जलवायु कार्रवाई

पेरिस जलवायु समझौता: एक नज़र

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन ने पेरिस जलवायु समझौते में, फिर से शामिल होने की घोषणा की है. पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने, वर्ष 2020 में, अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से हटा लिया था. इस सन्दर्भ में, पेरिस जलवायु समझौता एक बार फिर से ज़ोरदार चर्चा में आ गया है. यहाँ प्रस्तुत है - कुछ बुनियादी जानकारी...

 

2020, अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक: यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2020 अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक रहा है और वर्ष 2016 को पीछे धकेल कर अब तक का सर्वाधिक गर्म साल साबित होने का रिकॉर्ड भी बनाने के नज़दीक था.  

नई 'जलवायु वास्तविकता' के अनुरूप बदलाव ज़रूरी, अन्यथा गम्भीर क्षति का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन प्रयासों में प्रगति हुई है, इसके बावजूद बाढ़, सूखा और बढ़ता समुद्री जलस्तर, जैसी अन्य चुनौतियों से असरदार ढँग से निपटने के लिये पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का अभाव है. यूएन एजेंसी ने गुरुवार को ‘Adaptation Gap’ नामक  रिपोर्ट को जारी कर सचेत किया है कि पुख़्ता जलवायु कार्रवाई के बग़ैर दुनिया को गम्भीर मानवीय व आर्थिक क्षति झेलनी पड़ेगी.

जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तत्काल क़दम बढ़ाने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व संगठन का मुख्य लक्ष्य इस सदी के मध्य तक कार्बन तटस्थता, यानि नैट कार्बन उत्सर्जन की स्थिति हासिल करने के लिये, वैश्विक गठबन्धन का निर्माण करना है. महासचिव गुटेरेश ने, सोमवार को जलवायु कार्रवाई पर चर्चा के लिये आयोजित एक सम्मेलन के दौरान यह बात कही है. 

कोविड-19: संकट से पुनर्बहाली, प्रकृति के साथ समरसता क़ायम करने का अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उबरने की प्रक्रिया दुनिया के लिये अपना रास्ता बदलने और मानवता को एक सामान्य पथ पर आगे बढ़ाने का अवसर है, जहाँ प्रकृति के साथ टकराव के बजाय सामंजस्य स्थापित किया जा सके. यूएन प्रमुख ने सोमवार को ‘एक ग्रह’ (One Planet) शिखर वार्ता में विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए, पृथ्वी व उसके संसाधनों का दोहन किये जाने के दुष्परिणामों के प्रति आगाह किया है. 

यूएन75: साझा उपलब्धियों पर गर्व, भावी चुनौतियों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 और जलवायु परिवर्तन सहित अन्य मौजूदा चुनौतियों से निपटने में वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया है. यूएन प्रमुख ने 10 जनवरी, 1946 को लन्दन में हुई, यूएन महासभा की पहली बैठक की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1945 के बाद से अब तक बड़ी ताक़तों के बीच सैन्य टकराव नहीं हुआ है जोकि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के लिये एक बड़ी उपलब्धि है.

2021 को टिकाऊ ऊर्जा के लिये कार्रवाई का वर्ष बनाने के 'प्रयासों में तेज़ी'

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने असरदार जलवायु कार्रवाई में स्वच्छ ऊर्जा की अहमियत पर बल देते हुए उम्मीद जताई है कि वर्ष 2021 में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रगति की रफ़्तार तेज़ होगी. यूएन एजेंसी में ऊर्जा मामलों के प्रमुख मार्सेल एलर्स ने विश्वास व्यक्ति किया है कि स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े ऐसे समाधान मौजूद हैं जो जलवायु और टिकाऊ विकास से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं. 

यूएन व्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में सार्थक प्रगति

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था ने वर्ष 2019 में अपने कामकाज से पर्यावरण पर हो रहे असर को कम करने की दिशा में ठोस प्रगति जारी रखी है. मौजूदा प्रयासों के तहत उत्सर्जन में कटौती आँकी गई है और आधुनिक पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली को लागू करने में सफलता मिली है. 

कोविड-19 महामारी से उबरने में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

विकासशील देश जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबल करने के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के मुताबिक इन प्रयासों के तहत कोविड-19 से उबरने और हरित पुनर्बहाली की दिशा में आर्थिक स्फूर्ति पैकेजों का सहारा लिया जा रहा है. 

कोविड-19: जी-20 समूह की बैठक से पहले आपसी एकजुटता और समर्थन का आहवान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस सप्ताहान्त जी-20 समूह के नेताओं के बीच होने वाली बैठक से पहले एकजुटता और सहयोग की अहमियत को फिर रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सन्देश स्प्ष्ट है... कोविड-19 से पुनर्बहाली को समावेशी होना होगा, निर्बलों के लिये ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, और इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को टिकाऊ व जलवायु कार्रवाई के नज़रिये से महत्वाकाँक्षी बनाना होगा.