जलवायु

तिमोर-लेस्ते: बाढ़ से भारी तबाही, यूएन एजेंसियाँ भी मदद करने में सक्रिय

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, तिमोर-लेस्ते में, बाढ़ और भूस्खलन का सामना करने के प्रयासों में सक्रिय मदद कर रही हैं. देश भर में आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक तबाही हुई है और प्रभावित स्थानों में राजधानी दीली भी शामिल है.

इस महत्वपूर्ण वर्ष में, लोगों व पृथ्वी की ख़ातिर, ज़्यादा जलवायु कार्रवाई की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि विश्व को, जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी करने और बेहद कमज़ोर हालात वाले लोगों को, गम्भीर और जल्दी-जल्दी होने वाले जलवायु प्रभावों से बचाने के लिये, बहुत असाधारण कार्रवाई करने की ज़रूरत है. यूएन उप प्रमुख ने नवम्बर 2021 में ग्लासगो में होने वाले जलवायु सम्मेलन - कॉप26 की तैयारियों के तहत बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ये बात कही.

अमेरिका से, वैश्विक टीकाकरण व जलवायु कार्रवाई की अगुवाई करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

मौसम संगठन की चेतावनी - अभूतपूर्व जोखिम की ज़द में हैं समुद्र

संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर के समुद्रों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवन रक्षक निगरानी प्रणालियों और पूर्व चेतावनी देने वाली सेवाओं में, कोविड-19 महामारी के कारण जो व्यवधान आया है, उन्हें फिर से मुस्तैद बनाए जाने की ज़रूरत है, ताकि तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले और जोखिम का सामना करने वाले समुदायों की रक्षा की जा सके.

जलवायु रिपोर्ट, पृथ्वी ग्रह के लिये एक 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा जलवायु कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक तापमान वृद्धि का मुकाबला करने के प्रयासों में जितनी कार्रवाई करने की ज़रूरत है, दुनिया भर के देश उसके निकट कहीं भी नज़र नहीं आ रहे हैं. 

मज़बूत जलवायु कार्रवाई के बिना, दुनिया के बिखर जाने का डर 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद की एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने, वैश्विक शान्ति और सुरक्षा के लिये जो ख़तरा उत्पन्न कर दिया है, उसका सामना करने के लिये, और अधिक एकजुट कार्रवाई की दरकार है. इसी परिचर्चा में, प्रख्यात प्रकृति इतिहासकार सर डेविड ऐटेनबरॉ ने भी देशों को आगाह करते हुए कहा कि पृथ्वी ग्रह पूर्ण बिखराव के निकट पहुँच जाने के जोखिम का सामना कर रहा है.

भोजन और खाद्य सुरक्षा में 'दालों' की महत्ता, विश्व दिवस

संयुक्त राष्ट्र, बुधवार को, 'विश्व दालें दिवस' मना रहा है जिसके तहत, ना केवल पोषण के स्रोत के रूप में दालों की महत्ता को रेखांकित करने, बल्कि ज़मीन की उर्वरता बढ़ाने और फ़सलों के कीड़ों का असर कम करने में, उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी बढाई जाती है.

भारत: ग्लेशियर टूटने से हुए भारी नुक़सान पर यूएन प्रमुख ने जताया दुख, मदद की पेशकश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत के उत्तराखण्ड प्रदेश में ग्लेशियर (हिमनद) टूटने से जान-माल के भारी नुक़सान पर गहरा दुख व्यक्त किया है. यूएन प्रमुख ने साथ ही, राहत और बचाव कार्यों में, किसी भी तरह की ज़रूरत में, मदद की पेशकश की है.

जैवविविधता और प्रकृति संरक्षण के लिये तात्कालिक कार्रवाई का आहवान

पर्यावरण जगत के संरक्षण के लिये प्रयासों में जुटे संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस सप्ताह हो रही एक महत्वपूर्ण जैवविविधता शिखर वार्ता से ठीक पहले तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है. इस बैठक में विश्व नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षा के लिये अपने संकल्पों को मज़बूती दिये जाने की उम्मीद है. 

'पागलपन की आँधी से बढ़ती अस्थिरता के संकेत'

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि पूरी दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनपेक्षित भू-राजनैतिक तनावों ने पागलपन की एक आँधी को जन्म दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों के लिए अपनी मुख्य वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही.