लैंगिक समानता

भारत: 'विषाक्त मर्दानगी मानसिकता को ख़त्म करना ज़रूरी'

भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के प्रतिनिधि और भूटान के लिये डायरेक्टर, श्रीराम हरिदास का मानना है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को समाप्त करने के कार्यक्रमों में, पुरुषों और लड़कों को शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण है.

वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस अधिकारी, ‘सर्वश्रेष्ठ यूएन की प्रतिमूर्ति’

इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ संयुक्त राष्ट्र महिला पुलिस अधिकारी का पुरस्कार, मंगलवार को, नेपाल की सुपरिटेण्डेण्ट संज्ञा मल्ला को सौंप दिया गया है. संज्ञा मल्ला को ये पुरस्कार काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में असाधारण काम करने के लिये दिया गया है. 

कॉप26: जलवायु संकट से सर्वाधिक प्रभावितों में महिलाएँ, चुकाती हैं एक बड़ी क़ीमत

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में कॉप26 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को, जलवायु परिवर्तन से महिलाओं पर होने वाले असर व जलवायु कार्रवाई में उनकी ज़रूरतों को समाहित किये जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई. प्राकृतिक संसाधनों की देखरेख में महिलाओं व लड़कियों के ज्ञान की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है, और उनमें निवेश के ज़रिये, पूर्ण समुदायों तक लाभ पहुँचाया जा सकता है. इस बीच, एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि कॉप26 में विश्व नेताओं की घोषणाओं के बावजूद, दुनिया विनाशकारी तापमान वृद्धि की ओर बढ़ रही है.

बालिका शक्ति: ताजिकिस्तान से कोस्टा रीका तक, डिजिटल लैंगिक खाई को पाटने के प्रयास

विश्व भर में टैक्नॉलॉजी और इण्टरनेट के इस्तेमाल में लैंगिक खाई बढ़ रही है, मगर सीरिया, कोस्टा रीका समेत कई अन्य देशों में, इस दरार को पाटने के लिये लड़कियाँ पुरज़ोर प्रयास कर रही हैं. कोविड-19 के दौरान डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म के इस्तेमाल में आई तेज़ी के बावजूद, मौजूदा लैंगिक वास्तविकताओं को, सोमवार, 11 अक्टूबर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर रेखांकित किया जा रहा है. 

अन्तरिक्ष उद्योग में कार्यरत महिलाओं का हिस्सा महज़ 20 फ़ीसदी

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी नए आँकड़े दर्शाते हैं कि अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष सैक्टर में रोज़गारशुदा महिलाओं की संख्या, कुल कार्यबल का केवल 20-22 फ़ीसदी है. यह आँकड़ा मोटे तौर पर तीन दशक पहले के अनुपात के ही समान है. 

 

 

इण्टरव्यू: यूएन महासभा के 76वें सत्र के मौक़े पर, महासचिव एंतोनियो गुटेरेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन न्यूज़ को दिये एक विस्तृत इण्टरव्यू में अनेक मुद्दों पर बातचीत की है और विश्व नेताओं से, "बेख़याली से जागने, अपने देशों के भीतर और विदेश में अपनी राह तुरन्त बदलने, और एकजुट होने" की पुकार लगाई है. यूएन प्रमुख ने कहा है, “हमारे पास जो संस्थान हैं, उनके पास कोई शक्तियाँ नहीं हैं. और कभी-कभी जब उनके पास शक्तियाँ होती भी हैं, जैसाकि सुरक्षा परिषद के मामले में है, तो उनमें उन शक्तियों का इस्तेमाल करने की कोई ख़ास इच्छा नहीं होती है.”

इण्टरव्यू वीडियो ...

इण्टरव्यू: विनाश व महामारी के बीच नए महासभा प्रमुख का 'उम्मीद भरा सन्देश'

संयुक्त राष्ट्र के 76वें सत्र के लिये महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि दुनिया भर में, कोविड-19 महामारी, विनाश, हिंसक टकराव से जूझ रहे अरबों लोगों के लिये आशा की रौशनी की सख़्त ज़रूरत है. उन्होंने यूएन न्यूज़ की पॉलीना कूबिएक के साथ एक विशेष इण्टरव्यू में बताया कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे प्रतिनिधिक अंग के रूप में महासभा, लोगों में उम्मीदों का संचार करने के लिये सबसे बेहतर स्थिति में है.   

वर्ष 2026 तक लैंगिक समानता की रफ़्तार तेज़ करने के लिये अहम संकल्प

पेरिस में ऐतिहासिक पीढ़ी समानता फ़ोरम शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था - यूएन वीमैन की अध्यक्षा की इस घोषणा के साथ सम्पन्न हुआ कि जब पुरुष किसी कमरे के भीतर बैठकर शान्ति वार्ताएँ करते हैं तो महिलाएँ भी वहीं नज़दीक गलियारों में बैठी होती हैं. लैंगिक विषमताओं और अन्य तरह के अन्यायों से निपटने का संकल्प भी, इस फ़ोरम में लिया गया.

पेरिस फ़ोरम में यूएन महासचिव - लैंगिक समानता को वास्तविकता में बदलने का आहवान

महिला सशक्तिकरण के लिये संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के केन्द्र में लैंगिक समानता को रखे जाने के प्रयासों के तहत, पेरिस में तीन-दिवसीय Generation Equality Forum नामक एक कार्यक्रम की शुरुआत की है. यूएन महासचिव ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लैंगिक समानता के लिये स्थापित लक्ष्यों को हासिल किये जाने की पुकार लगाई है.

विधवाओं को सहारा व सम्मान देने के लिये ठोस नीतियों का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, विश्व भर में विधवा महिलाओं की संख्या व उनके लिये चुनौतियाँ बढ़ी है. इसके मद्देनज़र, पुनर्बहाली प्रयासों में उनकी विशिष्ट ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जानी होगी.