काबुल

अफ़ग़ानिस्तान: विस्थापन का दर्द

दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते मानवीय संकटों में से एक, अफ़ग़ानिस्तान में लोग सर्दियों में कड़ाके की ठण्ड का सामना कर रहे हैं. आधी आबादी तीव्र भुखमरी से परेशान है, 90 लाख से अधिक लोग विस्थापित हैं,  और अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. हालाँकि फिलहाल देश में संघर्ष में कमी आई है, मगर हिंसा, भय व अभाव के कारण, अफ़ग़ान लोगों का, ईरान और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में सुरक्षा और शरण के लिये विस्थापन जारी है. अफ़ग़ानिस्तान में, संयुक्त राष्ट्र व भागीदारों ने, दो करोड़ 20 लाख लोगों को मानवीय राहत देने और पाँच पड़ोसी देशों में, 57 लाख विस्थापित अफ़ग़ान लोगों की मदद के उद्देश्य से, एक संयुक्त कार्रवाई शुरू की है. एक वीडियो रिपोर्ट...


 

अफ़ग़ानिस्तान: स्कूल के बाहर विस्फोट में आठ बच्चों की मौत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि ख़ासतौर से, आबादी वाले इलाक़ों में, लापरवाही के साथ छोड़ दिये गए विस्फोटक पदार्थों का प्रयोग, बच्चों और उनके परिवारों के लिये एक निरन्तर और बढ़ता ख़तरा है. यूनीसेफ़ ने अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार प्रान्त में लावारिस छोड़ दिये गए युद्धक विस्फोटक की चपेट में आने पर, आठ स्कूली छात्रों की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है.

अफ़ग़ानिस्तान: बच्चों पर बढ़ता स्वास्थ्य संकट

अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते कुपोषण, अभूतपूर्व खाद्य संकट, सूखा, स्वास्थ्य व पोषण केन्द्रों में व्यवधान, पानी एवं स्वच्छता सेवाओं तक पहुँच की कमी व भीषण सर्दी के घातक संयोजन से बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

अफ़ग़ानिस्तान: संकटग्रस्त देश में, जच्चा-बच्चा के लिये जीवनरक्षक सहायता

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल का मलालाई मातृत्व अस्पताल, देश के व्यस्ततम अस्पतालों में से एक है जो हर दिन, इस दुनिया में क़रीब 85 नवजात शिशुओं का स्वागत करता है. इनमें लगभग 20 बच्चे ऑपरेशन के ज़रिये पैदा होते हैं. मगर देश में मौजूदा संकट, मरीज़ों की देखभाल करने की चिकित्सा स्टाफ़ की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान: विस्थापितों को सर्दी के मौसम में भुखमरी से बचाना है तत्काल प्राथमिकता

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी - UNHCR ने शुक्रवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में भुखमरी के असाधारण स्तर देखे जा रहे हैं और सर्दियों का मौसम आने के कारण, बड़े पैमाने पर भोजन की क़िल्लत व भुखमरी से बचने के लिये इन्तेज़ाम करना तत्काल प्राथमिकता है.

अफ़ग़ान स्वास्थ्यकर्मियों को वेतन मिलने से भरोसे का पैग़ाम

अफ़ग़ानिस्तान में इस वर्ष जब अगस्त के मध्य में तालेबान में सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था तो देश के लगभग केन्द्र में स्थित, 35 हज़ार की आबादी वाले शहर मैदान शर के मुख्य अस्पताल के ज़्यादातर कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला था. दवाइयों और खाद्य सामग्री जैसी ज़रूरी चीज़ों की भी कमी थी और वो बहुत जल्दी से ख़त्म होने के कगार पर थीं.

अफ़ग़ानिस्तान: 'टूट व बिखर चुके लोगों को मदद की तत्काल ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी (IOM) के प्रमुख एंतोनियो वितोरिनो ने, अफ़ग़ानिस्तान में आम लोगों के हालात के बारे में गुरूवार को बेबाक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वर्षों से जारी संघर्ष व अशान्ति, दमनात्मक निर्धनता और जलवायु सम्बन्धी आपदाओं ने, देश को पतन के किनारे पर पहुँचा दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान में, मानवाधिकार रक्षकों के लिये गम्भीर डर का माहौल

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार रैपोर्टेयर ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार पैरोकारों ने बताया है कि वो अब डर, धमकियों और देश के मौजूदा हालात पर बढ़ती हताशा के माहौल में जी रहे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में अस्पताल पर हमला; स्वास्थ्य केन्द्रों को निशाना नहीं बनाए जाने की अपील 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उपप्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के एक सैन्य अस्पताल पर हुए जानलेवा हमले ने फिर आगाह किया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिये. इस बीच, यूएन एजेंसियाँ देश भर में ज़रूरतमन्दों तक राहत सामग्री पहुँचाने के कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में पोलियो टीकाकरण अभियान को तालेबान का समर्थन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएन बाल कोष – यूनीसेफ़ ने, अफ़ग़ानिस्तान में, घर-घर जाकर सभी बच्चों को पोलियो ख़ुराकें पिलाने का अभियान फिर शुरू किये जाने को, तालेबान नेतृत्व द्वारा समर्थन दिये जाने के फ़ैसले का स्वागत किया है.