जलवायु कार्रवाई

जलवायु सर्वेक्षण: जलवायु परिवर्तन है 'वैश्विक आपात स्थिति'

जलवायु परिवर्तन पर कराये गए एक सर्वेक्षण में शामिल 12 लाख में से दो-तिहाई लोगों का मानना है कि जलवायु संकट से वैश्विक स्तर पर आपात हालात पैदा हो गये है जिससे निपटने के लिये तात्कालिक क़दम उठाये जाने की आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा कराये गए इस सर्वेक्षण को जलवायु परिवर्तन पर अब तक का सबसे बड़ा सर्वे (People’s Climate Vote) माना जा रहा है जिसे विश्व की आधी से ज़्यादा आबादी वाले 50 देशों में कराया गया. 

जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई में अदालतों की बढ़ती भूमिका

हाल के वर्षों में विभिन्न देशों की अदालतों में जलवायु सम्बन्धी मुक़दमों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है जिस वजह से कोर्ट अब जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के एक अहम स्थान के रूप में उभर रही हैं. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. 

दावोस बैठक में यूएन प्रमुख का सन्देश - महामारी से पुनर्बहाली में निजी क्षेत्र की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अग्रणी व्यवसायियों को सम्बोधित करते हुए ध्यान दिलाया है कि कोविड-19 और जलवायु संकट से देशों को बाहर निकालने में निजी क्षेत्र को अहम भूमिका निभानी होगी. यूएन प्रमुख ने सोमवार को स्विट्ज़रलैण्ड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मँच की वार्षिक बैठक में वर्चुअल शिरकत करते हुए कहा कि महामारी से पुनर्बहाली की प्रक्रिया में समावेशन को सुनिश्चित करते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में क़दम बढ़ाए जाने होंगे. 

जलवायु अनुकूलन कार्यक्रमों के लिये वित्तीय संसाधनों की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायुअनुकूलन और बदलवी जलवायु के प्रति सहनक्षमता विकसित करने की योजनाओं के लिये तात्कालिक रूप से वित्तीय संसाधनों का स्तर बढ़ाने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि इन क्षेत्रों में निवेश के ज़रिये सूखा, बाढ़ और बढ़ते समुद्री जलस्तर जैसे जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से वास्तविक और स्थाई रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. 

पेरिस जलवायु समझौता: एक नज़र

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन ने पेरिस जलवायु समझौते में, फिर से शामिल होने की घोषणा की है. पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने, वर्ष 2020 में, अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से हटा लिया था. इस सन्दर्भ में, पेरिस जलवायु समझौता एक बार फिर से ज़ोरदार चर्चा में आ गया है. यहाँ प्रस्तुत है - कुछ बुनियादी जानकारी...

 

2020, अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक: यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2020 अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक रहा है और वर्ष 2016 को पीछे धकेल कर अब तक का सर्वाधिक गर्म साल साबित होने का रिकॉर्ड भी बनाने के नज़दीक था.  

नई 'जलवायु वास्तविकता' के अनुरूप बदलाव ज़रूरी, अन्यथा गम्भीर क्षति का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन प्रयासों में प्रगति हुई है, इसके बावजूद बाढ़, सूखा और बढ़ता समुद्री जलस्तर, जैसी अन्य चुनौतियों से असरदार ढँग से निपटने के लिये पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का अभाव है. यूएन एजेंसी ने गुरुवार को ‘Adaptation Gap’ नामक  रिपोर्ट को जारी कर सचेत किया है कि पुख़्ता जलवायु कार्रवाई के बग़ैर दुनिया को गम्भीर मानवीय व आर्थिक क्षति झेलनी पड़ेगी.

जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तत्काल क़दम बढ़ाने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व संगठन का मुख्य लक्ष्य इस सदी के मध्य तक कार्बन तटस्थता, यानि नैट कार्बन उत्सर्जन की स्थिति हासिल करने के लिये, वैश्विक गठबन्धन का निर्माण करना है. महासचिव गुटेरेश ने, सोमवार को जलवायु कार्रवाई पर चर्चा के लिये आयोजित एक सम्मेलन के दौरान यह बात कही है. 

कोविड-19: संकट से पुनर्बहाली, प्रकृति के साथ समरसता क़ायम करने का अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उबरने की प्रक्रिया दुनिया के लिये अपना रास्ता बदलने और मानवता को एक सामान्य पथ पर आगे बढ़ाने का अवसर है, जहाँ प्रकृति के साथ टकराव के बजाय सामंजस्य स्थापित किया जा सके. यूएन प्रमुख ने सोमवार को ‘एक ग्रह’ (One Planet) शिखर वार्ता में विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए, पृथ्वी व उसके संसाधनों का दोहन किये जाने के दुष्परिणामों के प्रति आगाह किया है. 

यूएन75: साझा उपलब्धियों पर गर्व, भावी चुनौतियों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 और जलवायु परिवर्तन सहित अन्य मौजूदा चुनौतियों से निपटने में वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया है. यूएन प्रमुख ने 10 जनवरी, 1946 को लन्दन में हुई, यूएन महासभा की पहली बैठक की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1945 के बाद से अब तक बड़ी ताक़तों के बीच सैन्य टकराव नहीं हुआ है जोकि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के लिये एक बड़ी उपलब्धि है.