जलवायु कार्रवाई

कॉप26: अन्तिम चरण की वार्ता का दौर खिंचा, निर्धारित अवधि से लम्बा

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में संयुक्त राष्ट्र का 26वाँ वार्षिक जलवायु सम्मलेन (कॉप26) शुक्रवार को समाप्त होना था, मगर निर्धारित समय पर ख़त्म होने के बजाय अन्तिम चरण की वार्ताओं का दौर अभी जारी है. 

कॉप26: संकल्पों पर पानी फेरती है अरबों डॉलर की जीवाश्म ईंधन सब्सिडी; जलवायु वार्ता में तेज़ी लाए जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने देशों की सरकारों से, कार्बन उत्सर्जन में कटौती, अनुकूलन और वित्त पोषण के विषय में, नपे-तुले अन्दाज़ में ज़्यादा महत्वाकांक्षा दर्शाने पर बल दिया है. स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में कॉप26 सम्मेलन के दौरान महासचिव ने गुरूवार को प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आम सहमति वाले, सबसे निचले स्तर के उपाय पर्याप्त नहीं हैं. 

कॉप26: जलवायु संकट से सर्वाधिक प्रभावितों में महिलाएँ, चुकाती हैं एक बड़ी क़ीमत

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में कॉप26 सम्मेलन के दौरान मंगलवार को, जलवायु परिवर्तन से महिलाओं पर होने वाले असर व जलवायु कार्रवाई में उनकी ज़रूरतों को समाहित किये जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई. प्राकृतिक संसाधनों की देखरेख में महिलाओं व लड़कियों के ज्ञान की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है, और उनमें निवेश के ज़रिये, पूर्ण समुदायों तक लाभ पहुँचाया जा सकता है. इस बीच, एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि कॉप26 में विश्व नेताओं की घोषणाओं के बावजूद, दुनिया विनाशकारी तापमान वृद्धि की ओर बढ़ रही है.

कॉप26: निर्बल देशों का कड़ा सन्देश, जलवायु वित्त पोषण के वादे निभाएँ विकसित देश

भीषण बाढ़, वनों में विनाशकारी आग और बढ़ता समुद्री जलस्तर, ये ऐसी वास्तविकताएँ हैं जिनका सामना अनेक विकासशील व द्वीपीय देशों को करना पड़ रहा है, और जिनसे अनगिनत लोगों के जीवन व आजीविका पर असर पड़ा है. ग्लासगो में यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) के दूसरे सप्ताह की शुरुआत पर, सोमवार को जलवायु अनुकूलन, क्षति व हानि पर चर्चा केन्द्रित रही और जलवायु जोखिमों को झेल रहे देशों ने विकसित देशों से जलवायु कार्रवाई के लिये वित्तीय सहायता के वादों को पूरा करने का आग्रह किया. 

जलवायु परिवर्तन व स्वास्थ्य जोखिम: देशों के पास समर्थन व धनराशि का अभाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु प्रभावों से आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिये, देशों की सरकारें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दे रही हैं, मगर कारगर कार्रवाई के लिये अनेक देशों के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं है.

कॉप26: ग्लासगो की सड़कों पर उतरे हज़ारों युवा कार्यकर्ता, जलवायु कार्रवाई की मांग

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन कॉप26 के दौरान शुक्रवार, 5 नवम्बरका दिन, ‘युवजन’ के नाम समर्पित रहा और हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतर कर, जलवायु कार्रवाई के समर्थन में प्रदर्शन किया. ग्लासगो का केन्द्रीय इलाक़ा इन नारों से गूंज उठा: “हम क्या चाहते हैं? जलवायु न्याय! हम यह कब चाहते हैं? अभी!”

कॉप26: ‘प्रकृति के साथ शौचालय जैसा बर्ताव’, बस बहुत हुआ – ग्लासगो में यूएन प्रमुख का कड़ा सन्देश

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में कॉप26 सम्मेलन के दूसरे दिन, दुनिया के साथ कटु वास्तविकता भरा एक सन्देश साझा किया है. उन्होंने कोयले पर निर्भरता और जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल की ‘लत’ के प्रति क्षोभ व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि से मानवता के लिये ख़तरा पैदा हो रहा है और हम अपनी क़ब्र स्वयं खोदते जा रहे हैं. 

जलवायु सम्मेलन - कॉप26, ग्लासगो में - महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

जलवायु मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था (UNFCCC) की कार्यकारी सचिव पैट्रीशिया ऐस्पिनोसा ने रविवार को, संयुक्त राष्ट्र के 26वें वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) के उदघाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि कार्बन उत्सर्जनों में त्वरित और व्यापक कटौती के अभाव में, मानवता के भविष्य के लिये गम्भीर संकट पैदा होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि जलवायु चुनौती पर पार पाने के लिये संसाधन मौजूद हैं और साझा उद्देश्य के प्रति एकता, भरोसे का स्रोत है. 

कोविड-19: जी20 नेताओं से समावेशी, न्यायोचित पुनर्बहाली का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इटली की राजधानी रोम में, शनिवार को जी20 समूह की बैठक के दौरान, देशों से कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के तहत, न्यायसंगत ढंग से टीकाकरण प्रयासों को मज़बूती देने का आहवान किया है ताकि लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सके. 

विश्व नेताओं से जल व जलवायु पर कार्रवाई को प्राथमिकता देने का आहवान 

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और नौ अन्य अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों ने, यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से पहले, विश्व नेताओं के नाम एक साझा पत्र में, जलवायु कार्रवाई की अपील जारी की है. उन्होंने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण उपजने वाले जल जोखिमों से निपटने के लिये तत्काल उपाय किये जाने ज़रूरी हैं.