काबुल

कुछ महिलाएँ अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन (IOM) के एक मनोसामाजिक काउंसलर द्वारा आयोजित एक सत्र में, एक दूसरे के हाथों में हाथ थामे हुए - लम्बी साँस खींंचते हुए.
Photo: IOM/Léo Torréton

आपबीती: अफ़ग़ान महिलाओं को सदमों से उबरने में मदद का सिलसिला

*नजीबा, एक माँ हैं, एक काउंसलर हैं, विश्वविद्यालय में लैक्चरर रह चुकी हैं, वो अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं को सदमों से उबरने में मदद करती हैं...

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में पुल-ए-ख़ेश्ती मस्जिद.
UNAMA/Freshta Dunia

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल मस्जिद में घातक हमले की निन्दा, अनेक हताहत

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने राजधानी काबुल में गुरूवार को हुए एक घातक हमले की निन्दा की है.

अफ़ग़ानिस्तान के बाल्ख़ प्रान्त में, एक बाज़ार में, महिलाएँ अपना सामान बेचते हुए.
© WFP/Julian Frank

आपबीती: ‘अफ़ग़ान औरतें अब भी संघर्षरत हैं. और मैंने उनमें शामिल रहने का रास्ता चुना है.

36 वर्षीय नसीमा* अफ़ग़ानिस्तान में एक शान्ति निर्मात्री और महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं. अगस्त 2021 में तालेबान द्वारा देश की सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद से, नसीमा देश में ही रहकर काम कर रही हैं, जबकि देश के हालात दुनिया की सर्वाधिक जटिल मानवीय आपदाओं में शामिल होते जा रहे हैं. नसीमा की आपबीती...

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के नवाबाद ज़िले में, एक अफ़ग़ान लड़की
© UNICEF/Mohammad Haya Burhan

अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं व लड़कियों के लिये यूएन एजेंसियों की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक साल के शासन के दौरान महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगियों के हालात बहुत ख़राब हुए हैं, जिससे मानवाधिकारों के तमाम क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. यूएन एजेंसियों ने तालेबान शासन के एक साल बाद, देश की महिलाओं और लड़कियों को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में, एक यूएन महिला सशक्तिकरण केन्द्र.
UN Afghanistan

अफ़ग़ानिस्तान: देश के भविष्य से पीठ नहीं फेरी जा सकती, आरसीओ

अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त 2021 में सत्ता पर तालेबान का क़ब्ज़ा होने के एक वर्ष बाद, देश में वरिष्ठ यूएन अधिकारी – RCO रमीज़ अलअकबरोव ने लड़कियों की ज़िन्दगियों के बारे में अपने डर बयान किये हैं, और अफ़ग़ान अर्थव्यवस्था में फिर से जान फूँकने में, महिलाओं की पूर्ण भूमिका निभाए जाने की पुकार लगाई है…

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दाहार में एक स्वास्थ्य क्लीनिक में प्रतीक्षा करती कुछ महिलाएँ
© UNICEF/Alessio Romenzi

अफ़ग़ानिस्तान: 'मानवाधिकारों में सुधार के बिना, भविष्य स्याह'

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता पर क़ाबिज़ अधिकारियों (तालेबान) को बुनियादी मानवाधिकार सिद्धान्तों का पालन करने का आग्रह करने के लिये अपने प्रयास बहुत तेज़ी से बढ़ाने की दरकार है.

अफ़ग़ानिस्तान में खाद्य व कृषि संगठन (FAO) द्वारा शीतकाल में गेहूँ की फ़सल के लिये मुहैया कराई गई, समयानुकूल मदद की बदौलत लगभग 13 लाख लोगों को फ़ायदा हुआ है, जिससे 17 लाख लोगों के लिये पर्याप्त गेहूँ की पैदावार होने की उम्मीद है.
©FAO/Giulio Napolitano

अफ़ग़ानिस्तान: बदतर होती खाद्य सुरक्षा से निपटने के लिये, मदद में तेज़ी

 संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने सोमवार को कहा है कि विश्व बैंक ने, अफ़ग़ानिस्तान में बेहद नाज़ुक हालात का सामना कर रही ग्रामीण आबादी को अति महत्वपूर्ण व जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराने के लिये सोमवार को, 15 करोड़ डॉलर की असाधारण रक़म जारी करने की घोषणा की है, और ये राशि, अति महत्वपूर्ण आजीविका व जीवनरक्षक सहायता के लिये, व्यापक साढ़े 19 करोड़ डॉलर के पैकेज का हिस्सा है.

अफ़ग़ानिस्तान में एक दुखी परिवार
IOM 2021/Paula Bonstein

अफ़ग़ान स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग के विघटन पर निराशा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान द्वारा देश के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग को विघटित करने के फ़ैसले पर घोर निराशा व्यक्त की है.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात में एक खाद्य वितरण केन्द्र पर, कुछ महिलाएँ खाद्य सामग्री प्राप्त करते हुए.
© UNICEF/Sayed Bidel

अफ़ग़ानिस्तान: अमेरिका से देश की सम्पदा पर लगी रोक, मानवीय मदद की ख़ातिर हटाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने अफ़ग़ानिस्तान में बहुत ख़राब मानवीय स्थिति पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए, सोमवार को अमेरिका से, देश की विदेशी सम्पदाओं पर लगे प्रतिबन्ध (Freeze) हटाने का आहवान किया है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल का एक नज़ारा.
Photo UNAMA/Fardin Waezi

अफ़ग़ानिस्तान में हमलों की निन्दा, आमजन को निशाना बनाए जाने का 'चिन्ताजनक रुझान'

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में गुरूवार को बल्ख़, काबुल और कुन्दूज़ प्रान्तों में हुए तीन अलग-अलग हमलों की कठोर निन्दा की है, जिनमें कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है और अनेक घायल हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने आगाह किया है कि आम नागरिकों के विरुद्ध हमले एक चिन्ताजनक रुझान दिखाते हैं.