मानवीय राहत

म्याँमार: हिंसक झड़पों के कारण हज़ारों लोग विस्थापित

म्याँमार के सुरक्षा बलों और क्षेत्रीय हथियारबन्द गुटों के बीच झड़पों में देश के अनेक हिस्सों में अब तक 17 आम नागरिकों के मारे जाने की ख़बर है. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने बुधवार को म्याँमार के मौजूदा हालात पर एक अपडेट जारी कर बताया है कि हिंसा की वजह से हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं. 

म्याँमार में ‘हालात बिगड़ने की आशंका’, आपात बैठक बुलाए जाने का आग्रह

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने मौजूदा हालात पर चर्चा के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सभी हितधारकों की एक आपात बैठक बुलाए जाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि इस वार्ता में उन सांसदों को भी आमन्त्रित किया जाना होगा जो फ़रवरी मे सैन्य तख़्ता पलट से पहले चुनावों में लोकतान्त्रिक रूप से चुने गए थे.

यमन में हालात ‘नाटकीय ढंग से बिगड़ने’ की चेतावनी

यमन में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि हिंसक संघर्ष से पीड़ित देश में हाल के दिनों में परिस्थितियाँ नाटकीय ढंग से ख़राब हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत, मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को, मौजूदा घटनाक्रम से अवगत कराते हुए बताया कि दुनिया के सबसे बदतर मानवीय संकट से जूझते देश यमन में, हिंसा ने अनेक नए मोर्चों को अपनी चपेट में ले लिया है.  

म्याँमार: यंगून में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित छोड़ दिये जाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को, म्याँमार के यंगून शहर में उन सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित रिहा कर दिये जाने देने की माँग की है, जो सुरक्षा बलों की घेराबन्दी में फँस गए थे. ख़बरों के अनुसार, शहर के सानचाउंग इलाक़े में शान्तिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को, कई घण्टों तक इलाक़ा छोड़कर नहीं जाने दिया गया था. 

नाइजीरिया में अपहृत लड़कियाँ रिहा – पूर्वोत्तर क्षेत्र एक और हमले से दहला

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षोभ जताते हुए कहा है कि नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में आम नागरिकों व राहत एजेंसियों के परिसरों पर हुए ताज़ा हमले, वर्षों की हिंसा व असुरक्षा में घिरे लोगों की व्यथा को दर्शाते हैं. इस बीच, देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में स्थित एक स्कूल से हाल ही में अगवा की गई 200 से ज़्यादा लड़कियों को रिहा कर दिया गया है, जिसका यूएन ने स्वागत किया है.

एक करोड़ से ज़्यादा सीरियाई नागरिकों को नहीं मिलता भरपेट भोजन - WFP

एक दशक पुराने हिंसक संघर्ष से पीड़ित सीरिया में, कुल आबादी का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्सा – एक करोड़ 24 लाख लोग - खाद्य असुरक्षा का शिकार है, यानी उन्हें पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में पिछले एक वर्ष में बुनियादी खाद्य वस्तुओं की क़ीमतों में 250 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और मौजूदा हालात में वर्ष 2021 में बहुत से परिवारों के लिये पर्याप्त भोजन का इन्तज़ाम कर पाना मुश्किल होगा.

कोविड-19: वायरस के नए प्रकार से 'गम्भीर संक्रमणों' की लहर का ख़तरा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हाल के महीनों में व्यापक क्षति हुई है और वायरस का नया रूप जल्द ही संक्रमणों के मामलों में फिर से तेज़ उछाल का सबब बन सकता है. संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को वीडियो लिन्क के ज़रिये सम्बोधित करते हुए कहा कि महामारी की वजह से कूटनीतिक और शान्ति स्थापना प्रयासों में बाधाओं और जटिलताओं का सामना करना पड़ा है.

मोज़ाम्बीक़: यूएन महासचिव ने बर्बरतापूर्ण हत्याओं पर जताया शोक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मोज़ाम्बीक़ में स्थानीय प्रशासन से हाल के दिनों में क्रूर हत्याओं की घटना की जाँच कराने और दोषियों की जवाबदेही तय किये जाने का आग्रह किया है. ये हत्याएँ देश के उत्तरी काबो डेलगाडो प्रान्त में हुई हैं जहाँ हथियारबन्द गुटों ने लगभग 50 लोगों की सिर धड़ से अलग कर हत्या कर दी है. 

भुखमरी प्रभावित इलाक़ों में अकाल की आशंका - तत्काल कार्रवाई का आग्रह

खाद्य असुरक्षा से गम्भीर रूप से पीड़ित (Hot spots) बुरकिना फ़ासो, पूर्वोत्तर नाइजीरिया, दक्षिण सूडान और यमन, में पीड़ितों तक तत्काल सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि उन्हें अकाल के गर्त में धँसने से बचाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने शुक्रवार को इस सम्बन्ध में अपनी चेतावनी ज़ाहिर करते हुए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से  त्वरित कार्रवाई का आहवान किया है. 

यमन में बाल कुपोषण का गम्भीर संकट, पूरी पीढ़ी पर मँडराता जोखिम

यमन में भुखमरी के कारण हाल के दिनों में कुपोषण से पीड़ित बच्चो की संख्या अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है. यमन को दुनिया में सबसे ख़राब मानवीय संकट के रूप में देखा जाता है और देश में हिंसक संघर्ष और आर्थिक बदहाली को दुष्प्रभावों को दूर करने के लिये पर्याप्त धनराशि का अभाव हालात को और जटिल बना रहा है.