जलवायु कार्रवाई

पेरिस समझौते में 1.5˚C लक्ष्य का रास्ता, जी20 समूह के बिना सम्भव नहीं - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में तय 1.5 डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य हासिल करने के लिये, जी20 समूह के देशों को एक सुस्पष्ट संकल्प दर्शाने की आवश्यकता है.   

बढ़ता पारा और गम्भीर ताप लहरें – भावी संकट का संकेत!

इस वर्ष जून महीने में गर्मियों के दौरान चरम मौसम की घटनाओं और बढ़ती ताप लहरों ने, जलवायु परिवर्तन की विकराल होती चुनौती के प्रति एक नई चेतावनी जारी की है. 

स्वच्छ ऊर्जा के रास्ते की रूकावटों को दूर करने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने चिली के सैन्टियागो में स्वच्छ ऊर्जा पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये, अपने वीडियो सन्देश में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिये ठोस कार्रवाई व नीतियों की पैरवी की है. उन्होंने आगाह किया है कि सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संगठनों द्वारा लिये गए संकल्पों को तयशुदा अवधि में पूरा किया जाना होगा...

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरूवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

जलवायु शिखर बैठक – ग्रह के लिये 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, दुनिया रसातल के कगार पर है और विश्व नेताओं को तत्काल कार्रवाई करते हुए, ग्रह को हरित मार्ग पर ले जाना होगा. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन द्वारा आयोजित एक वर्चुअल जलवायु शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए, पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार लगाई है.

अर्चना सोरेंग का, प्रकृति-आधारित समाधानों में, आदिवासी युवाओं के हितों पर ज़ोर

​भारत की युवा जलवायु कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग ने सचेत किया है कि जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने में, प्रकृति-आधारित समाधान अपनाए जाते समय आदिवासी समुदायों और युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाना होगा, और प्रकृति व आमजन के लिये, न्याय व कल्याण को प्राथमिकता देनी होगी. पर्यावरण पर यूएन महासचिव के युवा सलाहकारों के समूह में शामिल अर्चना सोरेंग ने, गुरुवार को आयोजित जलवायु शिखर बैठक के दौरान एक सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी जन, केवल प्रकृति का हिस्सा भर नहीं हैं, बल्कि प्रकृति ही हैं.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के बीच दुनिया जलवायु ‘रसातल’ के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) द्वारा सोमवार को जारी नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पृथ्वी के तापमान में बढ़ोत्तरी बेरोकटोक जारी है, और साल 2020, अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में दर्ज किया गया है. "State of the Global Climate" रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में वैश्विक औसत तापमान, औद्योगिक काल से पूर्व के स्तर की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जोकि चिन्ताजनक है.

समावेशी व टिकाऊ भविष्य के लिये खेलकूद की ताक़त पर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने खेलकूद में व्यस्त व शामिल सर्वजन से आग्रह किया है कि वो जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने, भेदभाव और पूर्वाग्रह का मुक़ाबला करने, और वैश्विक खेलकूद घटनाओं द्वारा सकारात्मक विरासत छोड़ा जाना सुनिश्चित करने में मदद करें.

महत्वाकाँक्षा, निर्णय क्षमता, स्पष्टता – जलवायु कार्रवाई के मन्त्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी की वजह से महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई में देरी नहीं की जा सकती और वर्चुअल वार्ताओं के ज़रिये तेज़ी से आगे बढ़ना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र, प्रभावित समुदायों तक मदद पहुँचाने, देशों को पूर्ण समर्थन प्रदान करने और सभी की आवाज़ सुने जाने के लिये संकल्पबद्ध है और महत्वाकाँक्षी कार्रवाई के लिये स्पष्टता व निर्णायक ढंग से आगे बढ़ा जाना होगा.