कॉप-25

कॉप-25: वार्ताओं में प्रगति, जलवायु महत्वाकांक्षाओं पर निराशा

कॉप-25 में चल रही वार्ताएं अंततः रविवार को समाप्त हो गईं. इनमें निजी क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों के स्तर पर ख़ासी प्रगति हुई है. अलबत्ता, जलवायु कार्रवाई के लिए महत्वाकाँक्षाएँ बढ़ाने के मुद्दे पर कोई आम सहमति नहीं हो सकी जिस पर बड़े पैमाने पर निराशा का माहौल भी देखा गया.

कॉप-25: महत्वाकांक्षा भरा संदेश देने की पुकार

स्पेन के मैड्रिड शहर में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (कॉप-25) के अंतिम दिन शुक्रवार को देशों के प्रतिनिधिमंडल देर रात तक पारस्परिक सहमति को अंतिम रूप देने के प्रयासों मे जुटे थे. यूएन प्रमुख ने अपने संदेश में सभी देशों से ज़्यादा महत्वाकांक्षी होने और विज्ञान पर आधारित मज़बूत कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है.

हरित भविष्य के लिए कायापलट कर देने वाले बदलाव लाने होंगे

ऐसे में जबकि विश्व में गहराते जलवायु संकट से करोड़ों लोगों का रोज़गार प्रभावित हो रहा है, तो भविष्य में लोगों की आजीविका के साधनों को सुरक्षित रख पाना इस तरह के कायापलट कर देने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा कि हम किस तरह पृथ्वी पर ऊर्जा कैसे हासिल करते हैं और अपने संसाधनों का प्रबंधन किस तरह करते हैं.

कॉप-25: जलवायु कार्रवाई में व्यवसायों को सहारा देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम व्यवसायों और सिविल सोसायटी का आहवान किया है कि वो सरकारों पर ऐसी बेहतर नीतियाँ बनाने के लिए दबाव डालें जिनके ज़रिए जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में निजी क्षेत्र के प्रयासों को भी सहारा दिया जा सके.

जलवायु सम्मेलन में सार्थक नतीजे हासिल करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने कहा है कि स्पेन में हो रहे जलवायु सम्मेलन से जलवायु संकट से निपटने के लिए ठोस नतीजों का सामने आना अनिवार्य है. स्पेन की राजधानी मैड्रिड में जारी कॉप-25 सम्मेलन के दौरान विज्ञान की स्पष्टता के बारे में बताते हुए कहा गया है वैश्विक और राष्ट्रीय स्तरों पर तत्काल असरदार जलवायु कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.