कश्मीर

श्रीनगर में तैनात सुरक्षाकर्मी (फ़ाइल).
Nimisha Jaiswal/IRIN

कश्मीरी मानवाधिकार पैरोकार ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा है कि भारतीय कश्मीर में मानवाधिकार पैरोकार ख़ुर्रम परवेज़ की गिरफ़्तारी और बन्दीकरण ने क्षेत्र में सिविल सोसायटी, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर भयावह प्रभाव छोड़े हैं. उन्होंने भारत सरकार से ख़ुर्रम परवेज़ की तुरन्त और बिना शर्त रिहाई की अपनी पुकार भी दोहराई है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का, यूएन महासभा के 76वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को वीडियो सम्बोधन (24 सितम्बर 2021)
UN Photo/Cia Pak

पाकिस्तान का सुझाव, मौजूदा अफ़ग़ान सरकार को स्थिर बनाने में सभी का हित

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने यूएन महासभा की जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से, अफ़ग़ानिस्तान में “मौजूदा सरकार को मज़बूत करने” और “देश के लोगों की बेहतरी की ख़ातिर, उसे स्थिर किये जाने का आहवान किया है.”

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान संयुक्त राष्ट्र महासभा के75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए.
UN Photo/ Rick Bajornas

75वाँ सत्र: पााकिस्तान के प्रधानमन्त्री ने 'इस्लामोफ़ोबिया' के उभार पर चिन्ता जताई

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान ने कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में स्फूर्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत टकराव के बजाय आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया चाहिये. इमरान ख़ान ने शुक्रवार को यूएन महासभा में जनरल डिबेट को दिये सन्देश में बढ़ते 'इस्लामोफ़ोबिया' या मुस्लिम समुदाय से तथाकथित भय की भावना पर चिन्ता जताई है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने पाकिस्तान की तीन दिन की यात्रा के पहले दिन राजधानी इस्लामाबाद में कुछ अफ़ग़ान शरणार्थियों से भी मुलाक़ात की. (16 फ़रवरी 2020
Mark Garten

यूएन महासचिव के रूप में पहली पाकिस्तान यात्रा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस हैसियत में अपनी पहली पाकिस्तान यात्रा के पहले दिन रविवार को अफ़ग़ान शरणार्थियों से मुलाक़ात की. उन्होंने जम्मू कश्मीर की स्थिति का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने की ज़रूरत भी व्यक्त की.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश पाकिस्तान की तीन दिन की यात्रा के पहले दिन राजधानी इस्लामाबाद में. दाईं तरफ़ हैं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी (16 फ़रवरी 2020
May Yaacoub/UN News

'जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों का सम्मान अति महत्वपूर्ण'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों की मूलभूत स्वतंत्रताओं और उनके मानवाधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाना बहुत महत्वपूर्ण है.

भारत प्रशासित कश्मीर के राजौरी ज़िले में एक सरकारी स्कूल का दृश्य (फ़ाइल फ़ोटो)
UNICEF/Syed Altaf Ahmad

कश्मीर: 'स्थिति मुक्त और अधिकार बहाल हों', मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में आम लोग अब भी बहुत सी बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित हैं. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भारत प्रशासित कश्मीर में “स्थिति को मुक्त” करने और लोगों के अधिकार पूरी तरह बहाल किए जाने का आग्रह भी किया.

पाकिस्तान इस्लामिक गणराज्य के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए. (27 सितंबर 2019)
UN Photo/Cia Pak

इमरान ख़ान: कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खुले टकराव की चेतावनी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार, 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश भारत के साथ खुले टकराव की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी. महासभा के 74वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जब विवादित क्षेत्र कश्मीर में लगभग दो महीनों से लगाया हुआ कर्फ्यू उठाएगा तो वहाँ ख़ूनख़राबा होने के बहुत आसार हैं.

श्रीनगर में तैनात सुरक्षाकर्मी (फ़ाइल).
Nimisha Jaiswal/IRIN

कश्मीर में भारत सरकार से प्रतिबंध हटाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से उसके प्रशासन वाले कश्मीर में उन प्रतिबंधों को हटाने का आहवान किया है जो अगस्त महीने के आरंभ में लगाए गए थे. इनमें विचार व्यक्त करने पर पाबंदी, सूचना पाने और शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शनों पर प्रतिबंध शामिल हैं. 

बाएँ से दाएँ - संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जून, भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन और पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी, तीनों राजदूतों ने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा.
UN Photo/Evan Schneider

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा.