मानवीय राहत

अफ़ग़ानिस्तान: बढ़ते मानवीय संकट के बीच सहायता धनराशि का अभाव

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आगाह किया है कि अफ़ग़ानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी, बढ़ती हिंसा और सूखे की समस्या जैसे कारणों से, बड़ी संख्या में आम लोग विस्थापन हो रहे हैं, जिससे एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो रहा है.

सीरिया: जीवनरक्षक मानवीय राहत जारी रखने की अवधि बढ़ाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवनरक्षक मानवीय राहत सामग्री लेकर, तुर्की से पश्चिमोत्तर सीरिया में आने वाले काफ़िलों की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखना होगा. 

इण्टरव्यू: मानवीय राहत ज़रूरतें घटाने के लिये 'हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, बीमारियों से निपटना होगा'

मार्क लोकॉक ने चार वर्ष पहले जब मानवीय मामलों व आपात राहत समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव के तौर ज़िम्मेदारी सम्भाली, तो उन्हें उम्मीद की थी कि वैश्विक स्तर पर मानवीय राहत ज़रूरतों में कमी आएगी. मगर, लम्बे समय से जारी हिंसक संघर्षों व उभरते टकरावों, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर और ईबोला व कोविड-19 जैसी बीमारियों के कारण ज़रूरतमन्दों की संख्या इस अवधि में अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है. अपना कार्यभार छोड़ने से पहले, मार्क लोकॉक के साथ यूएन न्यूज़ की एक ख़ास बातचीत....

म्याँमार: 'बड़े पैमाने पर मौतों' की रोकथाम के लिये कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में व्यापक पैमाने पर मौतों को टालने के लिये जल्द से जल्द अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा किये जा रहे हमलों से बचने के लिये, बड़ी संख्या में लोगों ने जंगलों में शरण ली है, उनके पास भोजन, पानी व दवा का सहारा नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

मध्य पूर्व: 'निरर्थक' हिंसा का अन्त ज़रूरी, 'राजनैतिक समाधान' एकमात्र रास्ता

मध्य पूर्व के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टॉर वेनेसलैण्ड ने कहा है कि इसराइल और फ़लस्तीन के बीच निरर्थक हिंसा पर एक राजनैतिक समाधान के ज़रिये ही विराम लगाया जा सकता है. उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए चिन्ता जताई कि ग़ाज़ा में हाल ही में हुई हिंसा के बाद से स्थानीय लोग भयभीत और सदमे में हैं. यूएन व साझीदार संगठनों ने पूर्वी येरूशलम समेत, ग़ाज़ा और पश्चिमी तट में लोगों की सहायता करने के लिये गुरुवार को साढ़े नौ करोड़ डॉलर की अपील जारी की है.

सुरक्षा परिषद: ग़ाज़ा में युद्धविराम का गम्भीरता से पालन किये जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ग़ाज़ा में इसराइल और फ़लस्तीनी हथियाबन्द गुटों के बीच हिंसा व लड़ाई के मुद्दे पर जारी अपने पहले वक्तव्य में युद्धविराम के "पूर्ण अनुपालन" का आग्रह किया है. युद्धविराम की घोषणा के बाद 11 दिनों से जारी लड़ाई पर शुक्रवार तड़के विराम लग गया.

मध्य पूर्व: मध्यस्थता व मानवीय राहत प्रयासों को मज़बूती देने का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा है कि ग़ाज़ा और इसराइल में लड़ाई व हिंसा को थामने के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को हरसम्भव प्रयास करने होंगे. यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को फ़लस्तीन के प्रश्न पर य़ूएन फ़ोरम की बैठक को सम्बोधित करते हुए सभी पक्षों से मध्यस्थता की कोशिशों को सहारा देने का आहवान किया है ताकि ग़ाज़ा पट्टी में मानवीय संकट को बढ़ने से रोका जा सके. 

ग़ाज़ा में मानवीय ज़रूरतों में उछाल, यूएन खाद्य एजेंसी जुटी राहत प्रयासों में

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने ग़ाज़ा में हिंसा प्रभावित इलाक़ों में मानवीय राहत प्रयासों के तहत, 51 हज़ार से ज़्यादा ज़रूरतमन्द परिवारों तक आपात सहायता पहुँचाना शुरू किया है.  यूएन एजेंसी ने कहा है कि हिंसक टकराव से इलाक़े में व्यापक क्षति हुई है, जिसके मद्देनज़र, ग़ाज़ा और इसराइल में हिंसा को तत्काल रोके जाने की अपील की गई है.

सीरिया: शान्ति प्रक्रिया की पुनर्बहाली, स्थिरता और नए संविधान की दरकार

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने चेतावनी के अन्दाज़ में कहा है कि पिछले एक वर्ष में अपेक्षाकृत शान्ति के बावजूद, यह महीना दर्शाता है कि हालात कितनी तेज़ी से ख़राब हो सकते हैं. यूएन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीरिया में हिंसा, आतंकवाद, विस्थापन, अस्थिरता, निराश्रयता और कोविड-19 की पृष्ठभूमि में बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित किया है.

हिंसक संघर्ष के दौरान नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर बल

संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम मानवीय सहायता अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा है कि युद्धरत पक्षों द्वारा अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का सम्मान सुनिश्चित किया जाना, नागरिकों व महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचों की रक्षा की दिशा में पहला क़दम है. मानवीय राहत मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों को मंगलवार को वर्चुअल रूप से सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.