जलवायु

जैवविविधता और प्रकृति संरक्षण के लिये तात्कालिक कार्रवाई का आहवान

पर्यावरण जगत के संरक्षण के लिये प्रयासों में जुटे संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस सप्ताह हो रही एक महत्वपूर्ण जैवविविधता शिखर वार्ता से ठीक पहले तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है. इस बैठक में विश्व नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षा के लिये अपने संकल्पों को मज़बूती दिये जाने की उम्मीद है. 

पृथ्वी का ख़याल करें, तुरन्त!

भारत की अनेक आस्था व धार्मिक हस्तियों ने इस वर्ष पर्यावरण दिवस के मौक़े पर पृथ्वी की धरोहर को सहेजने के लिए विभिन्न उपाय करने की अपील की है. इनमें प्रकृति को नुक़सान नहीं पहुँचाना और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना शामिल है. पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों की बेहतरी के लिए ऐसा करना बहुत ज़रूरी है. इन धार्मिक हस्तियों का वीडियो सन्देश...

पृथ्वी दिवस पर डिजिटल कॉन्सर्ट

पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने 22 अप्रैल को एक 'डिजिटल कॉन्सर्ट - रिकी केज एट वन पेज स्पॉटलाइट' का आयोजन किया. इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य, वैश्विक समुदाय को एकजुट करना और करुणा, बलिदान व आशा का संदेश फैलाने में मदद करना था. इसमें यूनेस्को, एमझीआईईपी, यूएनसीसीडी, यूनीसेफ़ इंडिया, समेत 5 ग्रैमी पुरस्कार विजेताओं समेत 44 संगीतकार शामिल हुए.

'पृथ्वी को भी बचाना होगा'

यूएन महासचिव एंतोनियो गुूटेरेश ने कहा है कि हमें अपने ग्रह को कोरोनावायरस और हमारे वजूद के लिए एक ख़तरा बन चुके जलवायु संकट दोनों से ही बचाने के लिए निर्णायक कार्रवाई करनी होगी और मौजूदा संकट हमारी आँखें खोलने के लिए एक अभूतपूर्व अलार्म है. 22 (बुधवार) अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस पर वीडियो संदेश...

विश्व तापमान वृद्धि की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय मोहापात्रा के साथ विशेष बातचीत... 

जलवायु परिवर्तन: ज़मीन, हवा, वातावरण, हर कहीं बढ़ रहा है संकट

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है.

 

'पागलपन की आँधी से बढ़ती अस्थिरता के संकेत'

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि पूरी दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनपेक्षित भू-राजनैतिक तनावों ने पागलपन की एक आँधी को जन्म दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों के लिए अपनी मुख्य वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही.

दुनिया भर में शांति और सामंजस्य के लिए एकजुटता की पुकार

उथल-पुथल और मुश्किलों से भरे मौजूदा दौर में विश्व भर के लोगों को शांति व सामंजस्य में एकजुटता दिखाने की ज़रूरत है. ये शब्द हैं यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के जो उन्होंने शुक्रवार को वेटिकन में रोमक कैथोलिक चर्च के मुखिया पोप फ्रांसिस के साथ मुलाक़ात करने के बाद कहे. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र को समर्थन देने के लिए पोप का शुक्रिया भी अदा किया.

सादगी से जीवन जिएँ ताकि...

ये तो हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया भर में अनेक तरह से असर हो रहा है. पहाड़ी इलाक़ों में भी असर देखे जा रहे हैं. इसी असर को कम करने के लिए सादगी भरी ज़िन्दगी की पुकार के साथ #ILiveSimply नामक अभियान चलाने वाले सोमन वांगचुक के साथ बातचीत.

दिल दहला देने वाली है जलवायु की स्थिति

अत्यधिक गर्म हवाओं, सूखा, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़ों और जंगलों में लगी भीषण आग जैसी विशाल प्रभावों वाली घटनाओं ने सभी महाद्वीपों को प्रभावित किया है. करोड़ों लोगों को गर्म हवाओं और वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ा है. चौंकाने वाली है जलवायु स्थिति. एक झलक...