खाद्य सुरक्षा

दक्षिण सूडान के यूनिटी प्रान्त में एक महिला, विश्व खाद्य कार्यक्रम से प्राप्त सामग्री से खाना पका रही है.
© WFP/Gabriela Vivacqua

2023 में खाद्य तबाही की आशंका, 'रोकथाम के लिए एकजुट कार्रवाई अभी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इंडोनेशिया में जी20 समूह की शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि समन्वित कार्रवाई के अभाव में, इस वर्ष ‘वहन क्षमता का संकट’ (crisis of affordability), वर्ष 2023 में वैश्विक खाद्य क़िल्लत का गम्भीर रूप धारण कर सकता है.

हिंसक टकराव, त्वरित जनसंख्या वृद्धि और खाद्य आयात पर भारी निर्भरता से उत्तर अफ़्रीका समेत अन्य क्षेत्रों के लिये गम्भीर चुनौतियाँ हैं.
FAO/Ami Vitale

खाद्य आयात बिल पहुँचा दो हज़ार अरब डॉलर के नज़दीक, बढ़ती क़ीमतों से उभरी चिंता

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2022 में वैश्विक खाद्य आयात का मूल्य बढ़ कर एक हज़ार 940 अरब डॉलर तक पहुँच जाने की सम्भावना है, जोकि पहले जताए गए अनुमान से अधिक है.  

श्रीलंका में लगातार दो मौसम में ख़राब कृषि पैदावार होने के कारण खाद्य असुरक्षा का संकट गहरा हुआ है.
© UNICEF/Chameera Laknath

श्रीलंका: 34 लाख ज़रूरतमंदों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये संशोधित अपील

संयुक्त राष्ट्र ने विशाल आर्थिक संकट से गुज़र रहे देश, श्रीलंका के लिये अपनी मानव कल्याण आवश्यकताओं व प्राथमिकताओं के लिये प्रस्तावित योजना में संशोधन करते हुए 34 लाख से अधिक लोगों के लिये जीवनरक्षक सहायता सुनिश्चित किये जाने का अनुरोध किया है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, यूक्रेन के ओडेसा बन्दरगाह में एक जहाज़ में लदे अनाज की रवानगी को महसूस करते हुए.
UN Photo/Mark Garten

‘काला सागर अनाज निर्यात पहल’ में रूसी भागेदारी फिर शुरू होने की घोषणा, यूएन प्रमुख ने किया स्वागत  

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘काला सागर अनाज पहल’ में रूस द्वारा अपनी भागेदारी फिर से शुरू करने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया है. यूक्रेन में युद्ध की पृष्ठभूमि में शुरू की गई इस पहल के तहत, अब तक यूक्रेनी बन्दरगाहों से काला सागर के ज़रिये क़रीब एक करोड़ मीट्रिक टन अहम खाद्य सामग्री रवाना की जा चुकी है.

यूक्रेन की एक प्रसंस्करण फ़ैक्ट्री में ट्रक से अनाज उतारा जा रहा है.
© FAO/Genya Savilov

यूक्रेन: यूएन के नेतृत्व वाली अनाज पहल से, वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मिली मज़बूती

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास कार्यक्रम (UNCTAD) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से अनाज निर्यात के लिये, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में ‘काला सागर अनाज पहल’ के ज़रिये उन लाखों-करोड़ों लोगों में आशा का संचार हुआ है, जोकि बढ़ती क़ीमतों और खाद्य आपूर्ति में आए व्यवधान के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे थे.

पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित इलाक़े में कुपोषण का शिकार एक बच्चे को उसकी माँ खाना खिला रही है.
© UNICEF/Shehzad Noorani

वैश्विक भूख संकट टालने के लिये, समन्वित कार्रवाई की पुकार

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी जारी की है कि दुनिया में भूख की मार झेल रहे लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने का जोखिम उभर रहा है. वैश्विक खाद्य संकट के कारण बड़ी संख्या में लोगों के लिये खाद्य असुरक्षा हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, जिसके मद्देनज़र, यूएन एजेंसी ने 16 अक्टूबर को 'विश्व खाद्य दिवस' से ठीक पहले, मौजूदा संकट की बुनियादी वजहों से निपटने की पुकार लगाई है.

19 से 24 सितम्बर तक, नई दिल्ली में चलने वाले 'खाद्य और कृषि के लिये पादप आनुवांशिक संसाधनों पर अन्तरराष्ट्रीय संधि' (ITPGRFA) के शासी निकाय के 9वें सत्र की मेज़बानी भारत कर रहा है.
UN News

भारत: कृषि में जैव-विविधता संरक्षण के लिये अहम सम्मेलन

किसानों के अधिकारों की रक्षा और खाद्य एवं कृषि में जैव विविधता को संरक्षित करने के लिये, सोमवार को भारत में, पादप आनुवंशिक संसाधनों पर, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन - FAO की अन्तरराष्ट्रीय सन्धि का 9वाँ सत्र शुरू हुआ है. इस सम्मेलन में, अनेक देशों के प्रख्यात वैज्ञानिक और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

तंज़ानिया के दार अस्सलाम में एक कामगार ट्रक पर गेहूँ की बोरी लादते हुए.
© FAO/Giuseppe Bizzarri

‘काला सागर अनाज पहल’: यह क्या है, और विश्व के लिये क्यों अहम है

फ़रवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की शुरुआत के बाद, यूक्रेन से अनाज और रूस से खाद्य वस्तुओं व उर्वरकों की आपूर्ति पर भीषण असर हुआ. आपूर्ति में आए इस व्यवधान की वजह से क़ीमतों में उछाल दर्ज किया गया, जिसकी वजह से विश्व में खाद्य संकट जैसे हालात भी पनपने लगे. इसके बाद, संयुक्त राष्ट्र और तुर्कीये के मध्यस्थता प्रयासों के फलस्वरूप ‘काला सागर अनाज पहल’ के ज़रिये, यूक्रेन से दुनिया भर में खाद्य सामग्री व उर्वरक निर्यात को सम्भव बनाने के लिये प्रयास किये गए. इसी पहल के विषय में कुछ अहम जानकारी…

श्रीलंका में लोग खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती क़ीमतों और ज़रूरी चीज़ों की भारी क़िल्लत के बीच, अपनी खाद्य और पोषण आवश्यकताएँ पूरी करने में, संघर्ष कर रहे हैं.
© WFP/Josh Estey

श्रीलंका: ख़राब कृषि उत्पादन और बढ़ती क़ीमतों के कारण, खाद्य सुरक्षा पर संकट

खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने सोमवार को प्रकाशित अपनी एक नई रिपोर्ट में आगाह किया है कि श्रीलंका में 63 लाख लोग, मध्यम से गम्भीर स्तर पर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं. जीवनरक्षक सहायता और आजीविका सम्बन्धी समर्थन के अभाव में हालात के बद से बदतर होने की आशंका व्यक्त की गई है. 

यूक्रेन के ख़ारकीयेव शहर में, एक 12 वर्षीय लड़की, अपने स्कूल के सामने, जो युद्ध में तबाह हो गया. ये लड़की अब अपनी शिक्षा ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त करती है.
© UNICEF/Ashley Gilbertson

विस्थापन, वैश्विक व आम जन की सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध की बड़ी चुनौतियाँ

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन में जारी युद्ध में अब तक पाँच हज़ार 718 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 372 बच्चे हैं.