जलवायु परिवर्तन

यूएन प्रमुख और रूसी राष्ट्रपति के बीच बहुपक्षवाद की अहमियत पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने गुरुवार को आपसी बातचीत के दौरान बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने हेतु, नए सिरे से संकल्प लिये जाने की अहमियत पर चर्चा की है. यूएन प्रमुख, रूस सरकार के निमंत्रण पर फ़िलहाल मॉस्को में हैं जहाँ उनकी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाक़ात होगी.

निर्बल समुदायों के विस्थापन के लिये जलवायु परिवर्तन भी एक वजह

पिछले एक दशक में, हिंसक संघर्ष और टकराव की वजह से उपजे हालात की तुलना में, मौसम सम्बन्धी संकटों के कारण दोगुनी संख्या में लोगों को विस्थापन का शिकार होना पड़ा है. 

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के बीच दुनिया जलवायु ‘रसातल’ के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) द्वारा सोमवार को जारी नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पृथ्वी के तापमान में बढ़ोत्तरी बेरोकटोक जारी है, और साल 2020, अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में दर्ज किया गया है. "State of the Global Climate" रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में वैश्विक औसत तापमान, औद्योगिक काल से पूर्व के स्तर की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जोकि चिन्ताजनक है.

नगरों से जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास के तरीक़े अपनाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नगरीय नियोजन व नगरीय परिवहन में क्रान्तिकारी बदलाव लाए जाने का आहवान किया ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करके, सर्वजन के लिये हरित व टिकाऊ भविष्य बनाया जा सके.

बांग्लादेश: 'सौर घर प्रणाली कार्यक्रम' साबित हुआ नया विकास वाहक

विश्व बैंक (World Bank) ने अन्य साझीदारों के साथ मिलकर, बांग्लादेश में घरों तक बिजली पहुँचाने के लिये 'सौर ऊर्जा घर प्रणाली' (SHS) कार्यक्रम को वित्तीय पोषण प्रदान किया, जिससे देश की विकास प्रक्रिया में अहम सहयोग मिला है. इस कार्यक्रम के ज़रिये, दूर-दराज़ के क्षेत्रों में समुदायों तक बिजली पहुँचाने वाले एक 'ऑफ़-ग्रिड सौर बाज़ार' के निर्माण के लिये सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच भागीदारी को समर्थन दिया गया. 

 

यूनेस्को सर्वे के अनुसार, अगले दशक में, जलवायु परिवर्तन शीर्ष चुनौती

संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन – यूनेस्को ने ‘2030 में विश्व की स्थिति’ नामक सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके अनुसार, जलवायु परिवर्तन और जैव-विविधता के नुक़सान को, इस दशक के दौरान सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

भोजन की बर्बादी, जलवायु परिवर्तन को न्योता

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के एक नए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 में बेचा गया, 93 करोड़ टन से ज़्यादा भोजन, कूड़ेदान में फेंक दिया गया. यूएन एजेंसी के अनुसार भोजन की बर्बादी केवल धनी देशों की समस्या नहीं है, और इससे जलवायु परिवर्तन के लिये भी खाद मिलती है. वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास एजेण्डा के तहत, वर्ष 2030 तक, भोजन की बर्बादी में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है.

पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी – ‘उम्मीद भरा दिन’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी का स्वागत करते हुए, इसे दुनिया के लिये एक उम्मीद भरा दिन क़रार दिया है, जिससे महत्वाकाँक्षी वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पेरिस समझौते में वैश्विक तापमान में बढोत्तरी को रोकने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती का महत्वाकाँक्षी लक्ष्य रखा गया है. 

म्यूनिख सम्मेलन: महासचिव ने कहा - 2021, प्रगति के मार्ग पर लौटने का साल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि विश्व के समक्ष जलवायु, स्वास्थ्य, आर्थिक विषमता सहित अन्य चुनौतियाँ पहले से ज़्यादा जटिल और विकराल होती जा रही हैं, जिनका सामना, एकजुटता और अन्तरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिये ही किया जा सकता है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को ‘म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन’ को, सम्बोधित करते हुए, चार अहम क्षेत्रों में कार्रवाई का ख़ाका पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में दुनिया को फिर से टिकाऊ विकास के मार्ग पर वापिस आना होगा. 

भारत: निम्न कार्बन उत्सर्जन की राह पर अग्रसर, बिहार भी सक्रिय

भारत में बिहार प्रदेश, एक जलवायु अनुकूल व निम्न कार्बन उत्सर्जक नीति बनाने को तत्पर है. इसी उद्देश्य से शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) - यूनेप और बिहार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत यूनेप, इस बदलाव के लिये, बिहार को, तकनीकी सलाह व समीक्षा समेत सभी प्रकार सहायता प्रदान करेगा.