लोकतंत्र

फ़लस्तीनी इलाक़ों में, यथाशीघ्र चुनाव कराने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के तीन स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों में प्रस्तावित चुनाव यथा शीघ्र फिर से निर्धारित किये जाएँ और पूर्वी येरूशेलम को भी उनमें शामिल किया जाए.

म्याँमार: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये विकट हालात, कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने म्याँमार में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिये उपजी कठिन परिस्थितियों पर गहरी चिन्ता जताते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सैन्य नेतृत्व के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

म्याँमार: 'राजनैतिक संकट ने ले लिया है बहुकोणीय मानवाधिकार आपदा का रूप'

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशाल बाशेलेट ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि म्याँमार में फ़रवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता का तख़्तापलट करने के साथ जो दौर शुरू हुआ था उसने आम आबादी के ख़िलाफ़ चौतरफ़ा हमलों का रूप ले लिया है जिसका दायरा लगातार बढ़ता गया है और जो व्यवस्थित ढंग से हो रहा है.

इण्टरनेट व मोबाइल फ़ोन पर पाबन्दियों के बढ़ते चलन से अधिकारों के लिये गम्भीर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि दुनिया भर में अनेक स्थानों पर असहमति को दबाने के लिये इंटरनेट और मोबाइल फ़ोन सेवाएँ बन्द कर देने का चलन बहुत बढ़ गया है और बहुत से देशों में ये बहुत जटिल भी हो गया है क्योंकि सरकारें सत्ता अपने हाथों में रखना चाहती हैं.

लीबिया: शान्ति व एकता स्थापित करने के प्रयासों के लिये मज़बूत समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लीबिया मुद्दे पर आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए लीबियाई प्रशासन व संस्थाओं से स्थिरता व एकता की ओर, साथ मिलकर क़दम बढ़ाने का आहवान किया है.  

म्याँमार: सुरक्षा परिषद में विशेष दूत, सामयिक समर्थन व कार्रवाई का आग्रह

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की विशेष दूत क्रिस्टिना श्रेनर बर्गनर ने देश में मौजूदा संकट के मद्देनज़र, सुरक्षा परिषद से ज़रूरी समर्थन और समय रहते कार्रवाई का आग्रह किया है.

म्याँमार में 'तबाहीपूर्ण हालात', सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की प्रमुख  मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा रोकने और मानवीय संकट को गहराने से बचाने के लिये, वहाँ तेज़ होती हिंसा को रोका जाना होगा. उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि महज़ चार महीनों में, म्याँमार एक नाज़ुक लोकतंत्र से मानवाधिकारों के लिये त्रासदी बन गया है, और मौजूदा संकट के लिये सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय की जानी होगी.

म्याँमार: 'बड़े पैमाने पर मौतों' की रोकथाम के लिये कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में व्यापक पैमाने पर मौतों को टालने के लिये जल्द से जल्द अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा किये जा रहे हमलों से बचने के लिये, बड़ी संख्या में लोगों ने जंगलों में शरण ली है, उनके पास भोजन, पानी व दवा का सहारा नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

सूडान के शान्तिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य में निवेश करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पेरिस में हुए एक प्रमुख निवेश सम्मेलन में कहा है कि सूडान के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश, ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है.

म्याँमार: ‘क्रूर दमनात्मक कार्रवाई’ पर विराम के कोई आसार नहीं

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने आगाह किया है कि ऐसे समय जब दुनिया की नज़रें, म्याँमार में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं, देश में सैन्य नेतृत्व ने, अपनी ही जनता के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के अन्य उल्लंघनों को अंजाम देना जारी रखा है. यूएन प्रवक्ता ने म्याँमार में, सैन्य तख़्ता पलट के 100 दिन पूरे होने पर  कहा कि विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को दबाने की कार्रवाई में कमी आने के कोई संकेत नहीं हैं.