मानवाधिकार परिषद

स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार: छह अहम बातें

8 अक्टूबर को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद सभागार का करतल ध्वनि से गूंजना, एक असाधारण अनुभव था. यह, दशकों से पर्यावरण संरक्षण और अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों के फलीभूत होने का अवसर था.  

मानवाधिकार परिषद के 18 नए सदस्यों का चुनाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गुरूवार को जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council) के लिये 18 नए सदस्य देश निर्वाचित किये हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, मलेशिया, कैमरून, क़तर, फ़िनलैण्ड, मॉन्टीनेग्रो और अर्जेण्टीना भी शामिल हैं. ये नए सदस्य, अपना तीन वर्षीय कार्यकार, एक जनवरी 2022 को शुरू करेंगे.

मानवाधिकार परिषद में अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा - महिला अधिकारों के हनन पर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तालेबान नेताओं से अफ़ग़ानिस्तान में सभी व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान करने की पुकार लगाई है. उन्होंने आगाह किया है कि महिलाओं व लड़कियों के साथ किये जाने वाला बर्ताव एक ऐसी ‘लाल रेखा’ है, जिसे लाँघा नहीं जाना चाहिए.  

मानवाधिकार के मोर्चे पर बड़ी चुनौतियाँ - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' का आहवान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने सदस्य देशों से, महामारी गुज़र जाने के बाद, एक ज़्यादा समावेशी पुनर्बहाली प्रक्रिया को बढ़ावा देने का आग्रह किया है.

व्यवसाय व मानवाधिकारों पर मार्गदर्शक सिद्धान्तों के लिये 'असाधारण लम्हा'

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि पहले से ज़्यादा संख्या में कम्पनियाँ, मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये संकल्प ले रही हैं, इसके बावजूद ख़ामियाँ व चुनौतियाँ बरक़रार हैं.

मानवाधिकार परिषद: बेलारूस, म्याँमार में मानवाधिकार हनन पर चिन्ता, प्रस्ताव पारित

स्विट्ज़रलैण्ड के जिनीवा में 47 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने बुधवार को म्याँमार और बेलारूस पर प्रस्तावों को पारित किया है जिनमें इन देशों में बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन की निन्दा की गई है. ग़ौरतलब है कि बेलारूस में अगस्त 2020 में विवादित राष्ट्रपति चुनावों और म्याँमार में हाल ही में सैन्य तख़्ता पलट के बाद, दोनों देशों में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिन्ता ज़ाहिर की जाती रही है. 

गहराई से बैठे नस्लवाद से निपटने के लिये 'व्यवस्थागत उपायों की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR0 की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफ़्रीकी मूल के व्यक्तियों के विरुद्ध क्रूरता और भेदभावपूर्व बर्ताव अब भी जारी है. उन्होंने कहा कि पुलिस हिंसा व क्रूरता से तब तक नहीं निपटा जा सकता, जब तक प्रणाली में समाए हुई नस्लवाद को दूर करने के लिये प्रणालीगत उपायों को नहीं अपनाया जाता. मानवाधिकार परिषद में शुक्रवार को अफ़्रीकी मूल के व्यक्तियों के ख़िलाफ़ पुलिस हिंसाक के मुद्दे पर चर्चा हुई है.

यातना पर पाबन्दी लगाने के लिये 'संकल्प का अभाव'

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि यातना और क्रूर बर्ताव के अन्य रूपों पर पाबन्दी लगाए जाने के लिये सरकारों ने फ़िलहाल ऐसा संकल्प नहीं दिखाया है, जिस पर भरोसा किया जा सके. दुनिया भर में यातना से जुड़े मामलों की निगरानी के लिये नियुक्त, यूएन के विशेष रैपोर्टेयर निल्स मेल्ज़र ने मानवाधिकार परिषद के समक्ष अपनी नई रिपोर्ट पेश की है. 

‘महामारी’ के रूप में उभरती मुस्लिम-विरोधी नफ़रत, कार्रवाई का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्लाम के नाम पर किये गए  11 सितम्बर, 2001 के हमलों और अन्य भयावह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिये जाने के बाद से, मुसलमानों को संदिग्ध नज़र से देखे जाने की समस्या महामारी का आकार ले रही है. धर्म या आस्था की आज़ादी पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने, गुरुवार को, मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिये उपाय सुनिश्चित किये जाने होंगे. 

म्याँमार संकट: तख़्तापलट के ज़िम्मेदारों के विरुद्ध, कड़ी कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र की उप मानवाधिकार उच्चायुक्त नदा अल नाशीफ़ और म्याँमार पर स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ थॉमस एण्ड्रयूज़ ने, देश में, पिछले सप्ताह ‘सत्ता का तख़्तापलट’ करने वाली हस्तियों के विरुद्ध लक्षित प्रतिबन्ध लगाने का आहवान किया है. इस बीच म्याँमार में जारी स्थिति पर चर्चा करने के लिये, शुक्रवार को, यूएन मानवाधिकार परिषद का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें म्याँमार में बन्दी बनाई गई राजनैतिक हस्तियों की तुरन्त रिहाई की माँग करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया.