कोविड-19

कोविड-19: बचाव उपायों के कारगर पालन का अभाव, वायरस के लिये फैलने का मौक़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के 18 महीने बीत जाने के बावजूद, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का असरदार ढँग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

यूएन महासचिव: दूसरे कार्यकाल के लिये एंतोनियो गुटेरेश की फिर से नियुक्ति

संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश को यूएन महासचिव के तौर पर दूसरे पाँच-वर्षीय कार्यकाल के लिये फिर से नियुक्त किया गया है.

कोविड-19: मध्य-आय वाले देशों के लिये कर्ज़ राहत का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन महासभा में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए, कोविड-19 महामारी से उबरने में मध्य-आय वाले देशों के लिये, वित्तीय संसाधनों व कर्ज़ राहत की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

कोविड-19: अति-आवश्यक सेवाएँ जारी रखने में प्रवासियों का अहम योगदान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 16 जून, को ‘पारिवारिक धन प्रेषण का अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में कहा कि महामारी के दौरान, प्रवासियों ने मेज़बान देशों में, अति-आवश्यक सेवाओं और अर्थव्यवस्थाओं को सुचारू रूप से जारी रखने में अहम भूमिका निभाई है.

प्रकृति की पुनर्बहाली हमारी पीढ़ी की नैतिक परीक्षा – यूएन महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि भूमि, जलवायु, जैवविविधता व प्रदूषण के संकट आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन्हें हल करना मौजूदा पीढ़ी के लिये एक बड़ी परीक्षा है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने भावी स्वास्थ्य व पर्यावरणीय ख़तरों से निपटने और भूमि को बहाल किये जाने के लिये वैश्विक प्रयासों को मज़बूत बनाये जाने का आहवान करते हुए महत्वपूर्ण उपायों को साझा किया है.

कोविड-19: लगातार सातवें हफ़्ते संक्रमण मामलों में गिरावट दर्ज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि पिछले सात हफ़्तों से कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि मृतक संख्या में गिरावट की रफ़्तार कम है. डेढ़ वर्ष में वैश्विक महामारी के दौरान यह पहली बार है जब इतनी लम्बी अवधि तक संक्रमितों की संख्या में कमी नज़र आई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने जी-7 समूह के देशों द्वारा वैक्सीन को साझा किये जाने की घोषणा का स्वागत किया है, मगर दोहराया है कि इन ख़ुराकों को जल्द से जल्द वितरित किया जाना होगा.

 

कोविड-19: वृद्धजनों के साथ हिंसा व दुर्व्यवहार के मामलों में उछाल

संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ क्लॉडिया माहलेर ने बुज़ुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये, 15 जून को विश्व दिवस पर ऐसे उपायों को अपनाने की पुकार लगाई है जिनसे वृद्धजनों के लिये न्याय को सुनिश्चित किया जा सके.

जी-7 बैठक: वैक्सीन की 87 करोड़ ख़ुराकों को साझा करने के संकल्प का स्वागत

कोरोनावायरस वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये स्थापित ‘कोवैक्स’ पहल के साझीदार संगठनों ने जी-7 समूह के  देशों की उस घोषणा का स्वागत किया है, जिसमें 87 करोड़ ख़ुराकों को सीधे तौर पर साझा करने का संकल्प लिया गया है. वैक्सीन की इन ख़ुराकों की आपूर्ति 2021 और 2022 में किये जाने की योजना है और इनमें से आधी ख़ुराकों को इस वर्ष के अन्त तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.   

कोरोनावायरस वैक्सीन, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19, दुनिया के लिये असाधारण पीड़ा की वजह बनी है, और इस पर क़ाबू पाने के लिये, जीवनरक्षक कोविड-19 वैक्सीनों को वैश्विक सार्वजनिक भलाई के रूप में देखा जाना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अनेक देशों में, जंगल में आग की तरह फैल रहे वायरस को रोकने का कोई अन्य रास्ता नहीं है.

भारत के 'अदृश्य पर्यावरण कार्यकर्ता' - सफ़ाई साथी

भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान, प्लास्टिक कचरे में इस्तेमाल किये गए दस्तानों, मास्क व अन्य सामग्री की मात्रा बढ़ी है जिससे सफ़ाईकर्मियों के संक्रमण का शिकार होने का भी जोखिम बढ़ा है. उनके पास अक्सर ज़रूरी बचाव उपकरणों का अभाव होता है और सामाजिक संरक्षा योजनाओं तक पहुँच नहीं होती. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने ‘उत्थान’ नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है जिसके तहत, सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने के लिये, नौ हज़ार सफ़ाई साथियों को राष्ट्रीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद मिली है और उनके टीकाकरण के भी प्रयास किये जा रहे हैं.