खाद्य सुरक्षा

भोजन की हानि व बर्बादी से प्रतिवर्ष 400 अरब डॉलर का नुक़सान, रोकथाम उपायों की पुकार

भोजन को आधा-अधूरा खाकर उसे कूड़ेदान में फेंक देने की प्रवृत्ति से, भोजन बर्बादी की समस्या गम्भीर रूप धारण कर रही है, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब 80 करोड़ से अधिक लोग भूखे पेट सोने के लिये मजबूर हैं. इस मुद्दे की ओर, बुधवार, 29 सितम्बर, को 'भोजन की हानि व बर्बादी पर अन्तरराष्ट्रीय जागरूकता दिवस' पर विशेष  ध्यान आकर्षित किया गया है. 

भोजन की बर्बादी है वैश्विक समस्या – खाद्य व पोषण असुरक्षा का एक कारण

संयुक्त राष्ट्र ने सचेत किया है कि भोजन की कमी, भुखमरी और कुपोषण की समस्या से दुनिया का हर देश पीड़ित है, और इसलिये भोजन की हानि व बर्बादी रोकने के लिये तत्काल कार्रवाई की जानी होगी. 

भोजन नहीं है व्यापार की वस्तु, बल्कि है मानवाधिकार - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हर दिन करोड़ों लोग भूखे पेट सोते हैं. तीन अरब लोगों के लिये पोषक आहार उनकी पहुँच से बाहर है. दो अरब लोगों का वज़न या तो आवश्यकता से अधिक है या फिर वे मोटापे का शिकार हैं, जबकि 46 करोड़ लोगों का वज़न कम है. दुनिया भर में कुल खाद्य उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है.

कृषि-सम्बन्धी समर्थन उपायों से मानव व पर्यावरण स्वास्थ्य को ख़तरा – यूएन रिपोर्ट

विश्व भर में कृषि उत्पादकों को दिये जाने वाले कुल 540 अरब डॉलर के सरकारी समर्थन में, क़रीब 87 फ़ीसदी धनराशि ऐसे रूपों में है, जो कि क़ीमतों को प्रभावित करते हैं और जिनसे प्रकृति व स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँच सकता है. 

इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में दिनों-दिन गहराता मानवीय संकट

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में मानवीय सहायता संकट दिनों-दिन बदतर होता जा रहा है. हिंसा प्रभावित इलाक़े में मानवीय राहत सामग्री, नक़दी और ईंधन का भण्डार या तो बहुत कम है या पूरी तरह ख़त्म हो चुका है.

संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 के कारण, ज़्यादा लोग भुखमरी की चपेट में

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने सोमवार को चेतावनी भरे शब्दों कहा है कि दुनिया भर में संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 महामारी के प्रभावों के कारण, भुखमरी आसमान छूने वाली रफ़्तार से बढ़ रही है और दुनिया भर में हर 5 में से एक यानि लगभग 20 प्रतिशत बच्चे नाटेपन के शिकार हैं. 

म्याँमार: खाद्य सहायता की कोशिशें

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम - WFP के उप निदेशक, मारकस प्रायर ने कहा है कि अगले छह महीनों में, 34 लाख से अधिक लोग, विभिन्न स्तरों पर खाद्य असुरक्षा के शिकार हो सकते हैं. यूएन खाद्य एजेंसी का कहना है कि वो खाद्य असुरक्षा के शिकार लोगों तक पर्याप्त सहायता पहुँचाने के इन्तज़ाम कर रही है. वीडियो रिपोर्ट...

गहन प्राकृतिक आपदाओं में तेज़ी - कृषि क्षेत्र पर सर्वाधिक असर

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के नए और अभूतपूर्व रूपों का, कृषि उद्योग पर भीषण असर हुआ है. यूएन कृषि एजेंसी ने गुरुवार को जारी अपनी एक नई रिपोर्ट में यह बात कही है.   
 

सीरिया: आर्थिक बदहाली, फैलती भुखमरी, बढ़ती मानवीय राहत ज़रूरतें

सीरिया की अर्थव्यवस्था एक बेहद कठिन दौर से गुज़र रही है और पिछले डेढ़ वर्षों में, देश ने आर्थिक मोर्चे पर अनेक झटकों का सामना किया है. संयुक्त राष्ट्र में आपात राहत मामलों के समन्वयक मार्क लोकॉक ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को, हालात से अवगत कराते हुए बताया कि सीरियाई मुद्रा के लुड़कने और बेरोज़गारी बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिये बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना संघर्षपूर्ण साबित हो रहा है. 

कोविड-19: महामारी से वैश्विक मछली उद्योग में भारी उठापठक

वैश्विक महामारी कोविड-19 दुनिया भर में मछली पालन उद्योग में व्यापक उथलपुथल का सबब बन गई है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) ने मंगलावर को एक नई रिपोर्ट पेश की है जिसमें महामारी के कारण मत्स्य उद्योग पर हुए असर का आकलन प्रस्तुत किया गया है.