कोरोना वायरस

वर्ष 2020: जिसे कोविड-19 ने बिल्कुल उलट-पलट कर दिया...

कोविड-19, वस्तुतः हर जगह है, और वर्ष 2020 के दौरान, इस महामारी का फैलाव और परिणामस्वरूप इसके प्रभावों ने एक असाधारण दायरे और विशालता वाला असाधारण वैश्विक संकट पैदा कर दिया है. वर्ष 2020 को अलविदा कहने के लिये, यहाँ प्रस्तुत है, महामारी के सन्दर्भ में, संयुक्त राष्ट्र के कामकाज और लोगों के जीवन में उसके महत्व की कुछ झलकियाँ. पिछले 12 महीनों के दौरान हुई प्रमुख घटनाओं पर एक नज़र...

कोविड-19 के नए रूप पर सख़्त निगरानी, ब्रिटेन से यात्राओं पर अनेक देशों में रोक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन में, कोरोनावायरस के जो अन्य प्रकार या रूप पाए गए हैं, उनके बारे में और ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिये, वैज्ञानिक काम पर जुटे हुए हैं. 

महामारी के दौरान कुछ राजनेताओं की हरकतें निन्दनीय, नए अमेरिकी राष्ट्रपति से उम्मीदें

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के समय में, कुछ देशों में राजनैतिक नेतृत्व ने, निन्दनीय बर्ताव किया है. उन्होंने उम्मीद भी जताई है कि अमेरिका में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता संभालने के साथ ही, वर्ष 2021 एक बेहतर साल होगा. 

कोविड-19: वैक्सीन के लिये जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता देनी होगी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस ऐडनेहॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को कहा है कि अब जबकि, अनेक देश, आने वाले दिनों, सप्ताहों और महीनों के दौरान, कोविड-19 महामारी की वैक्सीन मुहैया कराना शुरू करेंगे, तो स्वास्थ्य कर्मियों और जोखिमों का सामना करने वाले अन्य आबादी को वैक्सीन के लिये प्राथमिकता पर रखा जाना चाहिये. 

'महामारी से उबरने में हवाई परिवहन की है अहम भूमिका'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुए नागरिक उड्डयन (हवाई यातायात व परिवहन) सैक्टर को और ज़्यादा मदद व समर्थन दिये जाने का आहवान किया है ताकि ये सैक्टर महामारी से हुई भारी वैश्विक आर्थिक तबाही के माहौल में ख़ुद के लिये बेहतर रास्ता निकाल सके.

कोविड-19: महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है, अब भी चौकसी बहुत ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडनेहॉम घेबरेयेसस ने इन बढ़ती अवधारणाओं के ख़िलाफ़ चेतावनी जारी की है जिसमें लोग ये समझने लगे हैं कि कोविड-19 महामारी अब ख़त्म हो गई है, जबकि कुछ देशों में महामारी के संक्रमण के मामले बहुत ज़्यादा हो रहे हैं, और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बहुत बढ़ रहा है. 

कोविड-19: सटीक निर्णयों से निकलेगा सभी के लिये सम्मानजनक जीवन का रास्ता

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिये इस समय लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय ही तमाम लोगों के लिये सम्मानजनक जीवन का रास्ता प्रशस्त करेंगे. उन्होंने स्वास्थ्य महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों की समीक्षा करने के लिये, यूएन महासभा के दो दिवसीय सत्र के अन्तिम दिन शुक्रवार को ये बात कही.

यूएन न्यूज़-हिन्दी बुलेटिन, 4 दिसम्बर 2020

इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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कोविड-19: आपसी सम्बन्धों पर प्रभाव

स्वास्थ्य संकट की स्थिति में, स्कूल, सामाजिक संस्थाओं और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच खो देने के कारण, ख़ासतौर पर लड़कियों को बाल-विवाह और कम उम्र में गर्भवती होने के जोखिम का सामना करना पड़ता है.

बांग्लादेश की 15 साल की त्रिशा कहती हैं, "मैं एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था चाहती हूँ, जहाँ महिलाएँ और बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित हों. बाल विवाह हमारे समाज के लिये एक अभिशाप है. जब कोई लड़की बाल विवाह का शिकार होती है, तो वह शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित होती है.”

यह वीडियो, लड़कियों ने ख़ुद बनाकर, अपने विचार, अपने शब्दों में, व्यक्त किये हैं. (वीडियो देखें)...

कोविड-19: वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिये, यूनीसेफ़ की मुस्तैदी तेज़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष-(UNICEF) कोविड-19 महामारी की वैक्सीन उपलब्ध होने पर इसे 92 देशों में जल्द से जल्द मुहैया कराने की योजनाओं पर दुनिया भर में अनेक साझीदारों, प्रमुख एयरलाइनों, समुद्री परिवहन कम्पनियों और अन्य ढाँचागत संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिनकी संख्या 350 से भी ज़्यादा है. एजेंसी सोमवार को ये ख़बर जारी की है.