ज़मीन

डेढ़ अरब लोगों का गुज़ारा, नमक की अधिकता वाली अनुपजाऊ ज़मीनों पर निर्भर

दुनिया भर के सभी महाद्वीपों में सिंचाई योग्य भूमि का 20 से 50 प्रतिशत हिस्सा इतना नमकीन हो गया है कि वो पूरी तरह से उपजाऊ नहीं बचा है, जिसके कारण, उन ज़मीनों में अपनी फ़सलें उगाने वाले लगभग डेढ़ अरब लोगों के लिये गम्भीर चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं.

भोजन और खाद्य सुरक्षा में 'दालों' की महत्ता, विश्व दिवस

संयुक्त राष्ट्र, बुधवार को, 'विश्व दालें दिवस' मना रहा है जिसके तहत, ना केवल पोषण के स्रोत के रूप में दालों की महत्ता को रेखांकित करने, बल्कि ज़मीन की उर्वरता बढ़ाने और फ़सलों के कीड़ों का असर कम करने में, उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी बढाई जाती है.

'अगर पृथ्वी को बचाना है तो भूमि को बचाएं, अर्थव्यवस्था में जान फूँकें'

भूमि को बंजर होने से बचाकर उपजाऊ बनाने में ज़्यादा संसाधन निवेश करने से ना सिर्फ़ पृथ्वी ग्रह को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी, बल्कि वर्तमान के कुछ सबसे बड़े मुद्दों का समाधान तलाश करने की भी शुरुआत हो सकती है. दुनिया भर में मरुस्थलीकरण के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के संगठन यूएनसीसीडी के कार्यकारी सचिव इब्राहीम चियाओ ने नई दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए पत्रकारों से बातचीत में ये बात कही है. इस विषय पर 14 वां वैश्विक सत्र 2 से 13 सितंबर तक राजधानी दिल्ली में हो रहा है.