खाद्य असुरक्षा

यूएन प्रवासन एजेंसी: अफ़ग़ानिस्तान के लिये दो करोड़ 40 लाख डॉलर की अपील

अफ़ग़ानिस्तान में गहराते मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए, अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने गुरूवार को दो करोड़ 40 लाख डॉलर की तत्काल राहत की अपील जारी की है ताकि पिछले दो महीनों में, देश भर में विस्थापित हुए लाखों लोगों तक ज़रूरी सहायता पहुँचाई जा सके.

हिंसा, आर्थिक बदहाली, विस्थापन, महामारी – अफ़ग़ानिस्तान में 'अविश्वसनीय' संकट

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक संघर्ष, सूखे और कोविड-19 महामारी से अविश्वसनीय स्तर पर एक संकट आकार ले रहा है, जो स्थानीय समुदायों को मानवीय विनाश की ओर धकेल रहा है.  

लातिन अमेरिका व कैरीबियाई क्षेत्र में चरम मौसम से करोड़ों लोग प्रभावित

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) व अन्य यूएन एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 1998 और 2020 के दौरान, जलवायु-सम्बन्धी और भू-भौतिकीय घटनाओं से लातिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र में, तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है और 27 करोड़ से ज़्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. 

इथियोपिया: टीगरे में भुखमरी से गम्भीर हालात, यूएन एजेंसियों ने तेज़ किये राहत प्रयास

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के प्रमुख डेविड बीज़ली ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में तत्काल जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये रास्तों को खोले जाने का आग्रह किया है. सरकारी सुरक्षा बलों और हथियारबन्द गुटों के बीच लड़ाई जारी रहने से, हिंसा प्रभावित इलाक़े में साढ़े तीन लाख लोगों पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है.

 

15 करोड़ लोग गम्भीर खाद्य असुरक्षा के पीड़ित, हिंसक संघर्ष हैं बड़ी वजह

हिंसक संघर्ष, चरम मौसम की घटनाओं और कोविड-19 से उपजे आर्थिक झटकों के कारण, वर्ष 2020 में कम से कम 15 करोड़, 50 लाख लोगों को संकट के स्तर पर खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें प्रभावितों तक राहत पहुँचाने, व्यापक पैमाने पर मौतें टालने और आजीविकाएँ ढहने से बचाने के लिये तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है.  

म्यामाँर: राजनैतिक संकट के बीच, लोगों तक भोजन पहुँचाने की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), म्याँमार में मौजूदा राजनैतिक संकट के कारण उत्पन्न हालात के बीच खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लाखों लोगों के लिये भोजन व अन्य सहायता पहुँचाने के प्रबन्ध करने में सक्रिय है. म्याँमार में यूएन खाद्य एजेंसी के उप निदेशक मारकस प्रायर ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि बैंकिग व्यवस्था चरमराने के कारण, लोगों को, भोजन असुरक्षा के साथ-साथ, भोजन ख़रीदने के लिये नक़दी का इन्तज़ाम करने की भी परेशानी भी हो रही है...

20 देश गम्भीर खाद्य असुरक्षा के 'हॉटस्पॉट' – तत्काल कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों का कहना है कि 20 देशों में, अकाल, लाखों परिवारों के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और खाद्य एवँ कृषि संगठन (FAO) ने मंगलवार को साझा रूप से "Hunger Hotspots" नामक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें बढ़ती भुखमरी के लिये हिंसक संघर्ष, चरम मौसम की घटनाओं और कोविड-19 को ज़िम्मेदार ठहराया गया है, और हालात ना बिगड़ने देने के लिये तत्काल कार्रवाई किये जाने की पुकार लगाई गई है.

एक करोड़ से ज़्यादा सीरियाई नागरिकों को नहीं मिलता भरपेट भोजन - WFP

एक दशक पुराने हिंसक संघर्ष से पीड़ित सीरिया में, कुल आबादी का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्सा – एक करोड़ 24 लाख लोग - खाद्य असुरक्षा का शिकार है, यानी उन्हें पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में पिछले एक वर्ष में बुनियादी खाद्य वस्तुओं की क़ीमतों में 250 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और मौजूदा हालात में वर्ष 2021 में बहुत से परिवारों के लिये पर्याप्त भोजन का इन्तज़ाम कर पाना मुश्किल होगा.

दशकों की हिंसा से पीड़ित सीरिया संकटों की 'धीमी सूनामी' की जकड़ में

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष यूएन दूत गेयर पैडरसन ने कहा है कि एक दशक से चले आ रहे हिंसक संघर्ष और कोविड-19, भ्रष्टाचार व कुप्रबन्धन के कारण देश आर्थिक बदहाली का शिकार है. उन्होंने बुधवार को सुरक्षा परिषद को हालात से अवगत कराते हुए कहा कि एक धीमी सूनामी पूरे देश को अपनी चपेट में ले रही है. 

भुखमरी प्रभावित इलाक़ों में अकाल की आशंका - तत्काल कार्रवाई का आग्रह

खाद्य असुरक्षा से गम्भीर रूप से पीड़ित (Hot spots) बुरकिना फ़ासो, पूर्वोत्तर नाइजीरिया, दक्षिण सूडान और यमन, में पीड़ितों तक तत्काल सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि उन्हें अकाल के गर्त में धँसने से बचाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने शुक्रवार को इस सम्बन्ध में अपनी चेतावनी ज़ाहिर करते हुए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से  त्वरित कार्रवाई का आहवान किया है.