लिंग समानता

बांग्लादेश में कुछ महिलाएँ लिंग समानता के लिए अपनी आवाज़ बुलन्द करते हुए.
© UNICEF/Jannatul Mawa

लैंगिक समानता पर दुनिया भर में सुस्त रफ़्तार

महिलाओं की स्थिति व अधिकारों के बारे में 1995 में हुए बीजिंग सम्मेलन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है जिसमें लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने वाली महत्वाकांक्षी योजना ‘बीजिंग प्लैटफ़ॉर्म फ़ॉर एक्शन’ को विभिन्न देशों में किस तरह लागू किया जा रहा है. साथ ही रिपोर्ट में पुरुषों और महिलाओं के बीच ज़्यादा समानता और न्याय सुनिश्चित करने का भी आहवान किया गया है.

तंज़ानिया में महिला व्यापारियों ने देश की प्रगति में बहुत मदद की है मगर उन्हें अब भी असमानता का सामना करना पड़ता है.
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दुनिया भर में 90 प्रतिशत लोग महिलाओं के लिए पूर्वाग्रह व भेदभाव से ग्रस्त

लिंग समानता में अंतर को दूर करने के क्षेत्र में पिछले दशकों में हुई प्रगति के बावजूद अब भी लगभग 90 प्रतिशत पुरुष व महिलाएँ ऐसे हैं जो महिलाओं के ख़िलाफ़ किसी ना किसी तरह का पूर्वाग्रह रखते हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की एक ताज़ा रिपोर्ट में ये आँकड़े सामने आए हैं जो गुरूवार को प्रकाशित हुई.

संयुक्त राष्ट्र में सहायक महासचिव अनीता भाटिया जो यूएन वीमेन संगठन की सहायक कार्यकारी निदेशक भी हैं.
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महिलाओं की ख़ातिर यूएन वीमेन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल की अनीता भाटिया को मई 2019 में सहायक महासचिव नियुक्त किया था. अनीता भाटिया को विश्व भर में लैंगिक समानता, लड़कियों और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने वाली यूएन संस्था यूएन वीमेन की डिपुटी कार्यकारी निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी है. ये पद उन्होंने अगस्त में संभाला और तभी से उन्होंने अनेक देशों का दौरा करके महिलाओं की भलाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायज़ा लिया है. यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत...