जलवायु कार्रवाई

आपदा राहत सहायता के लिये तत्पर मानवीय राहतकर्मियों की रक्षा की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार, 19 अगस्त, को विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर, आपदाओं व त्रासदियों के दौरान निर्बलतम समुदायों की मदद के लिये तत्पर मानवीय सहायताकर्मियों की सराहना करते हुए उनकी रक्षा सुनिश्चित किये जाने के लिये हरसम्भव प्रयासों की पुकार लगाई है.   

स्वच्छ ऊर्जा के रास्ते की रूकावटों को दूर करने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने चिली के सैन्टियागो में स्वच्छ ऊर्जा पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये, अपने वीडियो सन्देश में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिये ठोस कार्रवाई व नीतियों की पैरवी की है. उन्होंने आगाह किया है कि सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संगठनों द्वारा लिये गए संकल्पों को तयशुदा अवधि में पूरा किया जाना होगा...

जलवायु शिखर बैठक – ग्रह के लिये 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, दुनिया रसातल के कगार पर है और विश्व नेताओं को तत्काल कार्रवाई करते हुए, ग्रह को हरित मार्ग पर ले जाना होगा. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन द्वारा आयोजित एक वर्चुअल जलवायु शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए, पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार लगाई है.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के बीच दुनिया जलवायु ‘रसातल’ के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) द्वारा सोमवार को जारी नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पृथ्वी के तापमान में बढ़ोत्तरी बेरोकटोक जारी है, और साल 2020, अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में दर्ज किया गया है. "State of the Global Climate" रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में वैश्विक औसत तापमान, औद्योगिक काल से पूर्व के स्तर की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जोकि चिन्ताजनक है.

यूएन दिवस: कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक युद्धविराम के लिये कमर कसने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में पड़ी है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला इसी संस्थापना मिशन के बल पर किया जा सकता है.

75वाँ सत्र: चीन का कोविड-19 के ख़िलाफ़ एकजुटता को बढ़ावा देने का आहवान

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासबा के 75वें सत्र की जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कोरोनावायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता को मज़बूती दिये जाने का आहवान किया है. राष्ट्रपति जिनपिंग ने घोषणा की है कि जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ व्यापक लड़ाई में कामयाबी के लिये चीन ने वर्ष 2060 तक कार्बन तटस्थता, यानि नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य की स्थिति हासिल करने का लक्ष्य रखा है. 

खेतों में आग: बदली-बदली सी है फ़िजाँ, बदलनी होंगी आदतें भी

वर्ष 2019 में, भारत की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास, इतना धुँधलका छा गया था कि विमानों की उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा, हज़ारों स्कूल बन्द करने पड़े और देश की राजधानी में लोगों को या तो घरों के भीतर ही रहने या फिर फ़ेस मास्क पहनने की सलाह दी गई. सवाल है कि आख़िर ऐसी नौबत क्यों आई?

सूखे व मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए प्रकृति के साथ नए रिश्ते की दरकार

संयुक्त राष्ट्र ने मरुस्थलीकरण व सूखे से निपटने और प्रकृति की रक्षा के लिए एक ऐसा नया सम्बन्ध स्थापित करने की पुकार लगाई है जिससे भूमि क्षरण के कारण उत्पन्न होने वाली जबरन विस्थापन, भुखमरी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का असरदार ढँग से मुक़ाबला किया जा सके. मरुस्थलीकरण व सूखा से निपटने के लिए मनाए जाने वाले विश्व दिवस (World Day to Combat Desertification and Drought) के अवसर पर इस वर्ष टिकाऊ उत्पादन और खपत की अहमियत पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है. 

कोविड-19: ‘कार्बन उत्सर्जन में अस्थाई गिरावट’ से नहीं रुकेगा जलवायु परिवर्तन

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों पर अभूतपूर्व असर हुआ है जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में गिरावट आने की संभावना जताई गई है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने सचेत किया है कि यह एक अच्छी ख़बर है मगर अस्थाई है क्योंकि सामान्य जीवन के फिर शुरू होने के बाद कार्बन उत्सर्जन में फिर से तेज़ी आने की संभावना है.