मानवाधिकार परिषद

यूक्रेन के बूचा में एक सामूहिक क़ब्र के पास एक यूएन कर्मचारी. पृष्ठभूमि में मानवीय राहत मामलों में संयोजन के लिये यूएन अवर महासचिव मार्टिन ग्रिफ़िथ्स.
© UNOCHA/Saviano Abreu

यूक्रेन: मानवाधिकार उल्लंघनों पर यूएन आयोग की रिपोर्ट, जवाबदेही तय किये जाने पर बल

यूक्रेन के लिये गठित स्वतंत्र जाँच आयोग ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी पहली लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की है. रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि यह विश्वास करने के लिये तार्किक आधार मौजूद हैं कि यूक्रेन में युद्ध के दौरान विविध प्रकार के युद्ध अपराधों, और अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून व मानव कल्याण क़ानून का उल्लंघन किया गया है.

यूएन महासभा में मानवाधिकार परिषद के सदस्यों के लिये चुनाव.
UN Photo/Cia Pak

यूएन मानवाधिकार परिषद में 14 सदस्यों का चुनाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकार परिषद में 2023-2025 कार्यकाल के लिये सदस्य के तौर पर 12 नए देशों का चुनाव किया है, जबकि जर्मनी व सूडान को दूसरे कार्यकाल के लिये चुना गया है.

यूक्रेन के इरपिन में क्षतिग्रस्त इमारतें.
© UNICEF/Anton Kulakowskiy

रूसी नियंत्रण से छुड़ाए गए यूक्रेनी इलाक़ों में पहुँचाई गई मानवीय राहत

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहतकर्मियों का कहना है कि यूक्रेन के पूर्वोत्तर क्षेत्र में, युद्ध के बीच उन इलाक़ों में राहत सामग्री पहुँचाई गई है, जिन्हें यूक्रेन ने हाल ही में, रूस के क़ब्ज़े से वापिस अपने नियंत्रण में लिया था.

यूक्रेन में एक स्कूल की उप प्राचार्य ने, बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए अपने स्कूल के बेसमेंट में शरण ली है.
© UNICEF/Ashley Gilbertson

'यूक्रेन में युद्धापराध किये गए हैं', यूएन जाँच आयोग की रिपोर्ट

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के लगभग सात महीने बाद, संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र मानवाधिकार जाँचकर्ताओं ने कहा है कि हिंसक संघर्ष के दौरान निश्चित रूप से युद्धापराध किये गए हैं.

म्याँमार में आर्थिक व राजनैतिक संकट के बीच, बाल अधिकारों के लिये संकट गम्भीर रूप धारण कर रहा है.
World Bank/Tom Cheatham

म्याँमार में मानवाधिकारों के लिये 'हालात बद से बदतर, भयावह हुए'

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने मानवाधिकार परिषद को बताया है कि देश में फ़रवरी 2021 में, सैन्य तख़्तापलट के बाद से अब तक, किसी भी पैमाने से, हालात बद से बदतर हुए है.

फ़िलिपींस के मनीला में एक बाज़ार में विक्रेता, एक ग्राहक को सब्ज़ी बेच रहा है.
IMF/Lisa Marie David

बढ़ती महंगाई, 'हर किसी के लिये विकास के अधिकार को ख़तरा'

संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक मानवाधिकार उच्चायुक्त ने आगाह किया है कि विश्व में बढ़ती महंगाई के कारण उभरती हुई और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिये चुनौती पैदा होने की आशंका है. कार्यवाहक उच्चायुक्त नाडा अल-नशीफ़ ने गुरूवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए चेतावनी भरे शब्दों कहा कि यह संकटों का एक ऐसा संगम है, जिससे सभी के लिये ख़तरा पैदा हो रहा है.

यूक्रेन के कीव में बोरिडियेन्का में एक ध्वस्त कमरे का दृश्य.
UNDP Ukraine/Oleksandr Ratushnia

आपात हालात में मानवाधिकारों के लिये उपजे संकटों पर चर्चा

जिनीवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council) का सत्र सोमवार को आरम्भ हुआ है, जिसमें यूक्रेन से लेकर अफ़ग़ानिस्तान तक, मानवाधिकारों के लिये उपजे संकट पर चर्चा होगी. 

सीरिया के दोऊमा इलाक़े में कुछ बच्चे.
© UNICEF/Omar Sanadiki

सीरिया की ज़रूरतें उच्चतम स्तर पर, यूएन जाँच प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की एक शीर्ष जाँच टीम ने बुधवार को बताया है कि सीरिया की मानवीय ज़रूरतें, अभी तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गई हैं; और इस युद्धग्रस्त देश में पहुँचने वाली सहायता को रोकने के लिये किसी भी तरह के क़दम का ज़ोरदार विरोध किया जाना होगा.

यूक्रेन के ख़ारकीफ़ क्षेत्र में एक अनाथालय से विस्थापन का शिकार हुआ बच्चा, अब पश्चिमी यूक्रेन के वोरोख़्ता स्थित केन्द्र में है.
© UNICEF/Slava Ratynski

यूक्रेन: युद्धग्रस्त क्षेत्रों से ‘अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिये’ रूस ले जाए जाने पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने यूक्रेन के युद्धग्रस्त पूर्वी क्षेत्रों से बच्चों को देश-निकाला देकर, जबरन रूस ले जाए जाने और वहाँ उन्हें गोद लिये जाने की प्रक्रिया शुरू किये जाने की ख़बरों पर चिन्ता जताई है.

यूक्रेन के ख़ारकीफ़ शहर में एक व्यक्ति ध्वस्त इमारत के पास से गुज़र रहा है.
© UNICEF/Ashley Gilbertson

मानवाधिकार परिषद की बैठक, यूक्रेन में हुए अत्याचारों पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council) की गुरूवार को एक विशेष सत्र में बैठक हुई है, जिसे 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से, आमजन के विरुद्ध कथित रूप से किये गए अत्याचारों से उपजी चिन्ता को ध्यान में रखते हुए बुलाया गया.