कुपोषण

चाड में 30 वर्षों में सबसे भीषण बारिश हुई है, जिसके बाद नदियां उफ़ान पर थीं.
© UNICEF/Aldjim Banyo

विनाशकारी बाढ़ के कारण, विश्व भर में ढ़ाई करोड़ से अधिक बच्चों पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने आगाह किया है कि इस वर्ष विश्व के 27 देशों में कम से कम दो करोड़ 77 लाख बच्चे भीषण बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे उनके जीवन पर जोखिम मंडरा रहा है. यूएन एजेंसी ने मिस्र के शर्म अल-शेख़ में यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप27) के दौरान यह ऐलर्ट जारी किया है.

यूनिसेफ सोमालिया कुपोषित बच्चों को पोषण संबंधी हस्तक्षेप सेवाएं प्रदान करता है.
UNICEF/Ismail Taxta

सोमालिया: गम्भीर कुपोषण का शिकार बच्चों के लिये अभूतपूर्व संकट

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने मंगलवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सोमालिया में गम्भीर कुपोषण का शिकार हज़ारों लड़कों व लड़कियों पर मौत का जोखिम मंडरा रहा है. इसके मद्देनज़र, यूनीसेफ़ ने दानदाताओं से देश में ज़रूरतमन्द समुदायों तक राहत पहुँचाने के लिये अपना समर्थन बढ़ाने का आग्रह किया है.

श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिकों को खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड रहा है.
© WFP/Josh Estey

श्रीलंका: आसमान छूती क़ीमतों के बीच, लाखों लोग खाद्य असुरक्षा का शिकार

श्रीलंका में रिकॉर्ड स्तर पर खाद्य मुद्रास्फीति, ईंधन की आसमान छूती क़ीमतों, और बुनियादी वस्तुओं की क़िल्लत के कारण 62 लाख से अधिक नागरिक, अपना पेट भरने के लिये कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.

दक्षिण सूडान के जोंगलेई प्रान्त में कुछ बच्चे भोजन कर रहे हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा यहाँ खाद्य असुरक्षा झेल रहे लोगों को राशन प्रदान किया जाता है.
WFP

भूख और कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में वैश्विक प्रयासों को बड़ा झटका

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में भूख की मार झेलने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 82 करोड़ 80 लाख तक पहुँच गई. संगठन का नया विश्लेषण दर्शाता है कि दुनिया  निर्धनता, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के अन्त समेत, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तय समयसीमा और रास्ते से भटक रही है.

इथियोपिया में एक महिला अपने एक वर्ष के बच्चे के साथ जो गम्भीर कुपोषण का शिकार है.
© UNICEF/Ismail Taxta

वैश्विक भुखमरी संकट, प्रति मिनट, एक बच्चे को धकेल रहा है गम्भीर कुपोषण में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने चेतावनी भरे अन्दाज़ में कहा है कि वैश्विक भुखमरी संकट, हर एक मिनट में एक बच्चे को गम्भीर कुपोषण में धकेल रहा है जिससे उन बच्चों के अस्तित्व के लिये जोखिम बढ़ रहा है. यूएन बाल एजेंसी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कुछ देशों के नेता, जी7 सम्मेलन के लिये तैयारियाँ कर रहे हैं.

सोमालिया के मोगादिशु के एक अस्पताल में कुपोषण का शिकार एक बच्चा.
© UNICEF/Omid Fazel

हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका में गहराया भूख संकट, कुपोषित बच्चों के जीवन पर गम्भीर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने मंगलवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर दुनिया ने यूक्रेन में युद्ध के साथ-साथ, हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया तो कार्रवाई के अभाव में वहाँ बाल मौतों की संख्या में भीषण वृद्धि होने की प्रबल आशंका है.

दक्षिण सूडान में कुपोषण के पीड़ित, छह महीने के एक बच्चे को, ट्यूब के ज़रिये दूध पिलाए जाते हुए.
© UNICEF/Bullen Chol

कुपोषण के गम्भीर रूप से पीड़ित बचपन, सहायता धनराशि की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अपने एक नए विश्लेषण में चेतावनी जारी की है कि बच्चों में लम्बाई के अनुपात में बेहद पतलापन – कुपोषण के इस चिन्ताजनक रूप से पीड़ित बच्चों की संख्या पहले से ही बढ़ रही थी, मगर यूक्रेन में युद्ध और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिये गहराता संकट अब हालात को बद से बदतर बना रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात में कुछ महिलाएँ, वितरण केंद्र से खाद्य राहत सामग्री ला रही हैं. (2021)
© WFP/Marco Di Lauro

अफ़ग़ानिस्तान: आधी आबादी पर भूख का गम्भीर संकट, राहत उपायों में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और साझीदार संगठनों के एक साझा विश्लेषण में आगाह किया गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक करोड़ 97 लाख लोगों, यानि देश की क़रीब आधी आबादी, को गम्भीर भूख की मार झेलनी पड़ रही है और ज़िन्दगियों व आजीविकाओं के लिये ख़तरा बना हुआ है. यूएन एजेंसियों ने कृषि आधारित आजीविकाओं को मज़बूती प्रदान किये जाने समेत अन्य उपायों की अहमियत को रेखांकित किया है ताकि संकट को टाला जा सके. 

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात में देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित बच्चों के शिविर में एक लड़की.
© UNOCHA/Sayed Habib Bidel

अफ़ग़ानिस्तान: मानवीय सहायता के लिये 2.44 अरब डॉलर का संकल्प

अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट के मद्देनज़र, राहत प्रयासों में स्फूर्ति लाने के इरादे से गुरूवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय संकल्प सम्मेलन के दौरान, वर्ष 2022 के लिये कुल दो अरब 44 करोड़ डॉलर की सहायता धनराशि के संकल्प लिये गए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए आगाह किया कि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो देश में भुखमरी और कुपोषण संकट का सामना करना पड़ सकता है.