खाद्य असुरक्षा

दक्षिणी हेती में UNFPA-समर्थित एक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक माँ अपने बच्चे के टीकाकरण की प्रतीक्षा कर रही है.
© UNFPA/Ralph Tedy Erol

हेती में अराजकता से उपजी चिन्ता, खाद्य सुरक्षा के लिये अति-गम्भीर हालात

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) समेत संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने शुक्रवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गम्भीर चुनौतियों से जूझ रहे देश, हेती में भोजन, ईंधन, बाज़ार और सार्वजनिक सेवाओं की सुलभता के अभाव में ज़रूरतमन्दों के लिये हताशा बढ़ रही है और दैनिक जीवन बद से बदतर होता जा रहा है.

यूक्रेन में एक अनाज प्रसंस्करण फ़ैक्टरी में, एक ट्रक से अनाज उतारे जाते हुए.
© FAO/Genya Savilov

‘काला सागर अनाज निर्यात पहल’ को लागू करने के लिये, नए केन्द्र के गठन का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर में स्थित उस अभियान का आधिकारिक आरम्भ होने का स्वागत किया है जिससे, काला सागर से होकर यूक्रेन के अनाज निर्यात को सम्भव बनाने के लिये, यूएन समर्थित एक समझौते को लागू करने में मदद मिलेगी. ये निर्यात युद्ध जारी रहने और दुनिया भर में खाद्य मूल्यों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के बीच अहम माना जा रहा है.

श्रीलंका में भारी आर्थिक उथल-पुथल के बीच, ईंधन की भी भारी क़िल्लत है. (जुलाई 2022)
© WFP

श्रीलंका: सत्ता का शान्तिपूर्ण हस्तान्तरण सुनिश्चित करें, यूएन रैज़ीडेण्ट कोऑर्डिनेटर का आग्रह

श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर हैना सिंगर-हामदी ने, देश के वरिष्ठ राजनेताओं से राष्ट्रीय संविधान के अनुरूप, सत्ता का शान्तिपूर्ण हस्तान्तरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. देश में अनेक सप्ताहों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, गुरूवार को राष्ट्रपति गोटाबाया राजापक्सा ने अपना त्यागपत्र दे दिया था. 

श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिकों को खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड रहा है.
© WFP/Josh Estey

श्रीलंका: आसमान छूती क़ीमतों के बीच, लाखों लोग खाद्य असुरक्षा का शिकार

श्रीलंका में रिकॉर्ड स्तर पर खाद्य मुद्रास्फीति, ईंधन की आसमान छूती क़ीमतों, और बुनियादी वस्तुओं की क़िल्लत के कारण 62 लाख से अधिक नागरिक, अपना पेट भरने के लिये कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.

दक्षिण सूडान के जोंगलेई प्रान्त में कुछ बच्चे भोजन कर रहे हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा यहाँ खाद्य असुरक्षा झेल रहे लोगों को राशन प्रदान किया जाता है.
WFP

भूख और कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में वैश्विक प्रयासों को बड़ा झटका

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में भूख की मार झेलने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 82 करोड़ 80 लाख तक पहुँच गई. संगठन का नया विश्लेषण दर्शाता है कि दुनिया  निर्धनता, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के अन्त समेत, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तय समयसीमा और रास्ते से भटक रही है.

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में विस्थापितों के लिये बनाये गए एक शिविर में एक बच्चा उच्च-पोषण वाले बिस्किट खा रहा है.
© WFP/Bruno Djoyo

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य: खाद्य असुरक्षा गहराने की आशंका, 6.84 करोड़ डॉलर की दरकार

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने मध्य अफ़्रीकी गणराज्य (Central African Republic) के लिये चेतावनी जारी की है कि अगस्त महीने तक देश में, 22 लाख लोगों के समक्ष खाद्य असुरक्षा का संकट गहरा सकता है. हिंसक संघर्ष, जनसंख्या विस्थापन और खाद्य व बुनियादी वस्तुओं की क़ीमतों में तेज़ उछाल के कारण पहले से ही गम्भीर मानवीय हालात पर विनाशकारी असर होने की आशंका है.

लेबनान में अभूतपूर्व संकट के कारण बड़ी संख्या में परिवार अपनी बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं.
© UNICEF/Fouad Choufany

लेबनान: बदहाल सामाजिक-आर्थिक हालात, 'नाज़ुक डोर से बंधा' आम लोगों का जीवन

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की रैज़ीडेण्ट कोऑर्डिनेटर और मानवीय राहत मामलों की समन्वयक नजत रोश्दी ने कहा है कि स्थानीय आबादी की आजीविकाएँ बर्बाद व आशाएँ धूमिल हो चुकी हैं और देश एक नाज़ुक डोर से लटक रहा है. उन्होंने देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों के मद्देनज़र और बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिये, आपात राहत योजना की अवधि बढ़ाए जाने की घोषणा की है.  

सीरिया के होम्स में एक अस्थाई शिविर में विस्थापित बच्चे.
© UNICEF

दस करोड़ से अधिक जबरन विस्थापन का शिकार – UNHCR

शरणार्थी मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि विश्व भर में क़रीब दस करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भागने के लिये मजबूर हुए हैं. बड़े पैमाने पर विस्थापन के लिये खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ़्रीका से अफ़ग़ानिस्तान तक अन्य आपात परिस्थितियों को मुख्य वजह बताया गया है.

दक्षिण सूडान में कुपोषण के पीड़ित, छह महीने के एक बच्चे को, ट्यूब के ज़रिये दूध पिलाए जाते हुए.
© UNICEF/Bullen Chol

दक्षिण सूडान: पर्याप्त धनराशि के अभाव में, 17 लाख लोगों के लिये रोकी गई खाद्य सहायता 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि दक्षिण सूडान में बढ़ती आवश्यकताओं और सहायता धनराशि के अभाव की वजह से मजबूरीवश, 17 लाख लोगों के लिये खाद्य सहायता रोके जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनके लिये भुखमरी का जोखिम पैदा होने की आशंका है. देश में खाद्य असुरक्षा से पीड़ित कुल लोगों की संख्या का यह क़रीब एक-तिहाई है. 

यमन में विश्व खाद्य कार्यक्रम से सहायता प्राप्त एक परिवार भोजन कर रहा है.
© WFP/Saleh Hayyan

यूक्रेन: खाद्य, ऊर्जा व वित्त पोषण संकट से निपटने के लिये कार्रवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि यूक्रेन में युद्ध से उपजे प्रभावों के कारण, जीवन-व्यापन के लिये क़ीमतों में उछाल आया है और इससे कोई भी देश या समुदाय अछूता नहीं है. महासचिव गुटेरेश ने यूक्रेन में संकट से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा व वित्त पोषण के लिये उत्पन्न चुनौतियों पर केन्द्रित एक नवीनतम रिपोर्ट बुधवार को जारी की है.