कोरोना वायरस

कोविड-19: नेपाल के लिये समर्थन व एकजुटता की अपील

नेपाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि डॉक्टर राजेश पाण्डव ने देश में मौजूदा कोरोनावायरस संकट के मद्देनज़र, अन्य देशों से वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकों को नेपाल के साथ साझा किये जाने की अपील की है. वैश्विक महामारी कोविड-19 की भीषण लहर की चपेट में आए नेपाल में, संक्रमितों का आँकड़ा पाँच लाख को पार कर गया है और अब तक सात हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

महामारियों से निपटने की तैयारियों के लिये अन्तरराष्ट्रीय सन्धि की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सदस्य देशों को आगाह किया है कि यह मानना एक बड़ी भूल होगी कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का संकट गुज़र चुका है. यूएन एजेंसी प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने मौजूदा कोरोनावायरस संकट से सबक़ लेते हुए एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते का आग्रह किया है, ताकि भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके और वैक्सीनों, उपचारों व परीक्षणों को न्यायोचित ढँग से उपलब्ध कराना सम्भव हो.

कोविड-19: वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने व न्यायसंगत वितरण के लिये तत्काल प्रयास ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि दुनिया, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लक्ष्य से बहुत दूर है. उन्होंने शुक्रवार को इन जीवनरक्षक उपायों की न्यायोचित सुलभता के विषय पर आयोजित एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान ज़ोर देकर कहा कि इस त्रासदी से हर हाल में बचा जाना होगा.

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर का रूप बहुत अलग, बहुत घातक

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर के लिये तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि मौजूदा संकट के दौरान यूएन एजेंसियाँ, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली व टीकाकरण मुहिम को मज़बूती प्रदान करने और कोविड-19 से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने, सभी मोर्चों पर सक्रिय हैं.

कोविड-19: 'वायरस के विरुद्ध युद्ध', जी20 टास्क फ़ोर्स के गठन का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व की सबसे धनी अर्थव्यवस्थाओं से आग्रह किया है कि कोविड-19 महामारी का अन्त करने के लिये उन्हें अग्रणी भूमिका निभाने की ज़रूरत है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को रोम में जी20 समूह की वैश्विक स्वास्थ्य शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति के लिये, हर स्थान पर वैक्सीन मुहैया कराए जाने के प्रयासों को मज़बूती प्रदान की जानी होगी.

आपबीती: 'एकजुटता और करुणा भाव से मिलेगी कोविड-19 पर कामयाबी'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के भारत कार्यालय में जल,साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता (WASH) विभाग में सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट के पद पर कार्यरत, जैसिण्डा मैथ्यू ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया है. उन्होंने अपने एक ब्लॉग में कहा कि जिस तरह लोग एक-दूसरे की मदद के लिये आगे आ रहे हैं, वो भरोसा जगाता है कि हम इस वायरस पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे...

कोविड-19: वैक्सीन वितरण में विषमता से देशों के बीच उभरती दरार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों और मृतक संख्या में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, मगर विश्व में अब एक विभाजन भी उभरता दिखाई दे रहा है. ऐसा लगता है कि ज़्यादा टीकाकरण वाले देशों में महामारी को मोटे तौर पर ख़त्म माना जा रहा है, जबकि वैक्सीन की क़िल्लत से जूझ रहे देश, संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में हैं.

चीन की वैक्सीन को आपदा प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि चीन में विकसित की गई एक कोविड-19 वैक्सीन को, आपदा प्रयोग की अनुमति दे दी गई है. साइनोफ़ार्म नामक इस वैक्सीन के आपदा प्रयोग को हरी झण्डी मिलने के बाद, इस वैक्सीन का प्रयोग, सम्भवतः उन देशों में किया जा सकेगा जहाँ अभी तक या तो वैक्सीन बिल्कुल भी नहीं पहुँची है या फिर कम मात्रा में पहुँची है.

भारत: यूएन मदद में सक्रिय

भारत में अप्रैल महीने के दौरान, कोविड-19 की दूसरी लहर ने भीषण तबाही मचा दी है. भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, डॉक्टर रॉड्रिको एच ऑफ्रिन का कहना है कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही इस महामारी के रोकथाम की कुंजी है. वीडियो रिपोर्ट...

भारत में कोविड-19 की रोकथाम के लिये हरसम्भव कोशिश

भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ने भीषण तबाही मचा दी है. महामारी के संक्रमण के, हर रोज़ तीन से चार लाख के बीच मामले सामने आ रहे हैं और भारी संख्या में लोग उचित समय पर इलाज और संसाधनों की कमी के कारण मौत का शिकार बन रहे हैं. इस भयावह स्थिति को समझने और इससे निपटने के उपायों को लेकर, भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, डॉक्टर रॉड्रिको एच ऑफ्रिन ने, यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही इस महामारी के रोकथाम की कुंजी है...