जलवायु

टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट: अभी नुक़सान आकलन सम्भव नहीं

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि प्रशान्त द्वीपों में सप्ताहान्त के दौरान समुद्र के भीतर फटे ज्वालामुखी के बाद, टोंगा की राजधानी नुकुआलोफ़ा राख और धूल से ढक गई है, मगर वहाँ स्थिति शान्त है और सफ़ाई के आरम्भिक प्रयास शुरू कर दिये गए हैं.

पृथ्वी का तापमान बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों के बारे में पाँच अहम बातें

किसी ग्रीनहाउस में सूर्य का प्रकाश दाख़िल होता है, और गर्मी वहीं ठहर जाती है. ग्रीनहाउस प्रभाव इसी तरह का परिदृश्य पृथ्वी के स्तर पर भी परिभाषित होता है, मगर किसी ग्रीनहाउस में लगे शीशे के बजाय, कुछ तरह की गैसें, वैश्विक तापमान को लगातार बढ़ा रही हैं.

जलवायु परिवर्तन: ग्रीनलैण्ड की हिम चादरों का पिघलना, लगातार 25वें वर्ष भी जारी रहा

संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनुमोदित शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 लगातार ऐसा 25वाँ वर्ष रहा जिस दौरान ग्रीनलैण्ड की महत्वपूर्ण हिम चादर को, पिघलाव के मौसम के दौरान और ज़्यादा नुक़सान हुआ, हालाँकि, उसके बाद सर्दियों के मौसम में कुछ बेहतरी भी हुई.

भारत: प्लास्टिक प्रदूषण को आड़े हाथों लेता एक कार्यकर्ता

सक्रियता से बदलाव सम्भव है. भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार में, एक स्काउट और गाइड कार्यकर्ता  ऋतुराज की कोशिशों से प्लास्टिक प्रयोग के बारे में बदलाव लाने और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है. ऋतुराज, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के प्लास्टिक प्रदूषण का मुक़ाबला करने के लिये वैश्विक युवा आन्दोलन, टाइड टर्नर्स चैलेंज के एक सक्रिय प्रचारक हैं.

पहाड़ों पर कूड़े का ढेर - पर्यटन से ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का कहना है कि कोरोनावायरस महामारी के बीच पहाड़ी पर्यटन में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ, प्लास्टिक प्रदूषण में भी वृद्धि हुई है जिससे, पर्वतीय पारीस्थितिकी तंत्र पर ख़तरा मण्डराने लगा है. स्रोत से समुद्र तक प्रदूषण से निपटने के उद्देश्य से, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने, एलेन मैकआर्थर फाउण्डेशन के सहयोग से ‘वन प्लैनेट नैटवर्क’ के टिकाऊ पर्यटन कार्यक्रम के तहत, ‘वैश्विक पर्यटन प्लास्टिक पहल’ विकसित की. इस पहल के ज़रिये, पर्वतीय प्रदूषण से निपटने के लिये कई अभियान चलाए जा रहे हैं.

भारत: वायु प्रदूषण के ख़िलाफ़ प्रदेशों की मुहिम

भारत में वायु गुणवत्ता प्रबन्धन एक क्षेत्रीय मुद्दा है. विश्व बैंक, राज्य-व्यापी स्वच्छ वायु कार्य योजना विकसित करने के लिये, शहर स्तर पर योजना बनाने में उत्तर प्रदेश और बिहार प्रदेशों की  मदद कर रहा है, जिसे पूरे राज्य में विस्तार के लिये उपयोग किया जा सकेगा.

महामारी को वैश्विक समन्वित कार्रवाई के बिना नहीं हराया जा सकता, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को ज़ोरदार दलील देते हुए कहा है कि दुनिया, कोविड-19 महामारी को, एकजुटता और ठोस तालमेल के बिना नहीं हरा सकती है इसलिये, देशों को, वर्ष 2021 के अन्त तक, पूरी दुनिया में लगभग 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करने के लिये, आने वाले दिनों में ठोस कार्रवाई करनी होगी. 

कृषि मिट्टी में प्लास्टिक सर्वव्यापी, टिकाऊ विकल्पों के लिये और ज़्यादा शोध की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (FAO) ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि खेतीबाड़ी की ज़मीनों में, प्लास्टिक प्रदूषण की मौजूदगी सर्वव्यापी हो गई है जिसके कारण खाद्य सुरक्षा, जन स्वास्थ्य, और पर्यावरण के लिये जोखिम उत्पन्न हो रहा है.

टिकाऊ विकास के लिये वित्त की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा, उप प्रमुख आमिना मोहम्मद

सुंयुक्त राष्ट्र की उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने सोमवार को कहा है कि संसाधन सम्पन्न और संसाधन वंचित लोगों के बीच अविश्वास की बढ़ती खाई के वातावरण में, टिकाऊ विकास के लिये, यथा सम्भव विभिन्न क्षेत्रों से पक्षकारों को शामिल करते हुए, वित्त का प्रबन्ध करना, इस समय पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है.

बुज़ुर्गों की तुलना में, युवजन में ज़्यादा नज़र आती है 21वीं सदी की भावना

एक पीढ़ीगत सर्वेक्षण में सामने आया है कि कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन और अन्य वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, उम्र दराज़ लोगों की तुलना में, ऐसे बच्चों और युवाओं की संख्या 50 प्रतिशत ज़्यादा है जो आज भी मानते हैं कि दुनिया एक बेहतर जगह बन रही है. इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण के नतीजे गुरूवार को प्रकाशित हुए हैं.