जलवायु

पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत

अमेरिका, पेरिस जलवायु समझौते में फिर से शामिल हो गया है. वर्ष 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इस समझौते में, अमेरिका की सक्रिय भूमिका रही थी.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत करते हुए, 19 फ़रवरी को, एक ऑनलाइन कार्यक्रम में, जलवायु परिवर्तन पर अधिक मज़बूत कार्रवाई किये जाने की अपनी पुकार दोहराई. 

उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु समझौता, हमारी आने वाली पीढ़ियों और सम्पूर्ण मानव परिवार के साथ एक क़रार है.

हवा से पानी बनाने की मशीन

पेरू के एक जीवविज्ञानी और युवा आविष्कारक को, हवा को पानी में बदलने की तकनीक विकसित करने के लिये, वार्षिक संयुक्त राष्ट्र के "Youth Champion of the Earth 2020" पर्यावरण पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है. देखें उनके काम की एक झलक...(वीडियो)

युवा पृथ्वी चैम्पियन: स्वच्छ ऊर्जा की चाह पूर्ति के वाहक, विद्युत मोहन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने, भारत के एक युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को, एक ऐसी अदभुत तकनीक ईजाद करने के लिये पुरस्कृत किया है, जिससे ना केवल ऊर्जा पैदा होती है, बल्कि हवा को भी साफ़-सुथरा रखने में मदद मिलती है और अन्ततः जलवायु परिवर्तन में भी कमी होती है.

CAS-20: नए महत्वाकाँक्षी लक्ष्य, जलवायु आपदा घोषित करने की पुकार भी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 में विश्व नेताओं से अपील की है कि वो अपने यहाँ तब तक जलवायु आपदा घोषित कर दें जब तक कि कार्बन निष्पक्षता का लक्ष्य नहीं हासिल कर लिया जाता है. विभिन्न देशों ने कार्बन उत्सर्जन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये नई योजनाओं, नीतियों और समय सीमा के महत्वाकाँक्षी लक्ष्यों की घोषणा की है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 पर विशेष सामग्री

पृथ्वी का ख़याल करें, तुरन्त!

भारत की अनेक आस्था व धार्मिक हस्तियों ने इस वर्ष पर्यावरण दिवस के मौक़े पर पृथ्वी की धरोहर को सहेजने के लिए विभिन्न उपाय करने की अपील की है. इनमें प्रकृति को नुक़सान नहीं पहुँचाना और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना शामिल है. पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों की बेहतरी के लिए ऐसा करना बहुत ज़रूरी है. इन धार्मिक हस्तियों का वीडियो सन्देश...

पृथ्वी दिवस पर डिजिटल कॉन्सर्ट

पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने 22 अप्रैल को एक 'डिजिटल कॉन्सर्ट - रिकी केज एट वन पेज स्पॉटलाइट' का आयोजन किया. इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य, वैश्विक समुदाय को एकजुट करना और करुणा, बलिदान व आशा का संदेश फैलाने में मदद करना था. इसमें यूनेस्को, एमझीआईईपी, यूएनसीसीडी, यूनीसेफ़ इंडिया, समेत 5 ग्रैमी पुरस्कार विजेताओं समेत 44 संगीतकार शामिल हुए.

'पृथ्वी को भी बचाना होगा'

यूएन महासचिव एंतोनियो गुूटेरेश ने कहा है कि हमें अपने ग्रह को कोरोनावायरस और हमारे वजूद के लिए एक ख़तरा बन चुके जलवायु संकट दोनों से ही बचाने के लिए निर्णायक कार्रवाई करनी होगी और मौजूदा संकट हमारी आँखें खोलने के लिए एक अभूतपूर्व अलार्म है. 22 (बुधवार) अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस पर वीडियो संदेश...

विश्व तापमान वृद्धि की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय मोहापात्रा के साथ विशेष बातचीत... 

जलवायु परिवर्तन: ज़मीन, हवा, वातावरण, हर कहीं बढ़ रहा है संकट

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है.

 

सादगी से जीवन जिएँ ताकि...

ये तो हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया भर में अनेक तरह से असर हो रहा है. पहाड़ी इलाक़ों में भी असर देखे जा रहे हैं. इसी असर को कम करने के लिए सादगी भरी ज़िन्दगी की पुकार के साथ #ILiveSimply नामक अभियान चलाने वाले सोमन वांगचुक के साथ बातचीत.