लिंग आधारित हिंसा

महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध हिंसा - कोरोनावायरस संकट के दौरान बढ़ी चुनौतियाँ

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने ‘महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का उन्मूलन करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ के सिलसिले में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, लिंग-आधारित हिंसा को एक वैश्विक संकट क़रार दिया है. हर वर्ष 25 नवम्बर को मनाए जाने वाले इस दिवस से ठीक पहले जारी एक रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 के दौरान घरों व सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा पर असर हुआ है. 

मानवीय आपात स्थितियों में लिंग आधारित हिंसा रोकने के लिये कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने यूएन महासभा के 76वें सत्र के दौरान, हाशिये पर मुलाक़ात की और दुनिया भर में जबरन विस्थापन जैसी मानवीय आपात स्थितियों में वृद्धि के दौरान होने वाली लिंग आधारित हिंसा (GBV) के ख़िलाफ़ मज़बूत कार्रवाई का आहवान किया. 

जलवायु परिवर्तन: इन पाँच रूपों में प्रभावित होती हैं महिलाएँ

वर्ष 2021 में, विश्व भर में जंगलों में विनाशकारी आग, झुलसा देने वाली ताप लहरों, भीषण बाढ़ व सूखे की घटनाओं के बीच, अन्तर-सरकारी आयोग की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में, दुनिया एक बेहद नाज़ुक मोड़ पर पहुँच रही है. जलवायु परिवर्तन से महिलाओं पर होने वाले असर पर एक नज़र...

भारत में कोविड-19 और महिलाएँ – कुछ अहम प्रश्नों के उत्तर 

भारत में हाल के महीनों के दौरान, कोविड-19 महामारी के फैलाव की दूसरी लहर अपने साथ अभूतपूर्व बर्बादी लेकर आई है. महिलाओं और लड़कियों सहित, देश के निर्धनतम और निर्बलतम समुदायों को, आर्थिक चुनौतियों पर पार पाने और स्वास्थ्य संकट के दंश को कम करने में अपार मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.