरान स्विट्ज़रलैण्ड़ में सप्ताह भर चली बैठक के आख़िर में ये रज़ामन्दी हुई जिसे संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने “एक बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव” क़रार दिया है.

शरणार्थियों और विस्थापितों के साथ हमदर्दी दिखाने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम देशों को संघर्षों, उत्पीणन और अन्य कारणों से बेघर और विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाया है. दुनिया भर में इन कारणों से लगभग 8 करोड़ लोग विस्थापित या शरणार्थी हैं.