कोविड-19

कोविड-19: महामारी पर क़ाबू पाने के लिये इसराइल व फ़लस्तीन के बीच सहयोग की दरकार

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादैनॉफ़ ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए बताया कि महामारी ने इसराइल और फ़लस्तीन, दोनों के लिये गम्भीर हालात पैदा किये हैं. उन्होंने शान्ति स्थापना के लिये हर विकल्प पर विचार किये जाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए आगाह किया कि अस्थिरता भरे माहौल में कोरोनावायरस के फलने-फूलने का ख़तरा है.

महामारी - एक लड़की की नज़र से

कोविड-19 महामारी से दुनिया भर में करोड़ों बच्चों पर असर पड़ा है. स्कूल बन्द होने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिये अपनाए गए तालाबन्दी और अन्य उपायों ने लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,महत्वपूर्ण टीकों और पौष्टिक आहार से दूर कर दिया है. ख़ासतौर पर, लड़कियों के लिये स्थिति और भी ज़्यादा ख़राब हो गई है. इस तरह की संकट स्थितियों के दौरान लिंग आधारित हिंसा और हानिकारक प्रथाओं का ख़तरा बढ़ जाता है – विशेषकर ग़रीब और कमज़ोर वर्ग की लड़कियों के लिये. अनुमानों के मुताबिक, स्कूल फिर से खुलने पर भी शायद बहुत सी लड़कियाँ फिर कभी भी वापस विद्यालय ना जा सकें या फिर हालात से मजबूर होकर बाल विवाह का शिकार हो जाएँ. 

यूएन दिवस समारोह: चार्टर मिशन ‘पहले से कहीं ज़्यादा अहम’

सात दशकों से भी ज़्यादा समय पहले विश्व नेता वैश्विक शान्ति और प्रगति को पारस्परिक सहयोग के ज़रिये बढ़ावा देने के लिये एकजुट हुए थे, और उनके प्रयासों के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र की नींव तैयार हुई. यूएन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने यूएन महासभा हॉल में उसी वादे के प्रति अपना संकल्प फिर पुष्ट किया है. 
 

कोविड-19: विज्ञान, एकता और एकजुटता, महामारी को हराने के कारगर औज़ार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बेहतर तैयारी, विज्ञान को सुनने व समझने और एकजुट कार्रवाई ऐसे चन्द औज़ार हैं जिनका इस्तेमाल दुनिया भर में सभी देश कोरोनावायरस संकट पर क़ाबू पाने में कर सकते हैं. यूएन महासचिव गुटेरेश ने रविवार को विश्व स्वास्थ्य शिखर वार्ता को सम्बोधित करते हुए यह बात कही.

यूएन दिवस: कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक युद्धविराम के लिये कमर कसने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में पड़ी है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला इसी संस्थापना मिशन के बल पर किया जा सकता है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 23 अक्टूबर 2020

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कोविड-19: महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अगले कुछ महीने 'बेहद कठिन'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के बढ़ते मामलों से चिन्तित शुक्रवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में दुनिया एक अहम चरण में प्रवेश कर रही है और देशों की सरकारों को वायरस पर क़ाबू पाने के लिये तत्काल कार्रवाई करनी होगी. हाल के दिनों में योरोप और अमेरिका में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामले तेज़ी से बढ़े हैं और विश्व में प्रति दिन अब चार लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किये जा रहे हैं. 

वैश्विक व्यापार: कुछ हरियाली नज़र आने के बावजूद, अनिश्चित है डगर

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे तो वैश्विक व्यापार में मामूली सुधार हो रहा है, लेकिन आर्थिक पुनर्बहाली का व्यापक परिदृश्य अभी अनिश्चित ही है. 

दक्षिण-पूर्व एशिया में यूएन के साथ साझेदारियों की अहमियत पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के दौर में संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय निकायों के बीच साझेदारियाँ बेहद अहम हैं. महासचिव ने बुधवार को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के विदेश मन्त्रियों की एक वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. 

एशिया-प्रशान्त: कोरोनावायरस संकट का परिधान उद्योग पर भारी असर

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण आर्थिक गतिविधियों में आए व्यवधान से एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में परिधान सैक्टर (Garment sector) बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि मुख्य निर्यात बाज़ारों में उपभोक्ता माँग में तेज़ गिरावट, तालाबन्दी उपायों और कच्चे माल के आयात में कठिनाइयों के कारण आपूर्ति श्रृंखला, बड़ी संख्या में कामगार और उद्यम प्रभावित हुए हैं.