लोकतंत्र

म्याँमार  में ‘शान्तिपूर्ण, व्यवस्थित व विश्वसनीय’ चुनावों की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में 8 नवम्बर को होने वाले चुनाव को स्थानीय जनता के लिये एक अहम पड़ाव बताते हुए उम्मीद ज़ाहिर की है कि इससे देश में समावेशी टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. यूएन प्रमुख ने भरोसा जताया है कि सफलतापूर्वक चुनाव सम्पन्न होने से रोहिंज्या शरणार्थियों की सुरक्षित और गरिमामय ढँग से वापसी का रास्ता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी. 

माली: लोकतान्त्रिक व्यवस्था ‘जल्द से जल्द बहाल करनी होगी’

संयुक्त राष्ट्र ने माली में सैन्य तख़्तापलट के बाद यथाशीघ्र संवैधानिक व लोकतान्त्रिक व्यवस्था बहाल करने, हिंसा से बचने और क़ानून के शासन का सम्मान किये जाने की पुकार लगाई है. यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में  हिरासत में लिए गए राष्ट्रपति और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित माली की जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

इराक़: तुरंत समाधान की सख़्त ज़रूरत

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जैनीन हेनिस प्लासशर्ट ने देश में सरकार विरोध प्रदर्शनों, हताहतों की बढ़ती संख्या और ज़्यादा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने की संभावनाओं के बीच राजनेताओं से आग्रह किया है कि वो इस गतिरोध को तोड़ें और टिकाऊ सुधार सुनिश्चित करें.

महिलाओं के लिए 'समावेशी और शांतिपूर्ण भविष्य' की ओर बढ़ता सोमालिया

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना मोहम्मद ने कहा है कि शांति और स्थिरता के रास्ते पर सोमालिया ने ज़बरदस्त प्रगति की है और शांति व सुरक्षा प्रयासों में सोमाली महिलाओं की हिस्सेदारी होने से स्थानीय समाज एक समावेशी और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा है. यूएन उपमहासचिव ‘हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका’ क्षेत्र में स्थित देशों की यात्रा कर रही हैं और उसी सिलसिले में उन्होंने सोमालिया का एक दिन के लिए दौरा किया. 

हेती में शांतिरक्षा मिशन समाप्त, लेकिन यूएन का समर्थन जारी रहेगा

हेती में 15 वर्ष से चला आ रहा संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियान समाप्त हो रहा है लेकिन देश में स्थिरता और लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए संगठन का संकल्प जारी रहेगा. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के अवर महासचिव ज़्यां-पियरे लॉकोआ ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को यह जानकारी देते हुए यूएन मिशन की उपलब्धियों के बारे में जानकारी साझा की.

अफग़ानिस्तान में शांति का रास्ता 'सीधी वार्ता' से ही संभव

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि तादामिची यामामोतो ने कहा है कि देश में  वर्षों से चले आ रहे हिंसक संघर्ष को विभिन्न अफग़ान समुदायों के बीच सीधी वार्ता के ज़रिए ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने 28 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव से पहले पारदर्शी व निष्पक्ष चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत बनाने और हिंसा रोके जाने की अपील भी जारी की है. 

सूडान में प्रदर्शनकारियों के साथ बलात्कार की रिपोर्टों पर चिंता

हिंसा और संघर्ष के दौरान यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने सूडान की राजधानी खार्तूम में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बलात्कार की रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सैन्य मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा को तत्काल रोके जाने का आग्रह किया है.

यूनीसेफ़ प्रमुख ने सूडान में हिंसा तत्काल रोके जाने की अपील की

सूडान में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरूद्ध सुरक्षा बलों की कार्रवाई की चपेट में आने से अब तक 19 बच्चों की के मारे जाने की रिपोर्टें है और 49 घायल हुए हैं. लोकतंत्र समर्थकों और अंतरिम सैन्य परिषद में बातचीत विफल होने के बाद सुरक्षा बलों ने इस महीने के शुरू में कार्रवाई शुरू की. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने देश में हिंसा के जारी रहने और उसके बच्चों और युवाओं पर पड़ रहे असर पर गहरी चिंता जताई है.

'गहरी चिंता और भारी मन' से लीबिया में टकराव टालने की अपील

लीबिया से रवाना होते समय संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आशा जताई है कि त्रिपोली और आस-पास के इलाक़े मे ंख़ूनी टकराव को टाला जा सकेगा. लीबिया की मौजूदा अंतरिम सरकार के सुरक्षा बलों और कमांडर ख़लीफ़ा हफ्तार की वफादार लीबियन नेशनल आर्मी में झड़पों की आशंका बढ़ गई है. 

हिंसा की रोकथाम के लिए 'हरसंभव प्रयास' करेंगे

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष  प्रतिनिधि लैला ज़ेरूगी ने कहा है कि पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति चुनावों के शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाने के बावजूद देश के पूर्वी हिस्से में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं. इन इलाक़ों में हथियारबंद गुटों की गतिविधियां बरक़रार हैं.