लैंगिक समानता

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 16 अप्रैल 2021

इस सप्ताह के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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'शरीर मेरा है, मगर फ़ैसला मेरा नहीं' महिला सशक्तिकरण पर यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 57 विकासशील देशों की लगभग आधी महिलाओं को गर्भनिरोधक का उपयोग करने, स्वास्थ्य देखभाल की मांग करने या फिर अपनी कामुकता सहित अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है.

'मेरा शरीर, मेरा फ़ैसला’

संयुक्त राष्ट्र की एक नई प्रमुख रिपोर्ट में, व्यक्तियों की शारीरिक स्वायत्तता की पुकार लगाई गई है. इस मुद्दे पर पहली बार ध्यान केन्द्रित करते हुए, यूएन जनसंख्या कोष (UNFPA) की प्रमुख रिपोर्ट, ख़ुद के शरीर के बारे में, ख़ुद के निर्णय लेने की शक्ति और पसन्द की पुकार लगाती है. और ये शक्ति, हिंसा के डर के बिना, व किसी अन्य को ये फ़ैसला करने का अधिकार दिये बिना मिले.

लैंगिक समानता, 'इस सदी का अधूरा मानवाधिकार संघर्ष' - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को, पीढ़ी समानता फ़ोरम (Generation Equality Forum) में कहा कि महिलाओं के लिये समान अधिकार प्राप्ति का कार्य – “सदी का ऐसा मानवाधिकार संघर्ष है जो अभी अधूरा है”. ये फ़ोरम, मैक्सिको सिटी में सोमवार को शुरू हुआ.

शान्तिरक्षा अभियानों में महिला सशक्तिकरण 'शीर्ष प्राथमिकता'

शान्तिरक्षा अभियानों के लिये संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने शान्तिरक्षा और शान्तिनिर्माण प्रयासों में महिलाओं के बुनियादी योगदानों की सराहना की है. यूएन अवर महासचिव ज्याँ-पिएर लाक्रोआ ने गुरुवार को दोहराया कि सैन्य बलों में महिलाओं का सशक्तिकरण, एक अहम प्राथमिकता है लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये, हर किसी द्वारा यथासम्भव प्रयास किये जाने की ज़रूरत है.   

सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी - 'हर किसी के लिये लाभप्रद'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने ‘महिलाओं की स्थिति पर आयोग’ को सम्बोधित करते हुए कहा है कि महिलाओं व लड़कियों को सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के लिये पूर्ण रूप से सशक्त बनाना, सही और बुद्धिमान चयन है. अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी मंगलवार को महिला आयोग के सत्र को सम्बोधित किया, जिसे ऐतिहासिक माना जा रहा है. 

CSW: कॉर्पोरेट हस्तियों को यूएन प्रमुख का सन्देश - लैंगिक समानता समय की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम कॉर्पोरेट हस्तियों से लैंगिक समानता हासिल करने का आग्रह करते हुए, निजी क्षेत्र और पूरे समाज के लिये, इसके लाभों को भी रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने, मंगलवार को, महिला स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के आयोग (CSW) के 65वें सत्र के दौरान आयोजित 'लक्ष्य लैंगिक समानता' कार्यक्रम को दिये वीडियो सन्देश में, ये अपील की.

महिला आयोग: कोविड-19 ने उजागर की लैंगिक विषमताएँ, महासचिव 

वैश्विक महामारी कोविड-19 का महिलाओं व लड़कियों पर विनाशकारी प्रभाव हुआ है और इसके दुष्प्रभावों से सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक प्रणालियों में गहराई तक समाईं लैंगिक विषमताएँ उजागर हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को, महिलाओं की स्थिति पर आयोग (Commission on the Status of Women) के सत्र को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

महिला नेतृत्व की ज़रूरत

अन्तर-संसदीय संघ यानि आईपीयू की ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया था कि दुनिया भर की संसदों में, महिला सांसदों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो गई है. यह आँकड़ा ऐतिहासिक है, लेकिन संसदों में लैंगिक समानता हासिल करने का लक्ष्य अब भी दूर है. एशिया में, और ख़ासतौर पर भारत में भी, नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है, लेकिन अभी और अधिक साहसिक क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. संसद में, व नेतृत्व पदों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बारे में, भारत में नेतृत्व के तीन स्तरों पर आसीन महिलाओं के विचार प्रस्तुत करता एक वीडियो फ़ीचर...

यूएन महिला आयोग: पूर्ण लैंगिक समानता के लिये रोडमैप पर रहेगा ध्यान

महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग के 65वें सत्र का एक मुख्य ध्यान - दुनिया भर में पूर्ण लैंगिक समानता हासिल करने और निर्णय प्रक्रिया में, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये एक रौडमैप तैयार करने पर रहेगा. ये सत्र सोमवार को, न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हो रहा है.