जलवायु कार्रवाई

इंटरव्यू: शांति और पृथ्वी की हिफ़ाज़त के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से दुनिया के सामने तमाम नाटकीय समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आहवान किया है. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें सत्र के शुरू होने के अवसर पर यूएन समाचार के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये पुकार लगाई है.

जलवायु एमरजेंसी से विश्व शांति को ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने टिकाऊ और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए तत्काल जलवायु कार्रवाई की अहमियत को रेखांकित किया है ताकि पर्यावरण और मानव सुरक्षा व कल्याण को उपज रहे ख़तरों की रोकथाम हो सके. न्यूयॉर्क में शुक्रवार को एक शांति सभा संबोधित करते हुए महासचिव गुटेरेश ने आगाह किया है कि मौजूदा दौर में विश्व शांति के समक्ष नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं जिनसे तत्काल निपटा जाना ज़रूरी है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा: इन पांच सम्मेलनों पर रहेगी नज़र

एक बार फिर वही समय आ गया है सितंबर महीने का जब पूरी दुनिया की नज़रें न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर आकर टिकती हैं. मौक़ा होता है महासभा के वार्षिक सत्र का जिसमें विश्व के नेता जनरल डीबेट में शिरकत करने के लिए मुख्यालय पहुँचते हैं. इस साल परपंरागत रूप में देशों के प्रतिनिधियों के संबोधन के अलावा पाँच अति महत्वपूर्ण सम्मेलन व उच्च स्तरीय बैठकें भी आयोजित हो रहे हैं जिनमें मौजूदा समय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी.

जलवायु संकट से निपटने के प्रयासों को मज़बूती देगी नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना जे. मोहम्मद ने 23 सितंबर को जलवायु शिखर वार्ता के लिए न्यूयॉर्क में विश्व नेताओं के आगमन से पहले एक रिपोर्ट जारी की है जो बताती है कि जलवायु परिवर्तन की गति कम करने के लिए दुनिया किस तरह सार्थक और त्वरित क़दम उठा सकती है. बताया गया है कि इस रिपोर्ट से यह समझने में मदद मिलेगी कि जलवायु शिखर वार्ता में नेता ठोस समाधान साथ लाए हैं या फिर सिर्फ़ भाषणों के साथ यहां एकत्र हुए हैं.

जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास पर महत्वांकाक्षी कार्रवाई की पुकार

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र के उच्चस्तरीय खंड की शुरुआत से पहले यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश कहा है कि सत्र के दौरान होने वाली पांच महत्वपूर्ण बैठकों के ज़रिए सदस्य देश जलवायु संकट और अन्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान ढूंढने का प्रयास करेंगे. यूएन प्रमुख के मुताबिक़ इन पांच अहम बैठकों का होना दर्शाता है कि संयुक्त राष्ट्र विश्व में किस तरह एक अर्थपूर्ण और सकारात्मक बदलाव लाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 74वाँ वार्षिक सत्र शुरू

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि महासभा के 74वें सत्र के लिए अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे के पास वर्षों तक यूएन के साथ काम करने का अनुभव है. यूएन महासभा के नए अध्यक्ष ने ग़रीबी उन्मूलन, जलवायु कार्रवाई, गुणवत्तापरक शिक्षा और समावेशन को अपनी प्राथमिकताओं में शुमार करते हुए मंगलवार को परंपरा के अनुरूप हथौड़े की चोट के ज़रिए अपना एक वर्ष का कार्यकाल शुरू किया है.

जलवायु संकल्पों को पूरा करने के कितने पास है दुनिया?

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सितंबर में होने वाली जलवायु शिखर वार्ता की तैयारी ज़ोरों पर है जिसे हाल के दशको में होने वाले सबसे बड़े जलवायु सम्मेलनों में माना जा रहा है. जलवायु आपात स्थिति और उससे उपजती चुनौतियों के बीच इस संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन क्या मौजूदा कार्रवाई पर्याप्त है?

'दशकों में हासिल हुई प्रगति कुछ ही घंटों में ख़त्म हो सकती है'

प्राकृतिक आपदाएँ जिस तरह विकास को नकारती हैं, शायद ही कोई और वजह ऐसा करती हो, ये कहना है संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का जिन्होंने सातवें टोकियो अंतरराष्ट्रीय अफ्रीका विकास सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित किया. इस सम्मेलन का ये सातवां वर्ष है.

शहरी जीवन की चुनौतियों के टिकाऊ समाधान की तलाश के लिए सम्मेलन

बेहतर योजना और प्रबंधन के सहारे शहरों को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है और वे विविध समुदायों के बीच समरसता के मॉडल के रूप में तैयार हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को अमेरिका की साल्ट लेक सिटी में 68वीं यूएन सिविल सोसाइटी सम्मेलन में एकत्रित प्रतिनिधियों को अपने वीडियो संदेश के दौरान यह बात कही.  

जलवायु इमरजेंसी से निपटने के लिए 'मज़बूत राजनैतिक इच्छाशक्ति' की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में लोग जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने और एक हरित व स्वच्छ भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान कर रहे हैं. जी-7 नेताओं से वार्ता के दौरान उन्होंने ध्यान दिलाया कि जलवायु आपात स्थिति से निपटने के लिए साधनों की कमी नहीं है लेकिन इस संकट से पार पाने के लिए मज़बूत संकल्प और दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है.