जलवायु

योरोप: भीषण बाढ़ व बढ़ते तापमान ने, जलवायु कार्रवाई को बनाया ज़रूरी

विश्व मौसम संगठन (WMO) ने शुक्रवार को कहा है कि पश्चिमी योरोप के अनेक देशों में भारी बारिश होने के कारण जानलेवा और विनाशकारी बाढ़ का आना ऐसा एक ताज़ा संकेतक है कि तमाम दुनिया को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं की रफ़्तार को धीमा करने के लिये, और ज़्यादा कार्रवाई करने की आवश्यकता है. यूएन महासचिव ने जान-माल के नुक़सान पर दुख व्यक्त किया है.

योरोपीय संघ की नई जलवायु पहल की प्रभाव कुशलता सीमित - अंकटाड

संयुक्त राष्ट्र की व्यापार और विकास एजेंसी (UNCTAD) ने आगाह करते हुए कहा है कि योरोपीय संघ द्वारा बुधवार को जारी एक जलवायु पहल कार्यक्रम, अलबत्ता, वैश्विक व्यापार रुख़ को उन देशों के हित में मोड़ सकता है जहाँ उत्पादन ज़्यादा कार्बन कुशल है, मगर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में इसकी अहमियत सीमित ही नज़र आती है.

जापान: भूस्खलन के प्रभावितों के प्रति सम्वेदना व राहतकर्मियों के काम की सराहना

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जापान में उन परिवारों के साथ सम्वेदना व्यक्त की है जिनके सदस्य सप्ताहान्त के दौरान शिज़ुओका क्षेत्र के तटीय शहर अतामी में समुद्री तूफ़ान और ज़मीन खिसकने के कारण मौत का शिकार हो गए.

तापमान वृद्धि को रोकने में, मीथेन गैस कटौती की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव गतिविधि द्वारा उत्पन्न मीथेन गैस का उत्सर्जन, इस दशक में 45 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिससे पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुरूप, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने में मदद मिलेगी.

मैडागास्कर की युवा कार्यकर्ता का नज़रिया - युवा ख़ामोश नहीं बैठेंगे

मैडागास्कर की एक युवा कार्यकर्ता मैरी क्रिस्टीना कोलो का कहना है कि दुनिया भर के युवजन, अब वैश्विक जलवायु संकट के बारे में ख़ामोश नहीं बैठेंगे.

पेरिस जलवायु समझौते पर एक वीडियो नज़र...

पेरिस जलवायु समझौता, देशों को नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये अपने स्वयं के रास्ते बनाने देता है. यह राष्ट्रों, व्यवसायों और लोगों के ऊपर है कि वे यह करने के नए तरीक़े खोजें. ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन, विनिर्माण और खेती तक. एक वीडियो परिचय...

तिमोर-लेस्ते: बाढ़ से भारी तबाही, यूएन एजेंसियाँ भी मदद करने में सक्रिय

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, तिमोर-लेस्ते में, बाढ़ और भूस्खलन का सामना करने के प्रयासों में सक्रिय मदद कर रही हैं. देश भर में आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक तबाही हुई है और प्रभावित स्थानों में राजधानी दीली भी शामिल है.

इस महत्वपूर्ण वर्ष में, लोगों व पृथ्वी की ख़ातिर, ज़्यादा जलवायु कार्रवाई की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि विश्व को, जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी करने और बेहद कमज़ोर हालात वाले लोगों को, गम्भीर और जल्दी-जल्दी होने वाले जलवायु प्रभावों से बचाने के लिये, बहुत असाधारण कार्रवाई करने की ज़रूरत है. यूएन उप प्रमुख ने नवम्बर 2021 में ग्लासगो में होने वाले जलवायु सम्मेलन - कॉप26 की तैयारियों के तहत बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ये बात कही.

अमेरिका से, वैश्विक टीकाकरण व जलवायु कार्रवाई की अगुवाई करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

मौसम संगठन की चेतावनी - अभूतपूर्व जोखिम की ज़द में हैं समुद्र

संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर के समुद्रों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवन रक्षक निगरानी प्रणालियों और पूर्व चेतावनी देने वाली सेवाओं में, कोविड-19 महामारी के कारण जो व्यवधान आया है, उन्हें फिर से मुस्तैद बनाए जाने की ज़रूरत है, ताकि तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले और जोखिम का सामना करने वाले समुदायों की रक्षा की जा सके.