कृषि

भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव, खाद्य सुरक्षा के लिये हालात जोखिम भरे

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पिछले एक दशक में, मृदा, भूमि और जल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ा है और अब स्थिति एक नाज़ुक पड़ाव पर पहुँच गई है. रिपोर्ट के मुताबिक़, मौजूदा हालात, पारिस्थितिकी तंत्रों की सेहत के नज़रिये से चिन्ताजनक हैं, जिससे बढ़ती विश्व आबादी की खाद्य सुरक्षा के लिये ख़तरा उत्पन्न हो सकता है.

कृषि मिट्टी में प्लास्टिक सर्वव्यापी, टिकाऊ विकल्पों के लिये और ज़्यादा शोध की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (FAO) ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि खेतीबाड़ी की ज़मीनों में, प्लास्टिक प्रदूषण की मौजूदगी सर्वव्यापी हो गई है जिसके कारण खाद्य सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, और पर्यावरण के लिये जोखिम उत्पन्न हो रहा है.

मिट्टी का खारापन, खाद्य सुरक्षा के लिये जोखिम - FAO

खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने कहा है कि जल की अपर्याप्त आपूर्ति और ख़राब गुणवत्ता वाली जल निकासी प्रणालियों समेत, अनुपयुक्त जल प्रबन्धन के कारण, मिट्टी का खारापन बढ रहा है. संगठन ने इसे एक ऐसी समस्या बताया है जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिये संकट बढ़ रहा है. 

भारत: विवादास्पद कृषि क़ानून वापिस लिये जाने का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने, भारत सरकार द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापिस लेने के फ़ैसले का स्वागत किया है. ध्यान रहे कि इन क़ानूनों के कारण, लगभग एक वर्ष पहले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिनके दौरान लगभग 600 लोगों की मौत भी हुई.

महज़ पेट भरने के बजाय, समुचित पोषण पर ध्यान दिये जाने की दरकार

जलीय भोजन, प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, सूक्ष्म पोषक तत्वों और अति-आवश्यक वसा अम्लों का स्रोत है, जिसके सेवन से बेहतर पोषण सुनिश्चित किया जा सकता है. विश्व खाद्य पुरस्कार (World Food Prize) विजेता, डॉक्टर शकुन्तला हरकसिंह थिल्सटेड ने, यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास इण्टरव्यू में, 2021 के लिये टिकाऊ व सेहतमन्द आहार में, मछली और जलीय खाद्य प्रणालियों की अहम भूमिका को रेखांकित किया है. 

अफ़ग़ानिस्तान: सूखा-पीड़ित किसानों व पशुपालकों के समक्ष एक विशाल संकट

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी जारी की है कि अफ़ग़ानिस्तान में किसानों और पशुपालकों पर विनाशकारी और अकाल जैसी परिस्थितियाँ का संकट मंडरा रहा है और सर्दी के मौसम की शुरुआत के बाद हालात और भी बदतर हो सकते हैं. 

एक नए विश्लेषण में, कृषि आधारित खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के, कार्बन पद चिन्ह उजागर

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (FAO) के नेतृत्व में कराए गए एक नए अध्ययन में सामने आया है कि खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन, घरेलू उपभोग और अपशिष्ट व कूड़ा-कचरा फेंके जाने की पूरी प्रक्रिया, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जकों की शीर्ष सूची में धकेल रही है. ये रिपोर्ट ग्लासगो में चल रहे यूएन जलवायु सम्मेलन के मौक़े पर सोमवार को जारी की गई है.

मैडागास्कर: कुछ इलाक़े अकाल से प्रभावित, बच्चों के लिये बढ़ा जोखिम

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने मंगलवार को कहा है कि दक्षिणी मैडागास्कर के कुछ इलाक़ों को अकाल के हालात का सामना करना पड़ रहा है. यूएन एजेंसी के देशीय उपनिदेशक एरडुइनो मैनगोनी के अनुसार यह जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाला, शायद पहला अकाल है. 

डेढ़ अरब लोगों का गुज़ारा, नमक की अधिकता वाली अनुपजाऊ ज़मीनों पर निर्भर

दुनिया भर के सभी महाद्वीपों में सिंचाई योग्य भूमि का 20 से 50 प्रतिशत हिस्सा इतना नमकीन हो गया है कि वो पूरी तरह से उपजाऊ नहीं बचा है, जिसके कारण, उन ज़मीनों में अपनी फ़सलें उगाने वाले लगभग डेढ़ अरब लोगों के लिये गम्भीर चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं.

दुनिया का पेट भरने में, ग्रामीण महिलाओं की अहम भूमिका रेखांकित करता दिवस

लैंगिक समानता व महिलाओं की बेहतरी के लिये सक्रिय संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन का कहना है कि वैसे तो ग्रामीण इलाक़ों में महिलाएँ व लड़कियाँ, खाद्य प्रणालियों में बहुत अहम व ज़रूरी भूमिका निभाती हैं मगर, फिर भी उन्हें पुरुषों के समान अधिकार व शक्ति हासिल नहीं है, इसलिये उन्हें आमदनी भी कम होती है. इसके अलावा, महिलाओं व लड़कियों को उच्च स्तर की खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ता है.