जलवायु कार्रवाई

कोविड-19 की अपेक्षा ज़्यादा गम्भीर होंगे जलवायु व्यवधान के दुष्परिणाम – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा की पाँचवी वर्षगाँठ की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा है कि आज लिये जाने वाले निर्णय दुनिया के लिये अगले 30 वर्षों और उसे परे की दिशा को तय करेंगे. महासचिव ने आगाह किया कि अगर हम इन लक्ष्यों को पाने में विफल रहते हैं तो फिर अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और लोगों के जीवन में उत्पन्न होने वाला व्यवधान कोविड-19 के दुष्प्रभावों को भी पीछे छोड़े देगा. 

कार्बन तटस्थता हासिल करने के प्रयासों की गति बढ़ाने पर ज़ोर

वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने के लिये संकल्पित देशों की सरकारों और व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है लेकिन दुनिया अब भी उस लक्ष्य की प्राप्ति से दूर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में प्रयासों की पैरवी के लिये सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर दिया है.

पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के बाहर होने पर खेद

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सचिवालय (UNFCCC) ने अपना ये संकल्प दोहराया है कि वो वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर क़ाबू पाने के लिये हुई ऐतिहासिक सन्धि के अनुरूप संयुक्त राज्य अमेरिका में और अन्य स्थानों पर सक्रिय अपने साझीदारों के साथ मिलकर जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने का काम करता रहेगा. 

कोरिया गणराज्य: 2050 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने के संकल्प का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरिया गणराज्य द्वारा वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता  (Carbon neutrality) हासिल करने का संकल्प लिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन प्रमुख ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम क़रार दिया है. इससे पहले सोमवार को जापान ने भी इसी अवधि में नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के प्रति अपने संकल्प को साझा किया था. 

यूएन दिवस: कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक युद्धविराम के लिये कमर कसने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में पड़ी है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला इसी संस्थापना मिशन के बल पर किया जा सकता है.

दक्षिण-पूर्व एशिया में यूएन के साथ साझेदारियों की अहमियत पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के दौर में संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय निकायों के बीच साझेदारियाँ बेहद अहम हैं. महासचिव ने बुधवार को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के विदेश मन्त्रियों की एक वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. 

वित्त मन्त्रियों से जलवायु परिवर्तन पर 'निर्णायक नेतृत्व' का आहवान 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि एक ऐसे दौर में जब देश विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 और उसके विनाशकारी प्रभावों से उबर रहे हैं, कार्बन पर विश्व अर्थव्यवस्था की निर्भरता घटाने और एक ज़्यादा समावेशी व सहनशील भविष्य के निर्माण के लिये प्रयासों पर ध्यान केन्द्रित किया जाना होगा. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सोमवार को जलवायु कार्रवाई पर आयोजित एक बैठक में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती लाने, जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी यानि अनुदान घटाने और जलवायु जोखिमों व अवसरों को वित्तीय नीतियों में समाहित किये जाने का आग्रह किया है.

'तेज़ बुखार में तप रही दुनिया' के लिये महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को जलवायु कार्रवाई पर आयोजित एक गोलमेज़ बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विश्व इस समय तेज़ ज्वर से पीड़ित है और जल रहा है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर दुनिया मौजूदा पथ पर ही आगे बढ़ती रही तो जलवायु व्यवधान से होने वाली पीड़ा का स्तर हमारी कल्पना से भी परे होगा, इसलिये तात्कालिक रूप से ठोस जलवायु कार्रवाई किये जाने की आवश्यकता है.

12 दिसम्बर को ब्रिटेन में होगा जलवायु सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश और ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने जलवायु मुद्दे पर एक वैश्विक सम्मेलन 12 दिसम्बर को संयुक्त रूप से आयोजित करने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर हर वर्ष अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करता है जिसे कॉप के नाम से जाना जाता है, मगर कोविड-19 के कारण पैदा हुए व्यवधानों से ये सम्मेलन भी प्रभावित हुआ है.

कोविड-19: पुनर्बहाली में भूमिबद्ध देशों का साथ देने के लिये यूएन है तैयार

संयुक्त राष्ट्र प्रणाली उन सभी विकासशील भूमिबद्ध देशों के साथ एकजुटता से खड़ी है जिनके पास अहम व्यापार मार्गों तक पहुँच का अभाव है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को एक कार्यक्रम में भरोसा दिलाया कि वैश्विक महामारी का दौर गुज़र जाने के बाद इन देशों के पुनर्बहाली के प्रयासों में यूएन पूरी तरह उनके लिये समर्थन सुनिश्चित करेगा.