खाद्य सुरक्षा

'सुरक्षित भविष्य के लिए रोकना होगा मिट्टी का क्षरण'

पृध्वी पर टिकाऊ जीवन और मानव कल्याण के लिए मिट्टी का स्वस्थ होना बेहद अहम है लेकिन विश्व के सभी महाद्वीपों पर मृदा क्षरण होने से खाद्य व जल सुरक्षा और जीवन की कई बुनियादी ज़रूरतों पर ख़तरा बढ़ रहा है. इस वर्ष ‘विश्व मृदा दिवस’ के अवसर पर मिट्टी के क्षरण को रोकने और भविष्य में उसे फिर से स्वस्थ बनाने के प्रति जागरूकता के प्रसार पर ज़ोर दिया जा रहा है.

नेपाल: जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए नई परियोजना मंज़ूर

नेपाल में जलवायु परिवर्तनों के असर के प्रति सहनशीलता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य से बुधवार को तीन करोड़ 90 लाख डॉलर की एक परियोजना को मंज़ूरी दी गई है. संयुक्त राष्ट्र समर्थित ग्रीन क्लाइमेट फ़ंड (GCF) के बोर्ड ने ताज़ा निर्णय पर जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट से दस लाख नेपाली नागरिकों को लाभ होगा. 

यूएन रिपोर्ट: भोजन की बर्बादी रोकने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (UNFAO) की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि मानव उपभोग के लिए पैदा किया जाने वाला एक तिहाई से ज़्यादा भोजन या तो बर्बाद हो जाता है या फिर उसका नुक़सान होता है.  इस रिपोर्ट में ऐसे समाधान भी पेश किए गए हैं जिन्हें अपनाए जाने से असरदार ढंग से भोजन की विशालकाय बर्बादी की रोकथाम के साथ-साथ भुखमरी से निपटने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी.

 

 

दुनिया में भुखमरी का अंत कैसे सुनिश्चित हो?

पृथ्वी पर हर एक इंसान का पेट भरने लायक पर्याप्त भोजन का उत्पादन हो रहा है, लेकिन फिर भी विश्व के कुछ हिस्सों में भुखमरी बढ़ती जा रही है और 82 करोड़ से ज़्यादा लोग "लगातार कुपोषण का शिकार" बने हुए हैं. दुनिया में हर इंसान को पर्याप्त भोजन मिले – ये सुनिश्चित करने के लिए आख़िर क्या क़दम उठाए जा रहे हैं?

विश्व भर में 82 करोड़ लोग भुखमरी से पीड़ित

दुनिया भर में पिछले तीन वर्षों में भुखमरी का शिकार लोगों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है – वर्तमान में हर नौ में से एक व्यक्ति भुखमरी से पीड़ित है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (UNFAO) ने सोमवार को एक नई रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ़ फ़ूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन इन द वर्ल्ड 2019’ जारी की है जिसमें यह जानकारी सामने आई है.

स्वाइन फ़ीवर के पैर पसारने से छोटे किसानों की मुश्किलें बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (UNFAO) के अनुसार पूर्वी और दक्षिणपूर्वी एशिया के देशों में अफ़्रीकन स्वाइन बुखार तेज़ी से फैल रहा है जिससे लाखों घरों के लिए खाद्य सुरक्षा और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग भोजन और आय के लिए सुअर पालन पर निर्भर हैं.

सुरक्षित आहार है सेहमतंद जीवन का आधार

असुरक्षित भोजन हर साल चार लाख से ज़्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है - इनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या सवा लाख है. इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए 7 जून को पहली बार ‘सुरक्षित आहार दिवस’ मनाया जा जा रहा है जिसके ज़रिए दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने और उनकी रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जैवविविधता का संरक्षण अहम

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े दर्शाते हैं कि दुनिया भर में फ़सलों की विविधता घट रही है और लोगों का खाना एक जैसा होता जा रहा है जो बड़ी चिंता का कारण है. यह चेतावनी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस पर जारी की गई है जिसके ज़रिए पर्यावरण की उपेक्षा से खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है.

मानवीय गतिविधियों के चलते मधुमक्खियों की संख्या में गिरावट

सदियों से मधुमक्खियों सहित अन्य परागणकारी जीव कृषि उत्पादन और जैवविविधता में बहुमूल्य योगदान देते आए हैं और दुनिया में तीन चौधाई से ज़्यादा फ़सलों का परागण करते हैं. लेकिन उनकी संख्या में लगातार कमी आने से वैश्विक खाद्य सुरक्षा के सामने एक बड़ा ख़तरा पैदा हो रहा है. विश्व मधुमक्खी दिवस पर परागणकारी जीवों की अहम भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाने का  प्रयास किया जा रहा है.

निकट पूर्व और उत्तर अफ़्रीका में पांच करोड़ लोग भूख से पीड़ित

भूख और हिंसा के बीच संबंध को रेखांकित करती एक नई संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार निकट पूर्व और उत्तर अफ़्रीका के देशों में भुखमरी लगातार बढ़ रही है. ऐसा हिंसा प्रभावित और लंबे समय से संकटग्रस्त देशों में हो रहा है जिसका आने वाले कई सालों तक खाद्य सुरक्षा पर असर बने रहने की आशंका है.