जलवायु

जलवायु रिपोर्ट, पृथ्वी ग्रह के लिये एक 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा जलवायु कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक तापमान वृद्धि का मुकाबला करने के प्रयासों में जितनी कार्रवाई करने की ज़रूरत है, दुनिया भर के देश उसके निकट कहीं भी नज़र नहीं आ रहे हैं. 

मज़बूत जलवायु कार्रवाई के बिना, दुनिया के बिखर जाने का डर 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद की एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने, वैश्विक शान्ति और सुरक्षा के लिये जो ख़तरा उत्पन्न कर दिया है, उसका सामना करने के लिये, और अधिक एकजुट कार्रवाई की दरकार है. इसी परिचर्चा में, प्रख्यात प्रकृति इतिहासकार सर डेविड ऐटेनबरॉ ने भी देशों को आगाह करते हुए कहा कि पृथ्वी ग्रह पूर्ण बिखराव के निकट पहुँच जाने के जोखिम का सामना कर रहा है.

भोजन और खाद्य सुरक्षा में 'दालों' की महत्ता, विश्व दिवस

संयुक्त राष्ट्र, बुधवार को, 'विश्व दालें दिवस' मना रहा है जिसके तहत, ना केवल पोषण के स्रोत के रूप में दालों की महत्ता को रेखांकित करने, बल्कि ज़मीन की उर्वरता बढ़ाने और फ़सलों के कीड़ों का असर कम करने में, उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी बढाई जाती है.

जैवविविधता और प्रकृति संरक्षण के लिये तात्कालिक कार्रवाई का आहवान

पर्यावरण जगत के संरक्षण के लिये प्रयासों में जुटे संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस सप्ताह हो रही एक महत्वपूर्ण जैवविविधता शिखर वार्ता से ठीक पहले तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है. इस बैठक में विश्व नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षा के लिये अपने संकल्पों को मज़बूती दिये जाने की उम्मीद है. 

'पागलपन की आँधी से बढ़ती अस्थिरता के संकेत'

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि पूरी दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनपेक्षित भू-राजनैतिक तनावों ने पागलपन की एक आँधी को जन्म दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों के लिए अपनी मुख्य वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही.

दुनिया भर में शांति और सामंजस्य के लिए एकजुटता की पुकार

उथल-पुथल और मुश्किलों से भरे मौजूदा दौर में विश्व भर के लोगों को शांति व सामंजस्य में एकजुटता दिखाने की ज़रूरत है. ये शब्द हैं यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के जो उन्होंने शुक्रवार को वेटिकन में रोमक कैथोलिक चर्च के मुखिया पोप फ्रांसिस के साथ मुलाक़ात करने के बाद कहे. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र को समर्थन देने के लिए पोप का शुक्रिया भी अदा किया.

तापमान 3 डिग्री के उछाल की राह पर, जलवायु लक्ष्य हासिल हुए तब भी

वर्ष 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों और संकल्पों को हासिल भी कर लिया जाए तो भी दुनिया तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी की राह पर आगे बढ़ रही है.  जिसका मतलब होगा कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन के और भी ज़्यादा व्यापक व विनाशकारी प्रभाव होंगे, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने ये चेतावनी वार्षिक कार्बन अंतर रिपोर्ट में मंगलवार को जारी की है.

यूएन का नया वन प्रोजेक्ट जलवायु संकल्पों को पूरा करने में देशों की मदद करेगा

संयुक्त राष्ट्र ने बेहतर वन प्रबंधन पर एक ऐसा नया प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसकी मदद से एशिया, अफ्रीका और लातीनी अमेरिका के देशों में जलवायु परिवर्तन का सामना करने में मदद मिलेगी. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफ़एओ) ने ये योजना तैयार की है जिसे सोमवार को जारी किया गया.

लड़ाई-झगड़ों में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने के चलन को रोकना होगा

अगर दुनिया को इस पृथ्वी और इस पर बसने वाले सभी इंसानों और जीव-जंतुओं के लिए एक टिकाऊ भविष्य का लक्ष्य हासिल करना है तो युद्धों और संघर्ष के हालात में पर्यावरण को महफ़ूज़ रखने के लिए ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. ये चेतावनी भरे शब्द संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की मुखिया इन्गा एंडरसन ने बुधवार को युद्ध व सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने से रोकने के लिए मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर कहे.

हर मिनट एक ट्रक प्लास्टिक समुद्र में फेंक दिया जाता है

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक कूड़ा-कचरा समुद्रों में फेंका जाता है - इसका मतलब इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बड़े ट्रक में समाने वाले कूड़े-कचरे के बराबर ये हर मिनट समुद्र में फेंका जाता है.