जलवायु कार्रवाई

यूएन व्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में सार्थक प्रगति

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था ने वर्ष 2019 में अपने कामकाज से पर्यावरण पर हो रहे असर को कम करने की दिशा में ठोस प्रगति जारी रखी है. मौजूदा प्रयासों के तहत उत्सर्जन में कटौती आँकी गई है और आधुनिक पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली को लागू करने में सफलता मिली है. 

कोविड-19 महामारी से उबरने में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

विकासशील देश जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबल करने के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के मुताबिक इन प्रयासों के तहत कोविड-19 से उबरने और हरित पुनर्बहाली की दिशा में आर्थिक स्फूर्ति पैकेजों का सहारा लिया जा रहा है. 

कोविड-19: जी-20 समूह की बैठक से पहले आपसी एकजुटता और समर्थन का आहवान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस सप्ताहान्त जी-20 समूह के नेताओं के बीच होने वाली बैठक से पहले एकजुटता और सहयोग की अहमियत को फिर रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सन्देश स्प्ष्ट है... कोविड-19 से पुनर्बहाली को समावेशी होना होगा, निर्बलों के लिये ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, और इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को टिकाऊ व जलवायु कार्रवाई के नज़रिये से महत्वाकाँक्षी बनाना होगा. 

योरोपीय संघ से महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की अगुवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि 27 सदस्य देशों वाला योरोपीय संघ पथप्रदर्शक क़ानूनों व नीतियों के सहारे जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. यूएन प्रमुख के मुताबिक योरोपीय संघ ने यह दर्शाया है कि कार्बन उत्सर्जनों मे कटौती करते हुए भी आर्थिक प्रगति को सम्भव बनाया जा सकता है.  

जलवायु परिवर्तन: कार्बन तटस्थता की ओर ऊँची छलाँग लगाने की पुकार

ऐसे समय जब विश्व भर में वैश्विक महामारी कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयास किये जा रहे हैं, सभी देशों के पास जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने का भी अवसर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनॉमिक फ़ोरम’ के तीसरे वार्षिक सत्र के दौरान प्रभावशाली हस्तियों को वर्चुअल रूप से सम्बोधित करते हुए कोरोनावायरस संकट से उबरते समय जलवायु कार्रवाई को भी ध्यान में रखने की अहमियत पर बल दिया है.  

कोविड-19 की अपेक्षा ज़्यादा गम्भीर होंगे जलवायु व्यवधान के दुष्परिणाम – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा की पाँचवी वर्षगाँठ की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा है कि आज लिये जाने वाले निर्णय दुनिया के लिये अगले 30 वर्षों और उसे परे की दिशा को तय करेंगे. महासचिव ने आगाह किया कि अगर हम इन लक्ष्यों को पाने में विफल रहते हैं तो फिर अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और लोगों के जीवन में उत्पन्न होने वाला व्यवधान कोविड-19 के दुष्प्रभावों को भी पीछे छोड़े देगा. 

कार्बन तटस्थता हासिल करने के प्रयासों की गति बढ़ाने पर ज़ोर

वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने के लिये संकल्पित देशों की सरकारों और व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है लेकिन दुनिया अब भी उस लक्ष्य की प्राप्ति से दूर है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में प्रयासों की पैरवी के लिये सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर दिया है.

पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के बाहर होने पर खेद

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सचिवालय (UNFCCC) ने अपना ये संकल्प दोहराया है कि वो वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर क़ाबू पाने के लिये हुई ऐतिहासिक सन्धि के अनुरूप संयुक्त राज्य अमेरिका में और अन्य स्थानों पर सक्रिय अपने साझीदारों के साथ मिलकर जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने का काम करता रहेगा. 

कोरिया गणराज्य: 2050 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने के संकल्प का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरिया गणराज्य द्वारा वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता  (Carbon neutrality) हासिल करने का संकल्प लिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन प्रमुख ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम क़रार दिया है. इससे पहले सोमवार को जापान ने भी इसी अवधि में नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के प्रति अपने संकल्प को साझा किया था. 

यूएन दिवस: कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक युद्धविराम के लिये कमर कसने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में पड़ी है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला इसी संस्थापना मिशन के बल पर किया जा सकता है.