कामकाजी घण्टे

कोविड-19: महामारी के कारण, अनुमान से अधिक रोज़गारों का नुक़सान

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के एक नए विश्लेषण के अनुसार, कोरोनावायरस संकट की वजह से, वर्ष 2021 के दौरान कामकाजी घण्टों में हुआ नुक़सान, पहले जताए गए अनुमानों से कहीं अधिक है. रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि विकसित और विकासशील देशों में पुनर्बहाली, दो अलग-अलग रास्तों व रफ़्तार पर आगे बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

कामकाज-सम्बन्धी वजहों से हर वर्ष लगभग 20 लाख की मौत - नई रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कामकाज सम्बन्धी बीमारियों और चोटों की वजह से वर्ष 2016 में 19 लाख लोगों की मौत हुई. यह पहली बार है जब यूएन एजेंसियों ने साझा रूप से इस विषय में अनुमानों को पेश किया है.

कोरोनावायरस संकट: घरेलू कर्मचारियों के लिये कठिन हुए हालात

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने कहा है कि  कोविड-19 के कारण, दुनिया भर में घरेलू कर्मचारियो पर गहरा असर हुआ है. उनके रोज़गार ख़त्म हो गए हैं और अन्य सैक्टरों की तुलना में कामकाजी घण्टों में भी ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई है.