मानवीय राहत

27 करोड़ से अधिक ज़रूरतमन्द लोगों के लिये 41 अरब डॉलर की दरकार

संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने, विश्व भर में बढ़ती मानवीय राहत ज़रूरतों के मद्देनज़र, अपनी एक वार्षिक समीक्षा योजना पेश की है, जिसमें वर्ष 2022 में ज़रूरतमन्दों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है. 

'अफ़ग़ान जनता से मुँह मोड़ने का समय नहीं', सहायता प्रयासों की पुकार

अफ़ग़ानिस्तान में हालात पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के वर्चस्व के बाद, स्थानीय आबादी को महसूस हो रहा है कि उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है, और उन्हें ऐसे हालात का दण्ड मिल रहा है, जिनमें उनका कोई दोष नहीं है. 

म्याँमार: हिंसा व मानवीय ज़रूरतों में चिन्ताजनक बढ़ोत्तरी, सहायता का आहवान

संयुक्त राष्ट्र के आपात राहत मामलों के समन्वयक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने आशंका जताई है कि म्याँमार संकट का शान्तिपूर्ण निपटारा किये जाने के अभाव में, देश में ज़रूरतमन्द लोगों की संख्या का बढ़ना जारी रहेगा. उन्होंने एक वक्तव्य में आगाह किया है कि अनेक इलाक़ों में हिंसा, टकराव और असुरक्षा के कारण चिन्ताजनक हालात हैं, जिसके मद्देनज़र मानवीय सहायता कार्य के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना होगा. 

आधी अफ़ग़ान आबादी के समक्ष भुखमरी का संकट - तत्काल सहायता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि अफ़ग़ानिस्तान में सूखे, हिंसक संघर्ष व अस्थिरता, कोविड-19 और आर्थिक संकट के कारण, देश की आधी से अधिक आबादी के पास खाने के लिये पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये ख़तरा पैदा हो रहा है. 

इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में हमलावर हवाई कार्रवाई की ख़बरों पर 'गहरी चिन्ता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र की राजधानी मैकेल्ले में, रिहायशी इलाक़ों पर हवाई हमलों की ख़बरों को चिन्ताजनक क़रार दिया है. 

देशों से, अफ़ग़ान शरणार्थियों के बिछड़े हुए परिवारों को मिलाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने शुक्रवार को देशों से आग्रह किया है कि अफ़ग़ान शरणार्थियों के परिवारों को फिर से मिलाने के लिये तेज़ी से प्रयास किये जाने होंगे. यूएन एजेंसी ने आगाह किया कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट गहरा रहा है और बड़ी संख्या में शरणार्थियों के परिजन या तो देश में ही पीछे छूट गए हैं या फिर अन्य पड़ोसी देशों में विस्थापित के रूप में रहने के लिये मजबूर हैं.

2020, एक कठिन परीक्षा का साल - यूएन के कामकाज पर वार्षिक रिपोर्ट पेश 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की वजह से स्वास्थ्य-सम्बन्धी, सामाजिक, आर्थिक व मानवाधिकारों के लिये पैदा हुए संकटों ने ना सिर्फ़ बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया है, बल्कि उनकी कठिन परीक्षा भी ली है. 

इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में दिनों-दिन गहराता मानवीय संकट

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में मानवीय सहायता संकट दिनों-दिन बदतर होता जा रहा है. हिंसा प्रभावित इलाक़े में मानवीय राहत सामग्री, नक़दी और ईंधन का भण्डार या तो बहुत कम है या पूरी तरह ख़त्म हो चुका है.

अफ़ग़ानिस्तान संकट: सितम्बर के अन्त तक खाद्य भण्डार ख़त्म होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को चेतावनी जारी की है कि अफ़ग़ानिस्तान में खाद्य भण्डार इसी महीने के अन्त तक समाप्त हो सकते हैं. इसके मद्देनज़र, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से देश के लिये समर्थन बढ़ाने की पुकार लगाई है. 
 

जीवनरक्षक चिकित्सा सामग्री की खेप पहुँची अफ़ग़ानिस्तान – यूएन स्वास्थ्य एजेंसी

अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के नियंत्रण के बाद पहली बार, संयुक्त राष्ट्र द्वारा वायु मार्ग से जीवनरक्षक चिकित्सा सामग्री देश में पहुँचाई गई है. यूएन एजेंसी के मुताबिक इस खेप की मदद से फ़िलहाल स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी.