खाद्य सहायता

इथियोपिया के टीगरे के एक स्कूल में कुछ बच्चियां यूनीसेफ़ समर्थित स्कूल के बाहर पढ़ रही हैं.
© UNICEF/Esiey Leul Kinfu

इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में तेज़ हुई लड़ाई, यूएन प्रमुख ने जताई चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार को जारी अपने एक वक्तव्य में इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में लड़ाई में आई तेज़ी पर गहरी चिन्ता जताई है. नवम्बर 2020 के बाद से इस क्षेत्र में सरकारी सुरक्षा बलों और अलगाववादी लड़ाकों में हिंसक टकराव जारी है, जिससे गम्भीर मानवीय हालात उत्पन्न हुए हैं.  

यूएन खाद्य सहायता एजेंसी - WFP, जहाज़ में अनाज लादते हुए.
© WFP/Anastasiia Honcharuk

यूक्रेन: WFP के सहायता अभियानों के लिये अनाज की पहली खेप रवाना

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता एजेंसी WFP ने मंगलवार को बताया है कि एजेंसी के खाद्य सहायता अभियानों के समर्थन के लिये यूक्रेनी गेहूँ का भण्डार लेकर पहला जहाज़, यूझनी बन्दरगाह के रवाना हो गया है, जिसे पिवदेन्नयी के नाम से भी जाना जाता है.

पक्तिका प्रान्त में प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है.
© IOM

अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प-प्रभावित इलाक़ों में मानवीय राहत प्रयासों में तेज़ी

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने अफ़ग़ानिस्तान में 22 जून को आए भीषण भूकम्प से प्रभावित कम से कम दो प्रान्तों – पक्तिका और ख़ोस्त में प्रभावित समुदायों को खाद्य व अन्य प्रकार की राहत पहुँचाने के लिये अपने प्रयास तेज़ कर दिये हैं.

तंज़ानिया के दार अस्सलाम में एक कामगार ट्रक पर गेहूँ की बोरी लादते हुए.
© FAO/Giuseppe Bizzarri

यूएन खाद्य एजेंसी, शरणार्थियों को भोजन सामग्री में कटौती के लिये विवश

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा कि उसके पास शरणार्थियों को मुहैया कराई जाने वाली खाद्य सामग्री की मात्रा में जल्द ही और ज़्यादा कटौती करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा.

दक्षिण सूडान में कुपोषण के पीड़ित, छह महीने के एक बच्चे को, ट्यूब के ज़रिये दूध पिलाए जाते हुए.
© UNICEF/Bullen Chol

दक्षिण सूडान: पर्याप्त धनराशि के अभाव में, 17 लाख लोगों के लिये रोकी गई खाद्य सहायता 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि दक्षिण सूडान में बढ़ती आवश्यकताओं और सहायता धनराशि के अभाव की वजह से मजबूरीवश, 17 लाख लोगों के लिये खाद्य सहायता रोके जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनके लिये भुखमरी का जोखिम पैदा होने की आशंका है. देश में खाद्य असुरक्षा से पीड़ित कुल लोगों की संख्या का यह क़रीब एक-तिहाई है. 

यूएन शरणार्थी एजेंसी और साझीदार संगठन इथियोपिया में शरणार्थियों को सुरक्षित स्थान तक ले जा रहे हैं.
© UNHCR/Adelina Gomez Monteagud

पूर्वी अफ़्रीका में लाखों शरणार्थियों के लिये निराशाजनक भविष्य पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया है कि पूर्वी अफ़्रीका में भूख की मार झेल रहे लाखों विस्थापित परिवारों के लिये खाद्य असुरक्षा हालात और अधिक विकट होने की आशंका है. दुनिया भर में हिंसक टकरावों, जलवायु व्यवधानों और कोविड-19 के कारण सीमित संसाधनों पर भार बढ़ रहा है जबकि ईंधन व भोजन की क़ीमतों में उछाल से चुनौती और अधिक गहरी हो रही है. 

यूक्रेन मानवीय राहत कोष के साझीदार संगठन 'न्यू वे' द्वारा ज़रूरतमन्दों के लिये जल की व्यवस्था की जा रही है.
© UNOCHA/Ukraine Humanitarian F

यूक्रेन संकट: 60 लाख से अधिक लोगों के लिये जल की क़िल्लत

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहतकर्मियों का कहना है कि यूक्रेन में 60 लाख से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को हर रोज़ जल की क़िल्लत से जूझना पड़ रहा है. इस बीच, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया है कि देश के उत्तरी क्षेत्र में स्थित चेरनिहीफ़ शहर में पहली बार राहत सामग्री वितरित की गई है. 

यूक्रेन के सूमी शहर में राहत सामग्री लेकर पहुँचने वाला यह दूसरा काफ़िला है.
© UNOCHA/Laurent Dufour

यूक्रेन: यूएन का दूसरा राहत क़ाफ़िला पहुँचा सूमी, मारियूपोल में अवरोध बरक़रार

यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों और साझीदार संगठनों के लिये देश के पूर्वोत्तर में स्थित सूमी शहर में राहत सामग्री पहुँचा पाना सम्भव हुआ है, मगर मारियूपोल में प्रवेश कर पाने की अनुमति अभी नहीं मिल पाई है. मारियूपोल में भीषण बमबारी में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने की आशंका है.

यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ में एक लड़की अपनी अपार्टमेंट इमारत के बाहर है, जोकि बमबारी में ध्वस्त हो गई है. 25 फ़रवरी 2022.
© UNICEF/Anton Skyba for The Globe and Mail

यूक्रेन: मानवीय आधार पर युद्धविराम तत्काल लागू किये जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूक्रेन संकट के मुद्दे पर मानवीय आधार पर युद्धविराम लागू किये जाने की अपील जारी की है, ताकि ज़िन्दगियों की रक्षा, ज़रूरतमन्दों के लिये सहायता और आमजन के लिये पीड़ा की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्धविराम से इस युद्ध के वैश्विक दुष्परिणामों से निपटने में भी मदद मिलेगी.