जलवायु

कॉप26: जलवायु वित्त के लिये, निजी सैक्टर के संकल्प

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन कॉप26 में बुधवार का दिन, वित्तीय घोषणाओं के नाम रहा. सबसे बड़ी घोषणा थी – दुनिया भर की लगभग 500 वित्तीय संस्थाओं व संगठनों द्वारा पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, 130 ट्रिलियन की धनराशि जुटाने पर सहमति. इन लक्ष्यों में तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना भी शामिल है और ये धनराशि दुनिया की कुल वित्तीय सम्पदाओं का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है.

विकसित देशों से, निर्बल देशों को जलवायु वित्त का वादा तेज़ी से पूरा करने का आग्रह

ऐसे में जबकि विश्व नेतागण ने ये उम्मीद जताई है कि विकासशील देशों को, जलवायु वित्तीय मदद के रूप में हर वर्ष 100 अरब डॉलर की रक़म अदा करने का लक्ष्य पहुँच में नज़र आता है, तो संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि ये लक्ष्य, वर्ष 2023 तक तो पूरा होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं, और उसके बाद के समय के लिये भी अतिरिक्त धनराशि की ज़रूरत होगी.

भारत: युवजन ही लाएंगे बदलाव

भारत एक वैश्विक जलवायु नेतृत्व की ओर अग्रसर है. भारत का लक्ष्य है - 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा का 40% नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करना. भारत की जलवायु महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिये, युवजन भी दृढ़ता से खड़े हैं. भारत में WETHECHANGENOW अभियान के तहत जलवायु कार्रवाई पर एक वीडियो रिपोर्ट...
 

कॉप26 के नाकाम होने का गम्भीर जोखिम, ज़्यादा जलवायु कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में रविवार को शुरू हो रहे यूएन जलवायु सम्मेलन – कॉप26 के बारे में कहा है कि इस सम्मेलन के नाकाम हो जाने का गम्भीर जोखिम नज़र आ रहा है. उन्होंने शुक्रवार को, रोम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये आशंका व्यक्त की है.

कॉप26 – अभी तक हमें क्या मालूम है, और ये क्यों अहम है: आपके लिये यूएन न्यूज़ गाइड

महामारी से अस्त-व्यस्त हो चुके विश्व में, और जलवायु त्रासदी टालने के लिये, तेज़ी से हाथ से निकल रहे समय के बीच, अति महत्वपूर्ण यूएन जलवायु सम्मेलन – कॉप26, रविवार को, स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में शुरू हो रहा है – जिसमें बहुत कुछ दाँव पर लगा हुआ है.

WHO: कोविड महामारी से पुनर्बहाली के लिये, ठोस जलवायु कार्रवाई है ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले जलवायु सम्मेलन (कॉप26) के सम्बन्ध में, सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि तमाम देशों द्वारा, कोविड-19 महामारी से स्वस्थ, हरित और टिकाऊ पुनर्बहाली के लिये, महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताएँ अति महत्वपूर्ण हैं.

स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण की उपलब्धता, अब एक मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने, शुक्रवार को पहली बार ये पहचान दी है कि स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण की उपलब्धता, एक मानवाधिकार है.

विश्व पर्यावास दिवस: हरित व ऊर्जा कुशल नगरों के अनगिनत लाभ

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि नगरों को और ज़्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाने के बहुत सारे लाभ हैं, जिनमें कम जलवायु जोखिम, ज़्यादा रोज़गार, और बेहतर स्वास्थ्य व रहन-सहन जैसे फ़ायदे शामिल हैं.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 1 अक्टूबर 2021

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युवा जलवायु 'लीडर्स' को, यूएन प्रमख की पुकार - अपनी आवाज़ें बुलन्द करते रहें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे में जबकि जलवायु संकट के कारण पहले ही बहुत से लोगों की ज़िन्दगियाँ और रोज़गार व आजीविकाएँ तबाह हो रही हैं, तो वैश्विक कार्रवाई को आगे बढ़ाने में, युवजन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.