मानवाधिकार

पाबन्दियाँ हटाने में सावधानी, नहीं तो बढ़ सकता है विनाश

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कोविड-19 वायरस के फैलाव को नियन्त्रित करने के लिए लागू की गई पाबन्दियाँ और तालाबन्दी को हटाने के सम्भावित ख़तरों के प्रति आगाह किया है. ध्यान रहे कि कुछ देश ये पाबन्दियाँ और तालाबन्दी हटाने पर विचार कर रहे हैं.

'नाज़ियों की हार के 75 वर्ष बाद, आज भी बहुत से लोग युद्ध की विभीषिका में हैं'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 8 और 9 मई को उन लाखों लोगों को याद करता है जिनकी ज़िन्दगी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ख़त्म हो गई थी. उस भीषण तबाही वाले संघर्ष के बाद ही संयुक्त राष्ट्र वजूद में आया था. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 8 मई को एक वीडियो संदेश में आगाह करते हुए कहा कि मतभेद अब भी मौजूद हैं, और उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाने की पुकार लगाई जिसकी बुनियाद शान्ति व एकता पर टिकी हो.

'हराना ही होगा नफ़रत को'

कोविड-19 का मुक़ाबला करने में सारी दुनिया के सामने असाधारण चुनौती है लेकिन फिर भी अनेक देशों में नफ़रत, कुछ ख़ास समूहों पर दोषारोपण या कलंकित करने के मामले भी सामने आए हैं जो बेहद चिन्ताजनक है. महासचिव ने एकजुट होकर नफ़रत को भी हराने का आग्रह किया है, बिल्कुल उसी तरह से जैसे वैश्विक महामारी से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की ज़रूरत है. नफ़रत का फैलाव भी एक महामारी के रूप में ही सामने आया है. वीडियो सन्देश...

विकलांग व्यक्तियों का साथ भी ज़रूरी

यूएन महासचिव ने कहा है कि कोविड-19 महामारी दुनिया के एक अरब विकलांग व्यक्तियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है. ऐसे में विकलांग लोगों को महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और जीवनदायी प्रक्रिया का लाभ दिलाने के लिए समान अधिकारों की गारंटी देनी होगी. महासचिव ने तमाम देशों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 का मुक़ाबला करने और उबरने के प्रयासों में विकलांग व्यक्तियों का प्रमुखता से ध्यान रखें, उनकी राय जानने के साथ-साथ उनसे संपर्क बनाए रखें.  देखें वीडियो संदेश...

कोविड-19: देशों से दासिता का जोखिम रोकने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने तमाम देशों की सरकारों से उन करोड़ों कामगारों की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है जो कोविड-19 महामारी के कारण शोषक कामकाजी परिस्थितियों में धकेल दिए जाने के ख़तरे का सामना कर रहे हैं, ऐसे हालात जो दासता के समान होते हैं.

प्रैस की आज़ादी व सुरक्षा की पुकार

यूएन महासचिव ने 3 मई को विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर के देशों से पत्रकारों को काम करने की आज़ादी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी देने की पुकार लगाई है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के माहौल में स्वतंत्र प्रैस की भूमिका और भी ज़्यादा अहम हो जाती है क्योंकि दुष्प्रचार, झूठ और अफ़वाहों के माहौल में पत्रकार ही तथ्यपरक व प्रासंगिक जानकारी सामने ला रहे हैं. वीडियो सन्देश...

'बुज़ुर्गों के मानवाधिकारों व गरिमा का ध्यान ज़रूरी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी से मौत का शिकार होने वाले कुल मरीज़ों में 80 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र के वृद्धों की संख्या पाँच गुना ज़्यादा है. उन्होंने शुक्रवार को बुज़ुर्गों के लिए सदी की इस भयावह महामारी के दौरान व बाद में भी अन्य अनेक चुनौतियों पर एक नई नीति पहल जारी करते हुए ये बात कही.

कोविड-19 की वैक्सीन के लिए एकजुट मुहिम

संयुक्त राष्ट्र रेडियो से 24 अप्रैल 2020 के साप्ताहिक समाचार बुलेटिन में शामिल हैं...
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ऑडियो -
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कोविड-19 और मानवाधिकार

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी सिर्फ़ एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा नहीं है बल्कि एक मानवीय, आर्थिक और सामाजिक संकट है,और यह तेज़ी से मानवाधिकारों का संकट भी बनता जा रहा है. उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य आपदा से निपटने के उपायों में मानवाधिकारों की अहमियत को रेखांकित करते हुए मानव कल्याण और मानवाधिकारों को सर्वोपरि रखने को कहा है...

रोहिंज्या पर समुद्री मुसीबत, हमदर्दी और दयालुता दिखाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी – UNHCR आश्रय स्थल के ज़रूरतमन्दों के प्रति हमदर्दी और दयालुता दिखाने की पुकार लगाई है. एजेंसी ने ये आहवान उस घटना के बाद किया है जिसमें म्याँमार से सुरक्षा के लिए निकले कम से कम 30 रोहिंज्या लोगों की बंगाल की खाड़ी में डूब जाने से मौत हो गई. ये लोग उस नाव में सवार थे जो लगभग दो महीने से समुद्र में ही ठहरी हुई थी क्योंकि उसे किसी देश में किनारे पर पहुँचने की इजाज़त नहीं मिली थी.