जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन व बाज़ारी शक्तियों के दबाव से बाल स्वास्थ्य को ख़तरा

विश्व का भविष्य बच्चों में मौजूद संभावनाओं के अनुरूप उनके फलने-फूलने और स्वास्थ्य-कल्याण पर निर्भर है लेकिन उनका बेहतर और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कोई भी देश पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक आयोग ने बुधवार को अपनी नई रिपोर्ट जारी करते हुए बाल एवं किशोर स्वास्थ्य पर जलवायु परिवर्तन और बाज़ारी शक्तियों के दुष्प्रभाव की तरफ़ ध्यान आकृष्ट किया है.  

जलवायु कार्रवाई तेज़ करने पर बल, शरणार्थियों की मदद के लिए पाकिस्तान की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लंबे समय तक भारी संख्या में शरणार्थियों को अपने यहाँ पनाह देने में असाधारण दरिया-दिली और मज़बूती दिखाने व जलवायु परिवर्तन की चुनौती का मुक़ाबला करने में अहम भूमिका के लिए पाकिस्तान की सराहना की है. महासचिव ने रविवार को पाकिस्तान की तीन दिन की यात्रा शुरू करते हुए इस्लामाबाद में ये बात कही.

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

'भू-राजनैतिक तनाव चरम पर', आपसी संवाद और सहयोग की पुकार

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ईरान के शीर्ष सैन्य जनरल की अमेरिकी हमले में मौत से खाड़ी क्षेत्र में उपजे गंभीर तनाव के बीच संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग नए सिरे से शुरू करने की अपील की है. यूएन प्रमुख ने सोमवार को जारीअपने संदेश में कहा कि नए वर्ष की शुरुआत विश्व में तनाव व उथल-पुथल से हुई है और ऐसे में सभी पक्षों द्वारा संयम बरता जाना बहुत ज़रूरी है.

कॉप-25: वार्ताओं में प्रगति, जलवायु महत्वाकांक्षाओं पर निराशा

कॉप-25 में चल रही वार्ताएं अंततः रविवार को समाप्त हो गईं. इनमें निजी क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों के स्तर पर ख़ासी प्रगति हुई है. अलबत्ता, जलवायु कार्रवाई के लिए महत्वाकाँक्षाएँ बढ़ाने के मुद्दे पर कोई आम सहमति नहीं हो सकी जिस पर बड़े पैमाने पर निराशा का माहौल भी देखा गया.

कॉप-25: जलवायु कार्रवाई में व्यवसायों को सहारा देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम व्यवसायों और सिविल सोसायटी का आहवान किया है कि वो सरकारों पर ऐसी बेहतर नीतियाँ बनाने के लिए दबाव डालें जिनके ज़रिए जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में निजी क्षेत्र के प्रयासों को भी सहारा दिया जा सके.

जलवायु संकट: मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर, समुचित तैयारी की कमी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि चरम मौसम की घटनाओं – लू, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़, सूखा – से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है लेकिन इसके बावजूद अधिकतर देश इस दिशा में अभी पर्याप्त स्तर पर प्रयास नहीं कर रहे हैं. वहीं यूएन की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने कहा है कि वर्ष 2019 में समाप्त होने वाला दशक अब तक का सबसे गर्म दशक साबित होने की संभावना है. 

जलवायु संकट: "गर्त में खड़े रहकर खुदाई रोकनी होगी, नहीं तो..."

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि विश्व स्तर पर मौजूद जलवायु संकट का मुक़ाबला करने के लिए दुनिया को ज़्यादा जवाबदेही, ज़िम्मेदारी और प्रभावशाली नेतृत्व की ज़रूरत है. इसके लिए उन्होंने सोमवार को मैड्रिड में शुरू हो रहे जलवायु सम्मेलन कॉप-25 में तमाम देशों से और ज़्यादा महत्वाकांक्षाएँ व संकल्पों का भी आहवान किया है.

इंटरव्यू: शांति और पृथ्वी की हिफ़ाज़त के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से दुनिया के सामने तमाम नाटकीय समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आहवान किया है. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें सत्र के शुरू होने के अवसर पर यूएन समाचार के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये पुकार लगाई है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर प्रगति के लिए दिशा में बदलाव पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञों ने अपनी एक रिपोर्ट में रेखांकित किया है कि वैश्विक विकास का मौजूदा मॉडल अगर आगे भी जारी रहा तो इससे दशकों में हासिल की गई प्रगति ख़तरे में पड़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार लोगों और प्रकृति के बीच रिश्ते में बुनियादी और त्वरित बदलाव  लाकर मानव कल्याण को हासिल किया जा सकता है और ग़रीबी का उन्मूलन भी संभव है. संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UNDESA) द्वारा जारी यह रिपोर्ट टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर इस महीने होने वाली बैठक में चर्चा के केंद्र में रहेगी.