कृषि

मिस्र के शर्म अल शेख़ में आयोजित कॉप27 के दौरान, जलवायु कार्यकर्ता, कृषि क्षेत्र में अनुकूलन में मदद के लिये और ज़्यादा संसाधन निवेश की मांग करते हुए.
Laura Quinones

अनुकूलन या भुखमरी: कॉप27 - जलवायु परिवर्तन सन्दर्भ में कृषि चुनौतियों व समाधानों पर ध्यान

विकासशील देशों के लघु किसान, दुनिया भर की खाद्य सामग्री का लगभग एक तिहाई उगाते हैं, मगर उन्हें अब भी जलवायु वित्त का केवल 1.7 प्रतिशत हिस्सा ही मिलता है, और उन्हें सूखा, बाढ़ों, तूफ़ानों और अन्य तरह की आपदाओं से जूझना पड़ता है.

श्रीलंका में लगातार दो मौसम में ख़राब कृषि पैदावार होने के कारण खाद्य असुरक्षा का संकट गहरा हुआ है.
© UNICEF/Chameera Laknath

श्रीलंका: 34 लाख ज़रूरतमंदों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये संशोधित अपील

संयुक्त राष्ट्र ने विशाल आर्थिक संकट से गुज़र रहे देश, श्रीलंका के लिये अपनी मानव कल्याण आवश्यकताओं व प्राथमिकताओं के लिये प्रस्तावित योजना में संशोधन करते हुए 34 लाख से अधिक लोगों के लिये जीवनरक्षक सहायता सुनिश्चित किये जाने का अनुरोध किया है.

फिलीपींस जैसे देशों में चावल जैसी फ़सलों की खेती के लिये बड़ी मात्रा में ताज़े पानी की आवश्यकता होती है, जिसका पर्यावरणीय असर पड़ता है.
© FAO/Lena Gubler

खेतीबाड़ी के अस्तित्व के लिये अति अहम पानी पर मंडराते कुछ जोखिम

1950 के दशक से, सिन्थेटिक उर्वरकों, रासायनिक कीटनाशकों और उच्च उपज वाले अनाज जैसे नवाचारों ने मानवता को अनाज उत्पादन की मात्रा में नाटकीय रूप से वृद्धि करने में मदद की है. लेकिन ये आविष्कार, कृषि की सबसे क़ीमती वस्तु - ताज़े पानी के बिना बेकार होंगे. और शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अब ख़तरे में है.

अफ़ग़ानिस्तान में खाद्य व कृषि संगठन (FAO) द्वारा शीतकाल में गेहूँ की फ़सल के लिये मुहैया कराई गई, समयानुकूल मदद की बदौलत लगभग 13 लाख लोगों को फ़ायदा हुआ है, जिससे 17 लाख लोगों के लिये पर्याप्त गेहूँ की पैदावार होने की उम्मीद है.
©FAO/Giulio Napolitano

अफ़ग़ानिस्तान: बदतर होती खाद्य सुरक्षा से निपटने के लिये, मदद में तेज़ी

 संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने सोमवार को कहा है कि विश्व बैंक ने, अफ़ग़ानिस्तान में बेहद नाज़ुक हालात का सामना कर रही ग्रामीण आबादी को अति महत्वपूर्ण व जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराने के लिये सोमवार को, 15 करोड़ डॉलर की असाधारण रक़म जारी करने की घोषणा की है, और ये राशि, अति महत्वपूर्ण आजीविका व जीवनरक्षक सहायता के लिये, व्यापक साढ़े 19 करोड़ डॉलर के पैकेज का हिस्सा है.

तंज़ानिया में भूमि क्षरण रोकने के लिये, पेड़ लगाए जा रहे हैं.
CIAT/Georgina Smith

वैश्विक खाद्य सुरक्षा में जान फूँकने के लिये, पौध स्वास्थ्य अहम

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने प्रथम अन्तरराष्ट्रीय पौध स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये, और ज़्यादा संसाधन निवेश करने की पुकार लगाई है, विशेष रूप से ऐसे हालात में जबकि दुनिया भर में अरबों लोग भोजन की क़िल्लत के साथ जीवन जी रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, पेड़-पौधों में लगने वाले कीड़े और बीमारियों के कारण, 40 प्रतिशत तक उपज का नुक़सान होता है.
© FAO/Vladimir Rodas

खाद्य सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य बढ़ाने के उद्देश्य से, वनस्पति स्वास्थ्य सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, विश्व पौधा संरक्षण संगठन की मंगलवार को बैठक हुई है जिसका उद्देश्य मनुष्यों के रहन-सहन और खाद्य सुरक्षा संरक्षण की ख़ातिर नए पौधा स्वास्थ्य मानक निर्धारित करना है.

चीन के दक्षिणी पर्वतीय इलाक़े में धान की सीढ़ीदार खेती.
© FAO/ Zhongshan Luo

वैश्विक जल संकट पर पार पाने के लिये, भूजल की अहमियत पर बल

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की एक नई रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि एक अति महत्वपूर्ण संसाधन होने के बावजूद, भूजल (groundwater) अनदेखी, कुप्रबन्धन व अत्यधिक दोहन का शिकार है.

पाकिस्तान के कराची शहर के एक इलाक़े में, एक महिला, दालों का जायज़ा लेते हुए.
© FAO/Asif Hassan

टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के लिये, युवाओं को सशक्त बनाती हैं 'दालें'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 10 फ़रवरी को विश्व दाल दिवस मनाता है और इस वर्ष इस दिवस का विषय है कि ये पौष्टिक खाद्य पदार्थ, टिकाऊ व्यावसायिक खेतीबाड़ी (कृषि भोज्य) प्रणालियाँ प्राप्ति में, युवाओं को सशक्त बनाने में किस तरह मदद कर सकते हैं. दालें, दुनिया भर में अपार व्यंजन श्रृंखलाओं के लिये तो अहम हैं ही.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में, लोग संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFO) से खाद्य सहायता हासिल करने के लिये क़तार में.
© WFP/Sadeq Naseri

अफ़ग़ानिस्तान: किसानों को एफ़एओ की बीज मदद

संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन (एफ़एओ), वसन्त ऋतु के दौरान फ़सल उगाने के लिये, अफ़ग़ानिस्तान में दस लाख से अधिक किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले गेहूँ के बीज वितरित कर रहा है. एक वीडियो फ़ीचर...

मध्य मैडागास्कर में एक बच्ची एक कृत्रिम तालाब से पानी भर कर ला रही है.
OCHA/Viviane Rakotoarivony

भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव, खाद्य सुरक्षा के लिये हालात जोखिम भरे

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पिछले एक दशक में, मृदा, भूमि और जल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ा है और अब स्थिति एक नाज़ुक पड़ाव पर पहुँच गई है. रिपोर्ट के मुताबिक़, मौजूदा हालात, पारिस्थितिकी तंत्रों की सेहत के नज़रिये से चिन्ताजनक हैं, जिससे बढ़ती विश्व आबादी की खाद्य सुरक्षा के लिये ख़तरा उत्पन्न हो सकता है.