कुपोषण

इथियोपिया: टीगरे में भुखमरी से गम्भीर हालात, यूएन एजेंसियों ने तेज़ किये राहत प्रयास

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के प्रमुख डेविड बीज़ली ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में तत्काल जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये रास्तों को खोले जाने का आग्रह किया है. सरकारी सुरक्षा बलों और हथियारबन्द गुटों के बीच लड़ाई जारी रहने से, हिंसा प्रभावित इलाक़े में साढ़े तीन लाख लोगों पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है.

 

15 करोड़ लोग गम्भीर खाद्य असुरक्षा के पीड़ित, हिंसक संघर्ष हैं बड़ी वजह

हिंसक संघर्ष, चरम मौसम की घटनाओं और कोविड-19 से उपजे आर्थिक झटकों के कारण, वर्ष 2020 में कम से कम 15 करोड़, 50 लाख लोगों को संकट के स्तर पर खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें प्रभावितों तक राहत पहुँचाने, व्यापक पैमाने पर मौतें टालने और आजीविकाएँ ढहने से बचाने के लिये तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है.  

वेनेज़ुएला: बच्चों के लिये पोषक आहार की आपूर्ति पर समझौता

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने वेनेज़ुएला की सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसके तहत सबसे निर्बल समुदायों के बच्चों के लिये, स्कूलों में पौष्टिक आहार सुनिश्चित किया जा सकेगा. मंगलवार को इस आशय की घोषणा की गई है. हाल के समय में वेनेज़ुएला को गम्भीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ा है और देश में बाल कुपोषण के मामले बढ़े हैं.

डीआरसी: बढ़ती गम्भीर भुखमरी के हालात से आबादियाँ बेहाल

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता पदाधिकारियों ने मंगलवार को आगाह करते हुए कहा है कि काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में भुखमरी का स्तर रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गया है और देश में हर तीन में से एक व्यक्ति भुखमरी का सामना करने को मजबूर है.

यमन: मानवीय सहायता के लिये धनराशि का वादा ‘निराशाजनक’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यमन के लिये मानवीय राहत का इन्तज़ाम करने के लिये आयोजित 'सहायता राशि संकल्प सम्मेलन' के नतीजे को निराशाजनक क़रार दिया है. यूएन प्रमुख ने बताया कि पिछले वर्ष की मानवीय राहत कार्रवाई की तुलना में आधी संख्या में ही संकल्प व्यक्त किये गए हैं और संकल्प की धनराशि, वर्ष 2019 के आँकड़े की तुलना में एक अरब डॉलर कम है. 

युद्ध-पीड़ित अफ़ग़ानिस्तान के लिये 1.3 अरब डॉलर की सहायता राशि की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और उसके मानवीय राहत साझीदार संगठनों ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में डेढ़ करोड़ से ज़्यादा ज़रूरतमन्दों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये एक अरब 30 करोड़ डॉलर की धनराशि की आवश्यकता है. यूएन एजेंसियों के मुताबिक दशकों से हो रही हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं और कोरोनावायरस संकट के सामाजिक-आर्थिक व स्वास्थ्य प्रभावों के कारण अफ़ग़ान जनता गम्भीर चुनौतियोँ से जूझ रही है.   

यूनीसेफ़ की चेतावनी - संकटग्रस्त क्षेत्रों में लाखों बच्चे, अकाल के निकट

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि वर्ष 2021 के दौरान, काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य, नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े, मध्य सहेल, दक्षिण सूडान और यमन में एक करोड़ से भी अधिक बच्चे अत्यन्त गम्भीर कुपोषण से जूझ रहे होंगे. यूनीसेफ़ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल ठोस क़दम नहीं उठाए गए तो ये संख्या और भी बढ़ सकती है.

यमन में बाल कुपोषण का गम्भीर संकट, पूरी पीढ़ी पर मँडराता जोखिम

यमन में भुखमरी के कारण हाल के दिनों में कुपोषण से पीड़ित बच्चो की संख्या अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है. यमन को दुनिया में सबसे ख़राब मानवीय संकट के रूप में देखा जाता है और देश में हिंसक संघर्ष और आर्थिक बदहाली को दुष्प्रभावों को दूर करने के लिये पर्याप्त धनराशि का अभाव हालात को और जटिल बना रहा है.   

न्यूमोनिया पर कार्रवाई के अभाव में 90 लाख बच्चों की जान को ख़तरा

न्यूमोनिया के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रयासों को ज़्यादा मज़बूत बनाकर अगले दशक में 90 लाख बच्चों की मौतों को टाला जा सकता है. स्पेन के बार्सिलोना शहर में ‘बालावस्था में न्यूमोनिया’ विषय पर आयोजित वैश्विक फ़ोरम से ठीक पहले जारी एक नए विश्लेषण में यह बात सामने आई है. वर्ष 2018 में न्यूमोनिया से आठ लाख बच्चों की मौत हुई यानी हर 39 सेकेंड में एक बच्चे की मौत.

अफ़ग़ानिस्तान में हर दिन 9 बच्चे हताहत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक नई रिपोर्ट कहती है कि अफ़ग़ानिस्तान में हर दिन औसतन नौ बच्चों की या तो मौत हो रही है या फिर वे घायल हो रहे हैं. यूनीसेफ़ की रिपोर्ट में अफ़ग़ानिस्तान को दुनिया का सबसे घातक युद्धक्षेत्र क़रार दिया गया है. वर्ष 2009 से 2018 तक साढ़े छह हज़ार से ज़्यादा बच्चों की मौत हुई है और लगभग 15 हज़ार घायल हुए हैं.